महाराणा प्रताप के वंशज डॉ. लक्ष्यराजसिंह मेवाड़ ने महाराणा प्रताप की अश्वारूढ़ प्रतिमा का विशेष पूजन-अर्चन कियाउदयपुर, 17 जून: वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती पर मोती मगरी स्थित महाराणा प्रताप स्मारक श्रद्धा, भक्ति और गौरव के रंग में रंग गया।मेवाड़ के 77वें श्री एकलिंग दीवान डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की ओर से महाराणा […]
NTCA की टेक्निकल कमेटी ने प्रस्ताव को दी मंजूरी, अरावली में बाघ संरक्षण को मिलेगी नई मजबूतीउदयपुर, 16 जून: राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की टेक्निकल कमेटी ने राजसमंद जिले स्थित कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य को टाइगर रिजर्व घोषित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही कुंभलगढ़ राजस्थान का छठा तथा देश […]
हल्दीघाटी को मूल स्वरूप में संरक्षित रखने और पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्पउदयपुर, 16 जून: वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती की पूर्व संध्या पर शांतिपीठ संस्थान के तत्वावधान में आयोजित हल्दीघाटी यात्रा एवं संगोष्ठी में वक्ताओं ने महाराणा प्रताप को विश्वभर के लिए प्रेरणा का स्रोत बताते हुए उनके आदर्शों को वर्तमान समय में अपनाने […]
महाराणा प्रताप जयंती व हल्दीघाटी विजय के 450वें वर्ष पर भव्य आयोजन, 30 हजार लोगों के जुटने का अनुमानउदयपुर, 16 जून : वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती एवं हल्दीघाटी विजय सार्द्ध चतु:शती समारोह के तहत बुधवार को महाराणा भूपाल स्टेडियम (गांधी ग्राउंड) में विशाल राष्ट्र चेतना संकल्प सभा आयोजित होगी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक […]
प्रो. महेश शर्मामहाराणा प्रताप को प्रायः केवल एक युद्धवीर के रूप में स्मरण किया जाता है, जबकि उनका व्यक्तित्व इससे कहीं अधिक व्यापक था। उनके 25 वर्षीय शासनकाल (1572–1597) का लगभग आधा समय संघर्ष में और आधा समय मेवाड़ के पुनर्निर्माण में बीता।1572 से 1585 तक उन्होंने मुगल दबाव, हल्दीघाटी के युद्ध और अरावली के […]