आदिवासी अधिकार, रोजगार, स्वास्थ्य और वन भूमि के मुद्दों पर सरकारों को घेरा
उदयपुर, 15 जून: माकपा की गोगुंदा तहसील कमेटी की ओर से भानपुरा में आयोजित बैठक में आदिवासी अधिकार, रोजगार, स्वास्थ्य सुविधाओं और वन भूमि के मुद्दों को लेकर केंद्र व राज्य सरकारों की नीतियों की आलोचना की गई। बैठक में शामिल वक्ताओं ने कहा कि जब शासन-प्रशासन और समाज आमजन की समस्याएं नहीं सुनते, तब संघर्ष का प्रतीक लाल झंडा लोगों के साथ खड़ा होता है।
माकपा जिला सचिव राजेश सिंघवी ने कहा कि वर्तमान दौर में निराशा के बीच लाल झंडा ही गरीब, मजदूर और वंचित वर्गों के लिए उम्मीद का प्रतीक है। जिला सचिव मंडल सदस्य गुमान सिंह राव ने भाजपा और कांग्रेस पर जनता की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि गोगुंदा क्षेत्र की गरीब जनता अब अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर संघर्ष करेगी।
आदिवासी जन अधिकार एका मंच के जिला अध्यक्ष हाकरचंद खराड़ी ने आदिवासियों को वन भूमि से बेदखल किए जाने का मुद्दा उठाया। वहीं शहर सचिव हीरालाल सालवी ने क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और बढ़ती बीमारियों पर चिंता व्यक्त की।
बैठक में रोजगार, कृषि संकट, जनगणना में आदिवासी कॉलम जोड़ने और वन संरक्षण नीतियों को लेकर भी चर्चा हुई। किसान नेता कानाराम और सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मण गरासिया ने आदिवासी समुदाय के अधिकारों की सुरक्षा की मांग उठाई। बैठक की अध्यक्षता जनजीतराम और वरदाराम ने की तथा कार्यक्रम का शुभारंभ ध्वजारोहण के साथ हुआ।