फंदे से बचा युवक अस्पताल में हुआ हिंसक

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डॉक्टर बोले- गर्दन की नस दबने से दिमाग तक ऑक्सीजन प्रभावित, उदयपुर रेफर
बांसवाड़ा, 4 जुलाई:
सज्जनगढ़ थाना क्षेत्र में आत्महत्या का प्रयास करने वाले 25 वर्षीय युवक को परिजनों ने समय रहते फंदे से उतारकर बचा लिया, लेकिन अस्पताल में होश आने के बाद उसकी हालत असामान्य हो गई। युवक हिंसक व्यवहार करने लगा और अस्पताल में मौजूद लोगों पर हमला करने तथा इधर-उधर दौड़ने लगा। स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे उदयपुर रेफर कर दिया।
जानकारी के अनुसार युवक ने अज्ञात कारणों से घर में फंदा लगा लिया था। परिजन तत्काल उसे बांसवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार से उसकी जान बच गई।
एमजी अस्पताल के चिकित्सक डॉ. हरीश चरपोटा ने बताया कि फंदा लगाने से गर्दन की नसें दबने के कारण दिमाग तक रक्त और ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से मरीज में असामान्य और हिंसक व्यवहार देखने को मिला। युवक के बेकाबू होने पर परिजनों ने उसके हाथ-पैर बांधकर एंबुलेंस से उदयपुर के लिए रवाना किया, जहां उसका विशेषज्ञ उपचार किया जाएगा।