मोर की संख्या में भारी गिरावट से बढ़ी चिंता
डूंगरपुर, 6 मई (जुगल कलाल): जिले में हुई ताजा वन्यजीव गणना ने मिश्रित तस्वीर पेश की है। जहां एक ओर कुल वन्यजीवों की संख्या में 1578 की गिरावट दर्ज की गई है, वहीं लेपर्ड (पैंथर) की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी सामने आई है। सबसे ज्यादा चिंता राष्ट्रीय पक्षी मोर की संख्या में 1110 की भारी कमी को लेकर जताई जा रही है।
वन विभाग ने बुद्ध पूर्णिमा पर 42 वॉटर होल्स पर 24 घंटे का विशेष अभियान चलाकर यह गणना की, जिसमें 110 वनकर्मियों ने हिस्सा लिया। वर्ष 2026 में कुल 8019 वन्यजीव दर्ज किए गए, जबकि 2025 में यह संख्या 9597 थी।
सकारात्मक पहलू यह रहा कि लेपर्ड की संख्या 21 से बढ़कर 36 हो गई है, जो एक साल में 15 की वृद्धि दर्शाती है। इसके अलावा लंगूर, लोमड़ी, मगरमच्छ और सारस की संख्या में भी इजाफा हुआ है। हालांकि नीलगाय, खरगोश, सियार और विशेष रूप से मोर की संख्या में गिरावट ने चिंता बढ़ा दी है। गिद्धों का लगभग गायब होना भी पर्यावरणीय असंतुलन का संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जैव विविधता बनाए रखने के लिए संरक्षण प्रयासों को और मजबूत करना जरूरी है।