जिला परिषद प्रत्याशियों की भाजपा ने शुरू की बाड़ेबंदी, राजसमंद के रिसॉर्ट में मनेगी दिवाली
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दो चरणों की वोटिंग के बाद 25 से अधिक प्रत्याशी शिफ्ट, 3 नवंबर को आखिरी चरण के बाद सभी 47 होंगे एकजुट
उदयपुर, 1 नवंबर: उदयपुर जिला परिषद चुनाव में अपना बोर्ड बनाने की रणनीति के तहत भाजपा ने प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी शुरू कर दी है। दो चरणों का मतदान पूरा होते ही पार्टी ने अपने प्रत्याशियों को एकजुट रखने की कवायद तेज कर दी है। रविवार को जिला पदाधिकारियों के फोन के बाद 25 से अधिक प्रत्याशियों को बसों और निजी वाहनों से राजसमंद के एक रिसॉर्ट में शिफ्ट किया गया। अब प्रत्याशियों की दिवाली घर के बजाय रिसॉर्ट में मनने की तैयारी है। तीसरे चरण का मतदान 3 नवंबर को होना है, जिसके बाद शेष प्रत्याशियों को भी वहीं बुलाया जाएगा।
जिला परिषद के कुल 47 वार्डों में चुनाव हो रहे हैं। इनमें से दो चरणों में मतदान हो चुका है, जबकि शेष 8 वार्डों में 3 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, जिन प्रत्याशियों के वार्डों में मतदान पूरा हो चुका है, उन्हें रविवार को फोन कर रिसॉर्ट पहुंचने के निर्देश दिए गए। कुछ प्रत्याशियों ने निजी काम का हवाला देकर सोमवार तक पहुंचने की बात कही है।
26 नवंबर तक रिसॉर्ट में रहेंगे प्रत्याशी
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 20 नवंबर को मतगणना होगी। इसके बाद 25 नवंबर को जिला प्रमुख और 26 नवंबर को उप जिला प्रमुख का चुनाव होना है। ऐसे में बाड़ेबंदी 1 नवंबर से 26 नवंबर तक चलने की संभावना है। तीसरे चरण के मतदान के बाद सभी 47 प्रत्याशियों को एक साथ रखने की तैयारी है। पार्टी का मकसद नतीजों के बाद किसी भी तरह की राजनीतिक सेंधमारी की आशंका को रोकना और अपने प्रत्याशियों को एकजुट रखना है।
जिला प्रमुख की कुर्सी के लिए पांच नाम चर्चा में
भाजपा का बोर्ड बनने की स्थिति में जिला प्रमुख पद को लेकर पार्टी में अभी से चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इस दौड़ में चंद्रगुप्त सिंह चौहान, दलीचंद डांगी, हिम्मत सिंह झाला, प्रतिभा नागदा और घनश्याम मेनारिया के नाम सामने आ रहे हैं। चंद्रगुप्त सिंह चौहान भाजपा देहात के पूर्व जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। दलीचंद डांगी मावली से विधायक रहे हैं, जबकि हिम्मत सिंह झाला वल्लभनगर से भाजपा के विधानसभा प्रत्याशी रह चुके हैं। प्रतिभा नागदा बड़गांव पंचायत समिति की पूर्व प्रधान हैं। घनश्याम मेनारिया का नाम भी दावेदारों में चर्चा में है।
दिग्गज नेताओं के खेमों से जुड़ी दावेदारी
जिला प्रमुख पद की दावेदारी के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के राजनीतिक समीकरण भी चर्चा में हैं। राजनीतिक हलकों में चंद्रगुप्त सिंह चौहान और दलीचंद डांगी को गुलाबचंद कटारिया खेमे से जुड़ा माना जाता है। वहीं प्रतिभा नागदा और घनश्याम मेनारिया को उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा का करीबी बताया जाता है। हिम्मत सिंह झाला का नाम सांसद सीपी जोशी सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं से नजदीकी के कारण चर्चा में है। हालांकि अंतिम तस्वीर 20 नवंबर को मतगणना के बाद ही साफ होगी।

