उदयपुर नगर निगम चुनाव प्रचार थमा, प्रत्याशियों ने झोंकी पूरी ताकत

Share

80 वार्डों में भाजपा-कांग्रेस के साथ निर्दलीयों ने भी किया जोरदार प्रचार, बीएपी सांसद राजकुमार रोत ने संभाला मोर्चा; मतदान तक डोर-टू-डोर संपर्क जारी रहेगा
उदयपुर, 9 सितंबर:
उदयपुर नगर निगम चुनाव के लिए चल रहा सार्वजनिक प्रचार बुधवार शाम 6 बजे थम गया। अंतिम दिन प्रत्याशियों ने वाहन रैलियों, छोटी सभाओं और जनसंपर्क के जरिए मतदाताओं को साधने में पूरी ताकत लगा दी। अब मतदान तक सार्वजनिक प्रचार पर रोक रहेगी, लेकिन प्रत्याशी व्यक्तिगत रूप से घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर सकेंगे। शहर के 80 वार्डों में भाजपा, कांग्रेस, बीएपी और निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है।
बड़े नेताओं की सक्रियता से बढ़ा चुनावी तापमान
चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी ताकत झोंकी। बीएपी सांसद राजकुमार रोत भी कई वार्डों में पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में पहुंचे और मतदाताओं से समर्थन की अपील की। वहीं भाजपा और कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने भी प्रत्याशियों के पक्ष में जनसंपर्क और सभाएं कीं।
दिग्गजों के वार्ड में निर्दलीयों ने बढ़ाई चुनौती
भाजपा-कांग्रेस के कुछ प्रभावशाली नेताओं से जुड़े वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने मुकाबला रोचक बना दिया है। अतुल चंडालिया, आकाश वागरेचा, दिनेश भट्ट और प्रमोद सामर से जुड़े वार्डों में प्रत्याशियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। कांग्रेस खेमे में जिलाध्यक्ष फतेहसिंह राठौड़ की पत्नी पूनम कुंवर, अरुण टांक, हितांशी शर्मा, शंकर चंदेल और लक्ष्मीनारायण मेघवाल की प्रतिष्ठा भी दांव पर है।
विकास के दावों पर आमने-सामने भाजपा-कांग्रेस
चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने अपने कार्यों और उपलब्धियों को मुद्दा बनाया, जबकि कांग्रेस ने इन्हीं कार्यों में रही कमियों को लेकर भाजपा को घेरा। वार्ड 45 में दिनेश भट्ट और पंकज सुखवाल ने अपने-अपने विजन के जरिए क्षेत्र के विकास का दावा किया।
वार्ड 12 में यतेन्द्र दाधीच ने रखा विकास का विजन
निर्दलीय प्रत्याशी यतेन्द्र दाधीच ने वार्ड 12 को स्वच्छ, सुंदर और सुविधासंपन्न बनाने का संकल्प जताया। उन्होंने पर्याप्त पेयजल के लिए नई उच्च क्षमता वाली टंकी, सड़कों के निर्माण व सुदृढ़ीकरण, नियमित कचरा संग्रहण, पक्की नालियों, स्ट्रीट लाइट सुधार, सार्वजनिक शौचालय और महिला स्नानागार की व्यवस्था को प्राथमिकता बताया। पुराने पनघटों के जीर्णोद्धार, आवासीय पट्टों के नियमितीकरण, नियमित जनसुनवाई और वार्ड संवाद के साथ आधुनिक सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम के निर्माण का भी विजन रखा।