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कुंभलगढ़ बनेगा राजस्थान का छठा टाइगर रिजर्व

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कुंभलगढ़ बनेगा राजस्थान का छठा टाइगर रिजर्व

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NTCA की टेक्निकल कमेटी ने प्रस्ताव को दी मंजूरी, अरावली में बाघ संरक्षण को मिलेगी नई मजबूती
उदयपुर, 16 जून:
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की टेक्निकल कमेटी ने राजसमंद जिले स्थित कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य को टाइगर रिजर्व घोषित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही कुंभलगढ़ राजस्थान का छठा तथा देश का 59वां टाइगर रिजर्व बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा चुका है। अब जल्द ही इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी होने की संभावना है।
उदयपुर वन्यजीव विंग के मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) सेडूराम यादव ने बताया कि एनटीसीए की बैठक में प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति मिल गई है। प्राधिकरण ने कुछ अतिरिक्त जानकारियां मांगी हैं, जिन्हें शीघ्र उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसके बाद अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। बैठक में मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक अरुण प्रसाद, उदयपुर वन्यजीव विंग एवं राजसमंद वन विभाग के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य राजसमंद, उदयपुर और पाली जिलों में फैला हुआ है तथा अरावली पर्वतमाला की दुर्गम पहाड़ियों, गहरी घाटियों और घने वनों के लिए प्रसिद्ध है। यहां धोक, खैर, महुआ, सालार और बेर जैसे वृक्षों से समृद्ध वन क्षेत्र मौजूद हैं। वर्तमान में यहां बाघों की स्थायी मौजूदगी नहीं है, लेकिन तेंदुआ, भारतीय भेड़िया, स्लॉथ बियर, लकड़बग्घा, सियार, जंगली बिल्ली, सांभर, नीलगाय, चिंकारा और दुर्लभ चौसिंगा जैसे वन्यजीव बड़ी संख्या में पाए जाते हैं। यह क्षेत्र भेड़ियों के सफल प्रजनन केंद्र के रूप में भी पहचान रखता है।
वन विशेषज्ञों का मानना है कि टाइगर रिजर्व का दर्जा मिलने से आवास प्रबंधन, वन्यजीव निगरानी और संरक्षण गतिविधियों को नई गति मिलेगी। इससे अरावली क्षेत्र में जैव विविधता संरक्षण को मजबूती मिलेगी और इको-टूरिज्म के नए अवसर विकसित होंगे। वन्यजीव प्रेमी अनिल रोजर्स ने इसे मेवाड़ और मारवाड़ के जंगलों में बाघों की वापसी की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान में राजस्थान में रणथंभौर, सरिस्का, मुकुंदरा हिल्स, रामगढ़ विषधारी और धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व हैं। कुंभलगढ़ के जुड़ने से प्रदेश का बाघ संरक्षण नेटवर्क और अधिक सशक्त होगा। साथ ही यह देश का सबसे पश्चिमी टाइगर रिजर्व भी बन जाएगा।

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