सज्जनगढ़ अभ्यारण्य के मुख्य द्वार पर दूसरे दिन भी प्रदर्शन, भूमि अधिकारों की रक्षा को लेकर उठी आवाज
उदयपुर, 23 अगस्त: सज्जनगढ़ वन्यजीव अभ्यारण्य के इको सेंसेटिव जोन और एक किलोमीटर के नो-कंस्ट्रक्शन जोन को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सज्जनगढ़ अभ्यारण्य के मुख्य द्वार पर धरना देकर वन विभाग और यूडीए के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो महापंचायत बुलाकर व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
गजट और मास्टर प्लान की विसंगतियों पर सवाल
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि इको सेंसेटिव जोन के गजट नोटिफिकेशन और जोनल मास्टर प्लान में कई गंभीर विसंगतियां हैं, जिनका सीधा असर स्थानीय लोगों के जीवन और आजीविका पर पड़ रहा है। उनका आरोप है कि यूडीए की स्थापना से पूर्व जारी पट्टों को भी अमान्य मानने की तैयारी की जा रही है, जिससे वर्षों से बसे लोगों के सामने विस्थापन का खतरा खड़ा हो गया है।
“प्राकृतिक क्षेत्र बचाया, अब अधिकार छीने जा रहे”
ग्रामीणों ने कहा कि वे पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के पक्षधर हैं, लेकिन उनके द्वारा संरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र से ही उन्हें बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शन में बड़ी गांव, हवाला, गोरेला, मोरवनिया, ओदी, सीसारमा, हाथीधरा, कोड़ीयात और रामपुरा के ग्रामीण शामिल हुए। उनका कहना है कि इस जोन के कारण भूमि अधिकार, निर्माण कार्य और छोटे व्यवसाय भी प्रभावित हो रहे हैं।