उदयपुर में फिर लगेगा स्वास्थ्य का ‘महाकुंभ’, 3-4 अक्टूबर को होगा निःशुल्क ग्लोबल हेल्थ एंड वेलनेस फेस्टिवल,पोस्टर विमोचन हुआ

Share

मुफ्त विशेषज्ञ परामर्श, हेल्थ चेकअप और अत्याधुनिक जांचों की सुविधा; ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता अभियान भी होगा आकर्षण
उदयपुर।
स्वास्थ्य जागरूकता, चिकित्सा परामर्श और जनकल्याण को समर्पित ग्लोबल हेल्थ एंड वेलनेस फेस्टिवल (जीएचडब्ल्यूएफ) उदयपुर-2026 का आयोजन 3 और 4 अक्टूबर को होगा। जिसका आज पारस हॉस्पीटल में पोस्टर विमोचन किया गया।  
फाउंडेशन के हिम्मतसिंह ने बताया कि ग्लोबल आरोग्य हेल्थकेयर फाउंडेशन की पहल पर जस्ट हेल्थ एंड वेलनेस द्वारा बिजनेस सर्कल इंटरनेशनल के सहयोग से आयोजित यह फेस्टिवल श्रृंखला का छठां सीजन और उदयपुर में दूसरा संस्करण है। इस बार आयोजन को दो दिवसीय स्वरूप दिया गया है।
3 अक्टूबर को सम्मान और नेटवर्किंग कार्यक्रम-बीसीआई के संस्थापक मुकेश माधवानी ने बताया कि फेस्टिवल की शुरुआत 3 अक्टूबर को स्टर्लिंग अरावली में ‘टॉप 50 हेल्थकेयर अवार्ड्स’ एवं प्री-नेटवर्किंग से होगी। राजस्थान के हेल्थकेयर और हेल्थ इंश्योरेंस क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले चिकित्सकों एवं प्रोफेशनल्स को सम्मानित किया जाएगा, साथ ही राज्य की आर्थिक एवं सामाजिक प्रगति में योगदान देने वाले 20 प्रमुख बिजनेस घरानों को भी विशेष सम्मान प्रदान किया जाएगा।
4 अक्टूबर को आमजन के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा मंच- पारस हेल्थ के फसिलिटी डायरेक्टर अनुभव सुखवानी ने बताया कि फेस्टिवल के मुख्य दिन 4 अक्टूबर को विभिन्न सुपर-स्पेशियलिटी विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सक एक ही मंच पर उपलब्ध रहेंगे और शहरवासियों को निःशुल्क विशेषज्ञ चिकित्सा परामर्श देंगे। इसके साथ विभिन्न प्रकार की हेल्थ स्क्रीनिंग भी निशुल्क कराई जाएगी।
चिकित्सकीय परामर्श के बाद जरूरत वाले चयनित लोगों को टीएमटी, यूएसजी, 2डी इको और एमआरआई जैसी अत्याधुनिक जांचों के लिए मुफ्त कूपन उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी रहेगी।
ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता पर विशेष जोर-हिम्मतसिंह ने बताया कि महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विशेष ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस ड्राइव आयोजित की जाएगी। इसमें महिलाओं को बीमारी की समय रहते पहचान, बचाव और नियमित जांच के प्रति जागरूक किया जाएगा तथा मैमोग्राफी स्क्रीनिंग की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
पांच पैनल डिस्कशन में विशेषज्ञ बताएंगे स्वस्थ जीवन के मंत्र-फेस्टिवल के दौरान स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर पांच पैनल डिस्कशन होंगे। इनमें विशेषज्ञ चिकित्सक और प्रमुख वक्ता आमजन से जुड़े स्वास्थ्य मुद्दों पर चर्चा करेंगे। बीमारी के उपचार के साथ बचाव, समय पर जांच और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व को सरल भाषा में समझाया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार जीएचडब्ल्यूएफ का उद्देश्य केवल एक आयोजन करना नहीं, बल्कि “बीमारी के बाद इलाज से पहले जागरूकता और बचाव” की सोच को मजबूत करना है। फेस्टिवल के माध्यम से चिकित्सकों, अस्पतालों, स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र, बिजनेस कम्युनिटी और आमजन को एक मंच पर लाकर स्वस्थ एवं जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में प्रयास किया जाएगा।
आयोजको में जस्ट हेल्थ एंड वेलनेस, बिजनेस सर्कल इंटरनेशनल,पारस हेल्थ केयर का सहयोग है।
इस अवसर पर पोस्टरविमोचन में एसोसिएट्स ज़ोनल हेड राहुल पचौरी, एस एन अरिया हेड केयर
के मयूर व्यास आई दूह मीडिया के मार्केटिंग कंसल्टेंट मनीष मेनारिया, जनरल मैनेजर, पारस हेल्थ उदयपुर के सेल्स एवं मार्केटिंग डॉ. वैशाली बोडेलेतथा बीसीआई उत्सव के संजीव पटवा मौजूद थे।

पर्युषण के तीसरे दिन गूंजा समता का संदेश, सामयिक से आत्मशुद्धि की ओर बढ़ने का आह्वान
महाप्रज्ञ विहार में तेरापंथ समाज का धार्मिक आयोजन, मुनिश्री ने बताई सामयिक की विधि, महत्व और मर्यादाएं
उदयपुर।
श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ समाज के आठ दिवसीय पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के तीसरे दिन सामयिक दिवस के रूप में मनाया गया। महाप्रज्ञ विहार में युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी के आज्ञानुवर्ती मुनि संजय कुमार दिवेर, मुनि प्रकाश कुमार दिवेर एवं मुनि सिद्धि प्रज्ञ उज्जैन के सान्निध्य में आयोजित धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारंभ महिला मंडल की सदस्याओं के मंगलाचरण से हुआ। इस दौरान सामयिक की महिमा पर आधारित सुंदर गीतिका भी प्रस्तुत की गई।
मतदान के लिए किया प्रेरित-धर्मसभा से पूर्व चुनाव प्रत्याशी अतुल चंडालिया ने महाप्रज्ञ विहार पहुंचकर मुनिश्री का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर मुनिश्री ने उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता के मतदान से सरकार का चयन होता है, इसलिए प्रत्येक नागरिक को समय निकालकर अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए।
सामयिक आत्मशुद्धि और समता का माध्यम
धर्मसभा में मुनिश्री ने सामयिक के महत्व, प्रकार, विधि और आवश्यक सावधानियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सामयिक आत्मशुद्धि का माध्यम है। यह चित्त को शांत करने के साथ व्यक्ति को आत्मा से जोड़ने का प्रयास कराती है। सामयिक से प्राणी मात्र के प्रति समता, संयम और सहनशीलता का भाव विकसित होता है।
मुनिश्री ने कहा कि सामयिक का मूल अर्थ ही समता है। इसके माध्यम से व्यक्ति बाहरी गतिविधियों से हटकर अपने भीतर लौटता है और आत्मचिंतन करता है। क्रोध जैसी कषायों से बचने तथा अशुभ ध्यान से दूर रहने में भी सामयिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने कहा कि आसन उपलब्ध हो तो उसका उपयोग करना उचित है, लेकिन आवश्यकता होने पर आंगन में बैठकर भी सामयिक की जा सकती है। सामयिक के दौरान न कुछ लेना चाहिए, न देना और धार्मिक लेखन भी नहीं करना चाहिए। चलती ट्रेन या कार में सामयिक नहीं करनी चाहिए। प्रतिक्रमण किया जा सकता है। बीमारी के कारण बैठने में असमर्थ व्यक्ति लेटे-लेटे भी सामयिक कर सकता है।
मुनिश्री ने तेरापंथ धर्मसंघ की मर्यादाओं और अनुशासन पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी तपस्या समता, सहनशीलता और सद्भाव है। वर्तमान समय में जीवन में समता और अनुशासन का अभाव दिखाई देता है, ऐसे में सामयिक व्यक्ति को इन गुणों के विकास की दिशा दिखाती है। उन्होंने बताया कि तेरापंथ धर्मसंघ में आचार्य की आज्ञा सर्वाेपरि है। चतुर्मास और विहार भी आचार्य की आज्ञा से होते हैं। तेरापंथ सभा उदयपुर के अध्यक्ष राजकुमार कच्छारा और मंत्री राकेश नाहर ने बताया कि शुक्रवार 11 सितम्बर को वाणी संयम दिवस मनाया जायेगा।

पर्युषण आत्मा का महापर्व, तप-संयम से होता आत्मकल्याणःडॉ. सुरेन्द्र मुनि
उदयपुर।
देवेन्द्र धाम स्थित महावीर समवसरण में 10 सितम्बर को आयोजित धर्मसभा में डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने कहा कि पर्युषण आत्मा का महापर्व है। तप, त्याग और संयम के माध्यम से ही आत्मकल्याण संभव है। उन्होंने कहा कि आज मानव भौतिक सुख-सुविधाओं की अंधी दौड़ में आध्यात्मिकता और आत्मचिंतन को भूलता जा रहा है।
डॉ. मुनि ने कहा कि जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख प्राप्त करना नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और आत्मकल्याण की ओर बढ़ना है। इच्छाएं लगातार बढ़ती हैं और इनके बढ़ने से मन अशांत होता जाता है। संयम, संतोष और सद्विचारों के माध्यम से ही इच्छाओं पर नियंत्रण पाया जा सकता है। संयम को अमृत के समान बताते हुए उन्होंने कहा कि यह जीवन को सार्थक बनाने का मार्ग है।
धर्मसभा में डॉ. राजेन्द्र मुनि ने कहा कि पर्युषण आत्मशुद्धि और साधना का पर्व है। इन दिनों व्यक्ति आत्मचिंतन और मनन के माध्यम से स्वयं के भीतर झांकता है। उन्होंने कहा कि संसार के सभी भौतिक पदार्थ परिवर्तनशील हैं, फिर भी मनुष्य उनमें आसक्त हो जाता है। जीवन का प्रत्येक क्षण कम होता जा रहा है, इसलिए समय का सदुपयोग आत्मकल्याण में करना चाहिए।
उपाध्याय रमेश मुनि एवं मुनि दीपेश ने मंगल गान तथा सामूहिक तप-त्याग के प्रत्याख्यान कराए। श्रीसंघ अध्यक्ष एडवोकेट रोशनलाल जैन ने बताया कि नवकार महामंत्र के आठ दिवसीय जाप में सैकड़ों समाजजन भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर अतुल चंडालिया, महेन्द्रसिंह शेखावत एवं उद्योगपति राजेन्द्र हरलालका का अभिनंदन किया गया।

पर्युषण के तीसरे दिन गूंजा कल्पसूत्र वाचन, साध्वी विद्युतप्रभा ने दिया आत्मशुद्धि व क्षमापना का संदेश,साध्वीजी को कल्पसूत्र वोहराया गया
उदयपुर।
वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के तीसरे दिन श्री कल्पसूत्र वाचन का शुभारंभ हुआ। इससे पूर्व हेमंत-हेमलता लोढ़ा एवं परिवार ने साध्वी डॉ. विद्युतप्रभा श्रीजी की पावन निश्रा में श्री कल्पसूत्र वोहराने का लाभ लिया। इस अवसर पर भगवान महावीर स्वामी के जीवन चरित्र एवं जैन धर्म की गौरवशाली परंपरा से जुड़े कल्पसूत्र ग्रंथ के प्रति श्रद्धा और भक्तिभाव व्यक्त किया गया।
सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं की उपस्थिति में आयोजित भव्य धर्मसभा को संबोधित करते हुए साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी ने कहा कि जिन शासन में कल्पसूत्र का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। पर्युषण आत्मशुद्धि और आत्मकल्याण का महापर्व है। इसकी आराधना से जीवन की बुराइयों और मन के मैल को दूर किया जा सकता है। पर्युषण में आत्मा को पवित्र करने की अद्भुत शक्ति है, आवश्यकता केवल इसे सही भाव से आत्मसात करने की है।
उन्होंने कहा कि पर्युषण के पांच कर्तव्यों में क्षमापना का विशेष महत्व है। क्षमा का भाव आत्मा में उतर जाए तो व्यक्ति का जीवन अत्यंत सुंदर बन सकता है। शरीर नश्वर है, आत्मा ही वास्तविक सत्ता है, इसलिए जीवन रहते मन के विकारों और कषायों को कमजोर करने का प्रयास करना चाहिए।
साध्वी श्रीजी ने गौतम स्वामी के जीवन प्रसंग के माध्यम से सरलता, समर्पण और गुरु भक्ति का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि गौतम स्वामी महावीर स्वामी से उम्र में बड़े थे, लेकिन भगवान महावीर के सान्निध्य में उनके कषाय शांत हुए और उनमें विनम्रता व समर्पण का भाव विकसित हुआ। आनंद श्रावक को अवधि ज्ञान होने के प्रसंग से उन्होंने कहा कि शिष्य में योग्यता का विकास होना गुरु के लिए भी गौरव का विषय है।
उन्होंने कहा कि कषायों को कमजोर करने के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक है। जिस प्रकार पत्थर एक ही चोट में नहीं टूटता, उसी प्रकार आत्मिक विकार भी लगातार साधना से दूर होते हैं। सौवीं चोट में पत्थर टूटे तो भी पहली चोट का महत्व कम नहीं होता। इसलिए जीवन के शेष समय में भी जागकर आत्मकल्याण की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए।
इस अवसर पर साध्वी प्रज्ञानजना श्रीजी, साध्वी नमनरुचि श्रीजी, साध्वी योगरुचि श्रीजी एवं साध्वी तन्मयरुचि श्रीजी ने भक्तिमय गीत प्रस्तुत किया।

हलवाई समाज की प्रतिभाओं का होगा सम्मान, मंत्री बाबूलाल खराड़ी रहेंगे मुख्य अतिथि
15 सितम्बर को अशोका ग्रीन में होगा भव्य समारोह, 500 से अधिक हलवाई व्यापारी जुटेंगे

उदयपुर। हलवाई व्यापार कल्याण संस्था, उदयपुर राजस्थान (रजिस्टर्ड) की ओर से हलवाई व्यापार से जुड़े उत्कृष्ट व्यापारियों के सम्मान में 15 सितम्बर को भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। 100 फीट रोड स्थित अशोका ग्रीन में शाम 5 बजे से होने वाले समारोह में कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
समारोह की तैयारियों को लेकर संस्था के सदस्यों ने गुरुवार को संस्थापक अध्यक्ष हरीश कुमार भट्ट के नेतृत्व में कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी से कोटड़ा स्थित उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान संस्था पदाधिकारियों ने उन्हें समारोह में पधारने का निमंत्रण दिया। मंत्री खराड़ी ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए कार्यक्रम में शामिल होने की सहमति प्रदान की।
संस्थापक अध्यक्ष हरीश कुमार भट्ट ने बताया कि समारोह के माध्यम से हलवाई व्यवसाय में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यापारियों का सम्मान किया जाएगा। वहीं महासचिव मुकेश माधवानी ने बताया कि ऐसे हलवाइयों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने स्वाद, गुणवत्ता और सेवा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है तथा हलवाई व्यापार को राजस्थान सहित देशभर में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में योगदान दिया है।
उन्होंने बताया कि ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ जैसे अभियानों तक हलवाई व्यापार की पहुंच बनाने वाले व्यापारियों के योगदान को भी सम्मानित किया जाएगा। समारोह में 500 से अधिक हलवाई व्यापारी शामिल होंगे। इस अवसर पर रमेश औदीच्य, प्रकाश भट्ट, दुर्गाशंकर सुथार, दिनेश सुथार और फतेहलाल भाट सहित संस्था के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

अखिल भारतीय अग्रवाल महासभा जिला महिला प्रकोष्ठ ने गौ शाला में हरा चारा खिलाया
उदयपुर।
अग्रवाल महासभा जिला ईकाई महिला प्रकोष्ठ की महामंत्री रेखा अग्रवाल ने बताया कि आज अमावस्या के पावन अवसर पर जिला महिला प्रकोष्ठ द्वारा पशुपति कल्याण परिषद गो शाला बलीचा में गायों को एक ट्रक हरा चारा खिलाया गया। महिला प्रकोष्ठ द्वारा यह पुनीत सेवा कार्य हर माह अमावस्या के दिन किया जाता है।
इस कार्य में मुख्य रूप से वीणा ओमप्रकाश अग्रवाल,दिलीप अग्रवाल,अमिता भंडारी एवं अन्य कई मातृ शक्ति द्वारा अपना योगदान आर्थिक सहयोग दिया जाता है।
आज के इस पुनीत कार्य में मुख्य रूप से प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश अग्रवाल,महिला प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष पुष्पलता तायल, महामंत्री रेखा अग्रवाल, घनश्याम मित्तल, किशन लाल गुप्ता, हिम कुमार ऐरन, महिला प्रकोष्ठ की,सरिता बंसल, लीलावती मित्तल, अमिता भंडारी,सहित अनेक महिला प्रकोष्ठ की बहने उपस्थित रही। अंत में गौ शाला सचिव सुमन बॉस द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया।