इलाज के दौरान महिला की मौत

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गुस्साए परिजनों ने क्लिनिक का बोर्ड तोड़ा, ससुर बोला-ड्रिप चढ़ाने के बाद बिगड़ी तबीयत; मुंह से झाग आने लगे
उदयपुर, 12 अगस्त:
उदयपुर के सूरजपोल थाना क्षेत्र में बुधवार को उपचार कराने पहुंची 26 वर्षीया एक महिला की इलाज के दौरान निजी क्लीनिक में मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों ने करीब डेढ़ घंटे तक क्लिनिक के बाहर हंगामा किया। गुस्साए परिजनों ने क्लिनिक का बोर्ड भी तोड़ दिया, हालांकि इससे पहले डॉक्टर क्लिनिक बंद करके वहां से भाग निकला।
घटना सुबह 9 बजे की है, तब बापू बाजार स्थित डॉ बख्तारवारलाल क्लिनिक पर रामपुरा अंबावाड़ी निवासी श्रद्धा तेली(26) उपचार कराने पहुंची थी। मृतक के ससुर शिवलाल ने बताया कि पेट दर्द की शिकायत पर श्रद्धा को इलाज के लिए क्लिनिक ले गए थे। वहां डॉक्टर ने श्रद्धा की जांच करते हुए ग्लूकोज की ​ड्रिप चढ़ाई। मैं पास ही बैठा था। एक ड्रिप खत्म होने पर दूसरी ड्रिप लगाई। जिसमें एक इंजेक्शन भी लगाया। जिसके बाद श्रद्धा की तबीयत अचानक बिगड़ती गई और उसके मुंह से झाग आने लगे और वह तड़पते हुए बेहोश हो गई। मैंने तुरंत डॉक्टर को बताया ​तो वह कुछ संतुष्ट जबाव नहीं दे सका। उसी डॉक्टर ने तुरंत एंबुलेंस बुलाकर बहु को जागृत हॉस्पिटल रेफर किया। जहां डॉक्टरों ने श्रद्धा को मृत घोषित कर दिया।


डेढ़ घंटे चला हंगामा, धरने पर बैठे परिजन
माहौल गर्माता देख डीएसपी छवि शर्मा और सूरजपोल थानाधिकारी सूर्यभान सिंह भी जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों से समझाइश की। परिजन क्लिनिक को सीज करने, डॉक्टर के ​खिलाफ कानूनी कार्रवाई और मुआवजे की मांग पर अड़ गए। करीब डेढ घंटे तक चले हंगामे के बाद मामला शांत हुआ। इसके बाद परिजन और समाज के लोग मोर्च्यूरी आ गए। लोगों का कहना था कि मांग पूरी नहीं होने तक वे शव नहीं उठाएंगे। मृतका के परिजन मोर्च्यूरी के बाहर धरने पर बैठे हैं। उनका एक प्रतिनिधि मंडल अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर के पास गया है।
क्लिनिक तुरंत सीज करे प्रशासन: पति हरीश
पति हरीश तेली ने रोते हुए बताया कि पत्नी को पेट दर्द की शिकायत थी। वह घर से अच्छी हालत में ही निकली थी। मुझे अफसोस है कि मैं पत्नी को यहां नहीं भेजता तो उसकी ये हालत नहीं होती। ऐसे क्लिनिक को तुरंत सीज किया जाए। डॉक्टर ने परामर्श पर्ची पर जागृति हॉस्पिटल रेफर किए जाने की बात लिखी थी, जिसे डॉक्टर ने बाद में पेन से गोला करके मिटा दिया, जबकि सरकारी हॉस्पिटल में रेफर ​करना चाहिए था। बतादें, मृतका का पति हरीश तेली मसाला फैक्ट्री में काम करता है। उसके एक 2 साल की बेटी और एक 7 महीने का बेटा है। श्रद्दा को क्लिनिक इलाज के लिए ससुर लेकर गया था।