गोपाल लोहार
उदयपुर, 12 अप्रैल: राजस्थान में जल जीवन मिशन से जुड़े करोड़ों रुपये के कथित घोटाले के बाद अब उदयपुर संभाग में हुए कार्यों की भी गहन जांच के आदेश दिए गए हैं। सरकार और जांच एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि मिशन के तहत किए गए निर्माण कार्यों, पाइपलाइन बिछाने, जल स्रोतों के विकास और खर्च की पारदर्शिता की बारीकी से समीक्षा की जाएगी।
गौरतलब है कि इस पूरे मामले में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी हो चुकी है। फिलहाल उन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां उनसे परियोजनाओं की स्वीकृति, बजट आवंटन और ठेके प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों और निर्णयों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।
इसी प्रकरण में पुलिस ने पिछले महीने उदयपुर से विभाग के तत्कालीन चीफ इंजीनियर समेत कई वरिष्ठ अभियंताओं को भी गिरफ्तार किया था। इन अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने नियमों की अनदेखी कर कार्यों को स्वीकृति दी और गुणवत्ता में समझौता करते हुए भारी वित्तीय अनियमितताएं कीं।
सूत्रों के अनुसार उदयपुर संभाग के कई क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के तहत अधूरे कार्य, घटिया सामग्री के उपयोग और बिना कार्य पूर्ण किए भुगतान करने जैसी शिकायतें सामने आई हैं। इन शिकायतों के आधार पर अब तकनीकी टीमों और वित्तीय ऑडिट के जरिए जांच को तेज किया जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि जांच के दौरान यदि और अधिकारियों या ठेकेदारों की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए यह सुनिश्चित करना चाहती है कि जनता तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की इस महत्वाकांक्षी योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।