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भाजपा-कांग्रेस के बागी नहीं माने, कार्रवाई भी नहीं

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भाजपा-कांग्रेस के बागी नहीं माने, कार्रवाई भी नहीं

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नगर निगम चुनाव में दोनों दलों की बढ़ी चिंता; कांग्रेस के 12 और भाजपा का एक बागी मैदान में, समझाइश के बावजूद नामांकन वापस नहीं लिया
उदयपुर, 10 सितंबर:
नगर निगम चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के सामने पार्टी से बगावत कर निर्दलीय मैदान में उतरे प्रत्याशियों की चुनौती बनी हुई है। दोनों दलों की ओर से बागियों से समझाइश के प्रयास किए गए, लेकिन इसके बावजूद कई प्रत्याशियों ने नामांकन वापस नहीं लिया। खास बात यह है कि उदयपुर में अब तक बागी उम्मीदवारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जबकि राजस्थान के अन्य शहरों में दोनों दलों ने बागियों को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से बर्खास्त किया है।
इस बार कांग्रेस के 12 बागी अलग-अलग वार्डों में चुनाव मैदान में हैं, जबकि भाजपा में एक वार्ड में बागी प्रत्याशी चुनौती दे रहा है। कांग्रेस के बागियों की संख्या अधिक होने से पार्टी प्रत्याशियों के सामने चुनौती ज्यादा मानी जा रही है। वहीं भाजपा के लिए वार्ड 60 में बागी प्रत्याशी का मैदान में रहना महत्वपूर्ण है।
भाजपा विधायक के गृह क्षेत्र में बागी प्रत्याशी
वार्ड 60 पुरोहितों की मादड़ी क्षेत्र में आता है, जहां उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा का निवास क्षेत्र है। भाजपा ने यहां सुषमा राणावत को प्रत्याशी बनाया है। टिकट को लेकर नाराज पूर्व पार्षद कमल मेहता ने अपनी पत्नी खुशबू मेहता का निर्दलीय नामांकन दाखिल कराया। समझाइश के बाद भी उन्होंने नामांकन वापस नहीं लिया। ऐसे में इस वार्ड में भाजपा प्रत्याशी के सामने मुकाबला कड़ा होने की स्थिति बन गई है।
कांग्रेस के 12 बागी मैदान में
कांग्रेस के बागी प्रत्याशियों में वार्ड 8 से नाजमीन और कौसर परवीन, वार्ड 10 से साकिब, वार्ड 12 से मुजफ्फर हुसैन, वार्ड 13 से संतोष कटारा, वार्ड 14 से विजय शंकर कुमावत, वार्ड 25 से दौलतराम साहू, वार्ड 31 से रुबीना फारुख कुरैशी, वार्ड 51 से दीपक चौधरी, वार्ड 54 से देवेंद्र माली और हार्दिक चोरड़िया तथा वार्ड 66 से संजय भगतानी शामिल हैं।
बागियों के साथ समर्थक नेताओं पर भी कार्रवाई का संकेत
कांग्रेस जिलाध्यक्ष फतेहसिंह राठौड़ ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं ने सभी बागी प्रत्याशियों से समझाइश की, लेकिन वे नहीं माने। प्रदेशाध्यक्ष गोविंद डोटासरा को विस्तृत रिपोर्ट भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि बागियों के साथ पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ काम करने वाले नेताओं पर भी कार्रवाई की मांग की जाएगी। भाजपा शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ ने कहा कि नगर निगम चुनाव में एक वार्ड को छोड़कर भाजपा के सामने बागियों की चुनौती नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व पूरे मामले से अवगत है और जल्द कार्रवाई की जाएगी।

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