उदयपुर में सातवीं बार बनेगा भाजपा का बोर्ड, 53 वार्डों में जीती: संभाग की शहरी निकायों में किस पार्टी का बनेगा बोर्ड—जानिए
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कांग्रेस को 23 सीटें, एक वार्ड में माकपा और तीन में निर्दलीय विजयी; कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर थी
उदयपुर, 14 सितंबर: उदयपुर नगर निगम के सभी 80 वार्डों के चुनाव परिणाम सामने आने के साथ ही शहर में एक बार फिर भाजपा का बोर्ड बनना तय हो गया है। भाजपा ने 53 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस के खाते में 23 सीटें आईं। एक वार्ड में माकपा और तीन वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की। वर्ष 2019 में नगर निगम के 70 वार्ड थे, जिनमें भाजपा ने 44, कांग्रेस ने 20 और निर्दलीय व अन्य प्रत्याशियों ने 6 वार्ड जीते थे। तब भाजपा के गोविंद सिंह टांक महापौर और पारस सिंघवी उप महापौर चुने गए थे।
विधायक मीणा के वार्ड में भाजपा की बागी ने मारी बाजी
उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा के वार्ड 60 में भाजपा की बागी खुशबू मेहता ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की। वार्ड 61 से निर्दलीय इंद्रा मीणा और वार्ड 11 से निर्दलीय कमलेश बोराणा विजयी रहे। इन परिणामों ने भाजपा के लिए कुछ वार्डों में भीतरघात और बागियों के प्रभाव को भी सामने ला दिया।
दिग्गज परिवारों से जुड़े प्रत्याशियों की भी जीत
वार्ड 73 से पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास की भतीजा बहू डॉ. हितांशी शर्मा ने भाजपा की लवली जैन को हराकर जीत दर्ज की। यह वही क्षेत्र है, जहां आयड़ इलाके को लेकर चुनाव प्रचार के दौरान विवाद सामने आया था। मतदान के दिन भाजपा विधायक ताराचंद जैन को भी यहां से लौटना पड़ा था। कांग्रेस के शहर अध्यक्ष फतहसिंह राठौड़ की पत्नी डॉ. पूनम कुंवर ने वार्ड 17 से जीत हासिल की। कांग्रेस नेता अरुण टांक और ब्लॉक अध्यक्ष शंकर चंदेल भी चुनाव जीतने में सफल रहे।
मेयर पद के दावेदार भी जीते
भाजपा की ओर से महापौर पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे प्रमोद सामर, पारस सिंघवी और दिनेश भट्ट ने भी अपने-अपने वार्डों में जीत दर्ज की। वहीं वार्ड 75 से पूर्व उप महापौर महेंद्र सिंह शेखावत, वार्ड 76 से भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व जिलाध्यक्ष कविता जोशी, वार्ड 5 से आकाश वागरेचा और वार्ड 80 से भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रताप सिंह राठौड़ भी विजयी रहे।
कई वार्डों में बेहद करीबी मुकाबला
वार्ड 25 में भाजपा के लोकेश साहू ने कांग्रेस की नेहा कुमावत को महज 32 वोटों से हराया। वार्ड 4 में कांग्रेस की स्नेहलता टांक ने भाजपा की संध्या सेठी को 48 वोटों के अंतर से शिकस्त दी। इसके विपरीत वार्ड 20 में कांग्रेस के साजिद खान ने भाजपा के मोहम्मद शफीक खान को 2790 वोटों से हराया। वार्ड 71 में भाजपा के पंकज बोराणा ने कांग्रेस के मीठालाल डांगी को 2481 वोटों के बड़े अंतर से पराजित किया।
आरसीए में सुबह 8 बजे शुरू हुई मतगणना
उदयपुर के सूरजपोल स्थित राजस्थान कृषि महाविद्यालय में सुबह 8 बजे मतगणना शुरू हुई। परिणाम सामने आते ही विजयी प्रत्याशियों के समर्थकों ने उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया। भाजपा शहर अध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ और पूर्व महापौर रजनी डांगी मतगणना स्थल पर लगातार वार्डवार परिणामों की जानकारी लेते रहे।
उदयपुर नगर निगम
किस वार्ड में कौन जीता
1 संजय शर्मा (कांग्रेस)
2 हर्षवर्धन सिंह केलावत (कांग्रेस)
3 अरुण टांक (कांग्रेस)
4 स्नेहलता टांक (कांग्रेस)
5 आकाश वागरेचा (भाजपा)
6 अजित चौधरी (कांग्रेस)
7 शंकर चंदेल (कांग्रेस)
8 रूखसार खान (कांग्रेस)
9 हर्ष पंवार (कांग्रेस)
10 सतीश शर्मा (भाजपा)
11 कमलेश बोराणा, निर्दलीय
12 बाबूलाल नागोरी (भाजपा)
13 रतन बाई (भाजपा)
14 शंकर लाल कंसारा (भाजपा)
15 प्रतीक नागर (कांग्रेस)
16 सुमित्रा नागदा (भाजपा)
17 पूनम राठौड़ (कांग्रेस)
18 कुलदीप मेहता (भाजपा)
19 कुंदन चौहान (भाजपा)
20 साजिद खान (कांग्रेस)
21 राहुल माली (कांग्रेस)
22 हिदायतुल्ला (कांग्रेस)
23 मनोज साहू (भाजपा)
24 पारस सिंघवी ( भाजपा)
25 लोकेश साहू (भाजपा)
26 राजेंद्र परिहार (भाजपा)
27 निधि गोधा (भाजपा)
28 विजय आहूजा (भाजपा)
29 वैभव भंडारी (भाजपा)
30 रोहित मेघवाल (कांग्रेस)
31 हीना कौसर बनो (कांग्रेस)
32 राजेंद्र वसीटा, सीपीआई माकपा
33 जतिन श्रीमाली (भाजपा)
34 अलका गुर्जर (भाजपा)
35 मीनल पोखरना (भाजपा)
36 डिम्पल कुंवर (बीजेपी)
37 लक्ष्मी नारायण (कांग्रेस)
38 मीना बानो (कांग्रेस)
39 जितेंद्र सिंह शक्तावत ( भाजपा)
40 सुमन अग्रवाल (भाजपा)
41 सोहनलाल गमेती (भाजपा)
42 डा. खुशी गमेती (कांग्रेस)
43 शंकरलाल गमेती (कांग्रेस)
44 आशीष कोठारी (भाजपा)
45 दिनेश भट्ट (भाजपा)
46 तिलक मेनारिया (भाजपा)
47 लता नायक (भाजपा)
48 महेशपुरी गोस्वामी (भाजपा)
49 दीपक नागदा (भाजपा)
50 किरण कुमार जैन मेहता (भाजपा)
51 प्रमोद सामर (भाजपा)
52 तारा सुहालका(भाजपा)
53 यशवंत आंचलिया (भाजपा)
54 राजेंद्र गखरेजा, भाजपा
55 विशाखा खवास (बीजेपी)
56 प्रदीप विजयवर्गीय भाजपा
57 निर्मला पालीवाल( भाजपा)
58 अमिता गौड़ (भाजपा)
59 सारिका सालवी (भाजपा)
60 खुशबू मेहता, निर्दलीय
61 इंद्रा डांगी (निर्दलीय)
62 सविता गमेती (कांग्रेस)
63 किशोर सिंह देवड़ा (भाजपा)
64 अशोक कुमार नागदा (भाजपा)
65 किशन भील (कांग्रेस)
66 उमेश मनवानी (भाजपा)
67 निशा सालवी (भाजपा)
68 वंदना प्रजापत (भाजपा)
69 रचना शर्मा (भाजपा)
70 वीरेंद्र सिंह सिसोदिया (भाजपा)
71 योगेश कुमावत (भाजपा)
72 नरेश वैष्णव (भाजपा)
73 हितांशी शर्मा (भाजपा)
74 पंकज बोराणा (भाजपा)
75 महेंद्र सिंह शेखावत (भाजपा)
76 कविता जोशी (भाजपा)
77 दुर्गालाल (भाजपा)
78 अतुल चंडालिया (भाजपा)
79 बाबूलाल गमेती (कांग्रेस)
80 प्रताप सिंह राठौड़ (भाजपा)
‘मिनी पाकिस्तान’ बयान का चुनावी असर? आयड़-खांजीपीर में भाजपा चारों सीटों पर हारी
वार्ड 30, 31, 32 और 73 में भाजपा को झटका, वार्ड 32 में कांग्रेस से आगे निकलकर सीपीआई(एम) ने दर्ज की जीत
उदयपुर, 14 सितंबर: उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन के आयड़ और खांजीपीर क्षेत्रों को लेकर दिए गए ‘मिनी पाकिस्तान’ बयान का स्थानीय निकाय चुनाव में राजनीतिक असर अब चर्चा का विषय बन गया है। जिन क्षेत्रों को लेकर विधायक की टिप्पणी पर चुनाव से पहले ही विरोध सामने आया था, वहां भाजपा को चारों वार्डों में हार का सामना करना पड़ा। वार्ड 30, 31, 32 और 73 के परिणामों ने स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के साथ-साथ मतदाताओं के बीच वोटों के बंटवारे की तस्वीर भी सामने रखी है।
सबसे चौंकाने वाला परिणाम वार्ड 32 का रहा, जहां सीपीआई(एम) के राजेंद्र वसीटा ने 1231 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। भाजपा के कमलेश सालवी को 1033 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के लोकेश मेघवाल को 310 वोट ही प्राप्त हुए। यानी कांग्रेस के मुकाबले भाजपा को अधिक वोट मिले, लेकिन सीपीआई(एम) प्रत्याशी भाजपा से आगे निकल गया। यह परिणाम क्षेत्र में पारंपरिक भाजपा-कांग्रेस मुकाबले से अलग स्थानीय समीकरणों की ओर भी इशारा करता है।
चुनाव के दौरान विधायक के बयान को लेकर विरोध भी सामने आया था। अब चारों सीटों पर भाजपा की हार के बाद विपक्ष इस परिणाम को बयान के खिलाफ स्थानीय नाराजगी से जोड़कर देख रहा है। हालांकि, चुनाव परिणामों में कई स्थानीय कारक प्रभावी होते हैं, लेकिन आयड़-खांजीपीर के नतीजों ने ‘मिनी पाकिस्तान’ बयान को चुनावी बहस का अहम मुद्दा जरूर बना दिया है।
उदयपुर की 5 पालिकाओं में कांग्रेस का पलड़ा भारी
मावली, भींडर और कानोड़ में कांग्रेस बहुमत में, फतहनगर व वल्लभनगर में भाजपा का बोर्ड
उदयपुर, 14 सितंबर: उदयपुर जिले की पांच नगर पालिकाओं के परिणामों में कांग्रेस ने तीन जगह बहुमत हासिल कर भाजपा को झटका दिया है। मावली के 20 वार्डों में कांग्रेस ने 10, भाजपा ने 9 और एक सीट अन्य के खाते में गई। भींडर के 25 वार्डों में कांग्रेस ने 13 और भाजपा ने 12 सीटें जीतीं। कानोड़ के 20 वार्डों में कांग्रेस 14 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत में रही, जबकि भाजपा को 6 सीटें मिलीं। दूसरी ओर फतहनगर में भाजपा ने 25 में से 13 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया, कांग्रेस को 12 सीटें मिलीं। वल्लभनगर में भाजपा का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा। यहां 20 में से भाजपा ने 16 और कांग्रेस ने 4 वार्ड जीते। इस तरह जिले की पांच पालिकाओं में तीन बोर्ड कांग्रेस के और दो भाजपा के बनने की स्थिति है।
चित्तौड़गढ़ में भाजपा का बोर्ड, 33 वार्डों में जीत
कांग्रेस 23 पर सिमटी, चार निर्दलीयों ने बिगाड़े समीकरण
चित्तौड़गढ़, 14 सितंबर: चित्तौड़गढ़ नगर परिषद चुनाव में भाजपा ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया। 60 वार्डों में भाजपा के 33 प्रत्याशी विजयी रहे, जबकि कांग्रेस ने 23 वार्डों में जीत दर्ज की। चार वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने बाजी मारी। परिणामों में भाजपा ने कई क्षेत्रों में मजबूत पकड़ दिखाई, जबकि कांग्रेस को शहरी निकाय में विपक्ष की भूमिका तक सीमित रहना पड़ा। वार्ड 18 में मुकेश निर्दलीय, वार्ड 30 में पारसमल, वार्ड 41 में इरशाद मोहम्मद और वार्ड 59 में प्रमोद राजपुरोहित ने जीत दर्ज कर दलीय समीकरणों में अलग रंग भरा। वार्ड 44 के परिणाम को लेकर री-काउंटिंग भी हुई। परिषद के लिए 9 सितंबर को मतदान हुआ था और 68.15 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। परिणाम के बाद भाजपा खेमे में बोर्ड गठन को लेकर उत्साह है, जबकि कांग्रेस को अपनी रणनीति की समीक्षा करनी होगी।
कपासन में कांग्रेस का बोर्ड तय
25 में 13 कांग्रेस, 10 भाजपा और दो निर्दलीय जीते
कपासन, 14 सितंबर: कपासन नगरपालिका चुनाव में कांग्रेस ने बहुमत हासिल कर बोर्ड गठन का रास्ता साफ कर लिया है। कुल 25 वार्डों में कांग्रेस के 13 प्रत्याशी विजयी रहे, जबकि भाजपा को 10 सीटों पर संतोष करना पड़ा। दो वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। कांग्रेस की जीत का आधार कई वार्डों में लगातार मिली बढ़त रही। वार्ड 1 और 2 से कांग्रेस प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की, जबकि वार्ड 5 में निर्दलीय राजेश कुमार और वार्ड 25 में निर्दलीय इकबाल मोहम्मद शेख विजयी रहे। भाजपा ने भी कई वार्डों में मजबूती दिखाई, लेकिन बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई। कपासन में 11 सितंबर को मतदान हुआ था और 84.87 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाला था। चेयरमैन का पद सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित है, इसलिए अब दोनों दलों में अध्यक्ष पद को लेकर गतिविधियां तेज होंगी।
बेगूं में भाजपा का दबदबा, 24 सीटों के साथ बोर्ड तय
कांग्रेस को 8 और निर्दलीयों को 3 सीटें; पांच प्रत्याशी पहले ही निर्विरोध चुने गए
बेगूं, 14 सितंबर: बेगूं नगरपालिका चुनाव में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बोर्ड गठन की स्थिति मजबूत कर ली है। उपलब्ध वार्डवार परिणामों के अनुसार भाजपा के 19 प्रत्याशी चुनाव जीतने के साथ पांच प्रत्याशी पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके थे। इस तरह भाजपा की कुल संख्या 24 हो गई। कांग्रेस के आठ और निर्दलीय प्रत्याशियों के तीन सीटों पर जीत दर्ज हुई। चुनाव में कांग्रेस के कुछ प्रमुख चेहरों को भी हार का सामना करना पड़ा। निवर्तमान नगरपालिका अध्यक्ष एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव रंजना शर्मा वार्ड 8 में भाजपा की लाड देवी शर्मा से 103 वोटों से हार गईं। नगर कांग्रेस अध्यक्ष ललित बैरागी भी वार्ड 17 में पराजित हुए। भाजपा की नीता बोहरा ने वार्ड 10 में 415 वोटों से सबसे बड़ी जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस के हरीश पंचोली वार्ड 26 में महज छह वोटों से जीते। चेयरमैन पद सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित है।
निंबाहेड़ा में भाजपा का बहुमत, सातवीं बार जीते पारसमल
45 वार्डों में भाजपा 27, कांग्रेस 17 और एक निर्दलीय विजयी
निंबाहेड़ा, 14 सितंबर: निंबाहेड़ा नगर परिषद में भाजपा ने स्पष्ट बहुमत हासिल करते हुए बोर्ड गठन का रास्ता साफ कर लिया है। कुल 45 वार्डों में भाजपा ने 27 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस के खाते में 17 सीटें आईं। एक वार्ड में निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहा। चुनाव परिणाम में वार्ड 31 के पारसमल ने लगातार सातवीं बार जीत दर्ज कर अपना व्यक्तिगत रिकॉर्ड कायम रखा। कांग्रेस के पूर्व पालिका अध्यक्ष सुभाष चंद्र शारदा भी वार्ड 38 से 26 वोटों से विजयी रहे। भाजपा ने शुरुआती वार्डों से ही बढ़त बनानी शुरू कर दी थी और अंतिम परिणाम तक बहुमत कायम रखा। कांग्रेस कई वार्डों में मुकाबला देने में सफल रही, लेकिन भाजपा के आंकड़े तक नहीं पहुंच सकी। अब सभापति पद को लेकर भाजपा में दावेदारियां सामने आएंगी। परिणामों ने शहर की स्थानीय राजनीति में भाजपा की पकड़ बरकरार रहने का संकेत दिया है।
राजसमंद में भाजपा का बोर्ड, 27 वार्ड जीते
कांग्रेस 14 और निर्दलीय 4 पर; कई वार्डों में दलीय समीकरणों को चुनौती
राजसमंद, 14 सितंबर: राजसमंद नगर परिषद चुनाव में भाजपा ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया। कुल 45 वार्डों में भाजपा ने 27 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस 14 वार्डों में विजयी रही। चार वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज कर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। परिणामों में भाजपा ने अधिकांश वार्डों में मजबूत प्रदर्शन किया। वार्ड 8 में गौरी कुमारी, वार्ड 30 में सत्तार, वार्ड 41 में ईश्वर पहाड़िया और वार्ड 44 में हिम्मत मेहता निर्दलीय के रूप में विजयी रहे। कांग्रेस ने भी कई वार्डों में अपनी पकड़ कायम रखी, लेकिन बहुमत से काफी दूर रह गई। भाजपा के 27 पार्षद होने से बोर्ड गठन में किसी जोड़तोड़ की जरूरत नहीं रह गई है। वहीं नाथद्वारा नगरपालिका में भाजपा 20 और कांग्रेस 19 वार्डों में जीती, जबकि एक सीट निर्दलीय के खाते में गई। यहां मुकाबला बेहद करीबी रहा।
भींडर में कांग्रेस ने भाजपा को एक सीट से पछाड़ा
25 में 13 कांग्रेस और 12 भाजपा विजयी, बहुमत का आंकड़ा कांग्रेस के पास
भींडर, 14 सितंबर: भींडर नगरपालिका चुनाव में कांग्रेस ने बेहद करीबी मुकाबले में बहुमत हासिल कर लिया। कुल 25 वार्डों में कांग्रेस के 13 प्रत्याशी विजयी रहे, जबकि भाजपा को 12 सीटों पर जीत मिली। दोनों दलों के बीच पूरे चुनाव में कांटे का मुकाबला रहा और अंतिम परिणाम में कांग्रेस महज एक सीट से आगे रही। कांग्रेस के लिए यह परिणाम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भाजपा भी बहुमत के बेहद करीब थी। वार्डवार परिणामों में कांग्रेस ने कई इलाकों में अपनी पकड़ बनाए रखी, जबकि भाजपा ने भी मजबूत चुनौती पेश की। अब 13 पार्षदों के साथ कांग्रेस के पास बोर्ड बनाने के लिए आवश्यक संख्या मौजूद है। चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह है। दूसरी ओर भाजपा के सामने एक सीट के अंतर से सत्ता गंवाने के कारण स्थानीय स्तर पर चुनावी रणनीति और संगठन की समीक्षा की चुनौती होगी।
आमेट में भाजपा का स्पष्ट बहुमत
25 में 14 सीटें जीतकर बोर्ड बनाया, कांग्रेस 11 वार्डों तक सीमित
आमेट, 14 सितंबर: आमेट नगरपालिका चुनाव में भाजपा ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर कांग्रेस को पीछे छोड़ दिया। कुल 25 वार्डों में भाजपा ने 14 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस के 11 प्रत्याशी विजयी रहे। बहुमत के लिए 13 सीटों की जरूरत थी, जिसे भाजपा ने एक अतिरिक्त सीट के साथ हासिल किया। भाजपा ने कई वार्डों में लगातार बढ़त बनाए रखी और अंतिम परिणाम तक अपनी स्थिति मजबूत रखी। कांग्रेस ने भी 11 वार्डों में जीत दर्ज कर प्रभाव बनाए रखा, लेकिन बोर्ड गठन के आंकड़े से दो सीट पीछे रह गई। आमेट में पार्षद पद के लिए 9 सितंबर को मतदान हुआ था और 76.16 प्रतिशत मतदान हुआ था। परिणाम के बाद भाजपा खेमे में बोर्ड गठन को लेकर उत्साह है। अब अध्यक्ष पद के लिए पार्टी के भीतर दावेदारों के नामों पर चर्चा शुरू होगी। स्थानीय स्तर पर यह परिणाम भाजपा के संगठनात्मक प्रभाव के तौर पर देखा जा रहा है।
नाथद्वारा में कांटे का मुकाबला, भाजपा एक सीट से आगे
40 वार्डों में भाजपा 20, कांग्रेस 19 और एक निर्दलीय विजयी
नाथद्वारा, 14 सितंबर: नाथद्वारा नगरपालिका चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच बेहद करीबी मुकाबला देखने को मिला। कुल 40 वार्डों में भाजपा ने 20 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस 19 वार्डों में विजयी रही। एक वार्ड में निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत दर्ज की। भाजपा बहुमत के आंकड़े से एक सीट कम है, इसलिए बोर्ड गठन को लेकर निर्दलीय पार्षद की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। कांग्रेस भी महज एक सीट पीछे है और वह भी बोर्ड बनाने के लिए आवश्यक संख्या जुटाने की स्थिति तलाश सकती है। इस परिणाम ने नाथद्वारा की स्थानीय राजनीति को पूरी तरह रोमांचक बना दिया है। दोनों दलों के बीच एक-एक वार्ड के परिणाम ने मुकाबले को अंतिम चरण तक पहुंचाया। अब अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले पार्षदों के समर्थन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
भीम में कांग्रेस का स्पष्ट बहुमत
20 में 14 सीटें कांग्रेस के खाते में, भाजपा 2 और निर्दलीय 4
भीम, 14 सितंबर: भीम नगरपालिका चुनाव में कांग्रेस ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर भाजपा को बड़ा झटका दिया है। कुल 20 वार्डों में कांग्रेस ने 14 सीटें जीतीं, जबकि भाजपा के खाते में दो वार्ड आए। चार वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे। चुनाव से पहले दो वार्डों में प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए थे। इनमें एक कांग्रेस और एक भाजपा के प्रत्याशी थे। इसके बाद हुए 18 वार्डों के चुनाव में कांग्रेस ने 13, भाजपा ने एक और निर्दलीयों ने चार सीटें जीतीं। कांग्रेस की जीत में कई वार्डों में निर्णायक अंतर रहा। वार्ड 5 में कांग्रेस की देवकंवर 184 वोटों से जीतीं, जबकि वार्ड 17 में भाजपा की आशा चौहान ने 178 वोटों से जीत दर्ज की। कांग्रेस के पास 14 पार्षद होने से बोर्ड गठन पूरी तरह स्पष्ट है। अब अध्यक्ष पद को लेकर कांग्रेस में दावेदारी शुरू होगी।
डूंगरपुर में भाजपा का लगातार आठवीं बार बोर्ड
40 में 24 सीटें भाजपा की, कांग्रेस 12 और बीएपी 3 पर सिमटी
डूंगरपुर, 14 सितंबर: डूंगरपुर नगर परिषद में भाजपा ने लगातार आठवीं बार बोर्ड बनाने में सफलता हासिल की है। 40 वार्डों में भाजपा ने 24 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। कांग्रेस को 12 वार्डों में जीत मिली, जबकि बीएपी ने तीन सीटों पर खाता खोला और एक सीट निर्दलीय के खाते में गई। भाजपा की जीत में कई वार्डों में बड़े अंतर से मिली जीत अहम रही। वार्ड 36 में भाजपा की माया सुथार ने 557 वोटों से जीत दर्ज की, जबकि वार्ड 29 में सुशीला गुप्ता 523 वोटों से विजयी रहीं। कांग्रेस और बीएपी ने कुछ क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई, लेकिन भाजपा के बहुमत तक नहीं पहुंच सकीं। 40 में से 38 वार्डों में मतदान हुआ था। परिणाम के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर जश्न मनाया। अब लगातार आठवीं बार बोर्ड बनने से शहर की स्थानीय राजनीति में भाजपा का दबदबा कायम रहने का संदेश गया है।
सागवाड़ा में भाजपा का बोर्ड, एक वार्ड का परिणाम बाकी
34 वार्डों में भाजपा 22, कांग्रेस 8 और बीएपी 4 पर
सागवाड़ा, 14 सितंबर: सागवाड़ा नगरपालिका चुनाव में भाजपा ने मजबूत बढ़त हासिल करते हुए बोर्ड गठन की स्थिति साफ कर दी है। कुल 35 वार्डों में से 34 के परिणाम घोषित हुए हैं। इनमें भाजपा ने 22, कांग्रेस ने 8 और भारत आदिवासी पार्टी ने चार वार्डों में जीत दर्ज की। वार्ड 24 की ईवीएम खराब होने के कारण उसका परिणाम घोषित नहीं हो सका। भाजपा ने शुरुआत से ही अधिकांश वार्डों में बढ़त बनाए रखी और 22 सीटों के साथ बहुमत की स्थिति हासिल कर ली। कांग्रेस आठ और बीएपी चार सीटों तक सीमित रही। सागवाड़ा में कुल 25,056 मतों में से 18,293 मत पड़े थे। इनमें पुरुषों की संख्या 8,776 और महिलाओं की 9,523 रही। एक वार्ड का परिणाम बाकी होने के बावजूद भाजपा की बोर्ड बनाने की स्थिति मजबूत है। अब शेष वार्ड के परिणाम पर सभी की नजर रहेगी।
बांसवाड़ा में भाजपा का बोर्ड, सभापति की रेस रोचक
60 में भाजपा 34, कांग्रेस 22 और निर्दलीय 4; दिनेश राणा-मुकेश रावत आगे
बांसवाड़ा, 14 सितंबर: बांसवाड़ा नगर परिषद चुनाव में भाजपा ने 60 वार्डों में से 34 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया। कांग्रेस को 22 और निर्दलीय प्रत्याशियों को चार सीटें मिलीं। परिणामों के बाद अब सबसे बड़ा सवाल सभापति पद को लेकर है। परिषद की सीट एसटी ओपन होने के कारण भाजपा के वार्ड 4 विजेता दिनेश राणा और वार्ड 9 के मुकेश रावत प्रमुख दावेदारों में माने जा रहे हैं। वहीं सभापति पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे छोटी सरवन के पूर्व प्रधान राजेश कटारा वार्ड 17 में कांग्रेस के गौतम मईड़ा से हार गए। पहली बार निकाय चुनाव में उतरी बीएपी भी कोई सीट नहीं जीत सकी। पार्टी ने 19 प्रत्याशी मैदान में उतारे थे। भाजपा की स्पष्ट जीत ने बोर्ड का गणित आसान कर दिया है, लेकिन सभापति चयन पार्टी के भीतर नई राजनीतिक हलचल पैदा कर सकता है।
कुशलगढ़ में भाजपा को बहुमत, कांग्रेस नौ पर
20 वार्डों में भाजपा 10, कांग्रेस 9 और एक निर्दलीय विजयी
कुशलगढ़, 14 सितंबर: कुशलगढ़ नगरपालिका चुनाव में भाजपा ने 20 में से 10 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस नौ वार्डों में विजयी रही। एक वार्ड में निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत हासिल की। दोनों प्रमुख दलों के बीच लगभग बराबरी का मुकाबला रहा, लेकिन भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभरी। भाजपा के 10 पार्षद होने से बोर्ड गठन के लिए अब निर्दलीय की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। कांग्रेस एक सीट पीछे रहकर भी सत्ता की कोशिश कर सकती है। इस चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी की जीत ने राजनीतिक समीकरणों को रोचक बना दिया है। कुशलगढ़ में 9 सितंबर को मतदान हुआ था और 82.20 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। परिणाम से भाजपा को बढ़त जरूर मिली है, लेकिन अध्यक्ष पद के लिए राजनीतिक जोड़तोड़ की संभावना बनी हुई है। अब सभी की निगाहें पार्षदों के समर्थन और अध्यक्ष पद के चुनाव पर हैं।
परतापुर-गढ़ी में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी
25 में कांग्रेस 12, भाजपा 11 और निर्दलीय 2 सीटों पर विजयी
परतापुर-गढ़ी, 14 सितंबर: परतापुर-गढ़ी नगरपालिका चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़े दल के रूप में सामने आई है, लेकिन बहुमत से एक सीट दूर रह गई। कुल 25 वार्डों में कांग्रेस ने 12 सीटें जीतीं, जबकि भाजपा के 11 प्रत्याशी विजयी रहे। दो वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। परिणामों ने बोर्ड गठन को लेकर मुकाबला दिलचस्प बना दिया है। कांग्रेस को बहुमत के लिए एक और समर्थन की जरूरत है, वहीं भाजपा भी निर्दलीय पार्षदों के सहारे सत्ता की कोशिश कर सकती है। दोनों दलों के बीच महज एक सीट का अंतर स्थानीय राजनीति में जोड़तोड़ की संभावना बढ़ाता है। नगरपालिका के लिए 9 सितंबर को मतदान हुआ था और 67.13 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। अब अध्यक्ष पद को लेकर दोनों दलों की सक्रियता बढ़ेगी। निर्दलीय पार्षदों की भूमिका इस पूरे राजनीतिक समीकरण में निर्णायक हो सकती है।
सलूंबर में बहुमत किसी को नहीं, दो पार्षदों पर सत्ता
भाजपा 12, कांग्रेस 11 और बीएपी-निर्दलीय एक-एक; वार्ड 14 का फैसला लॉटरी से
सलूंबर, 14 सितंबर: सलूंबर नगर परिषद चुनाव ने बोर्ड गठन का पूरा गणित उलझा दिया है। 25 वार्डों में भाजपा ने 12 और कांग्रेस ने 11 सीटें जीतीं। एक सीट बीएपी और एक निर्दलीय के खाते में गई। बहुमत के लिए 13 पार्षदों की जरूरत है, इसलिए अब दोनों प्रमुख दलों की नजर एक-एक अतिरिक्त समर्थन पर है। चुनाव का सबसे रोचक परिणाम वार्ड 14 में आया, जहां भाजपा के नरेश सोनी और कांग्रेस के बद्रीलाल टेलर को बराबर मत मिले। नियमानुसार लॉटरी से फैसला हुआ और नरेश सोनी विजयी घोषित हुए। यही एक सीट भाजपा को 12 तक पहुंचाने में निर्णायक रही। वार्ड 25 में कांग्रेस की मीनाक्षी केवल छह वोटों से जीतीं, जबकि वार्ड 24 में कांग्रेस की रानी बानो ने 333 वोटों से सबसे बड़ी जीत दर्ज की। अब सभापति की कुर्सी के लिए बीएपी और निर्दलीय पार्षद महत्वपूर्ण होंगे।
किस्मत ने दिया भाजपा का साथ: वार्ड 14 में गोटी से हुआ फैसला
इस चुनाव का सबसे अनोखा और रोमांचक परिणाम वार्ड नंबर 14 में देखने को मिला। यहाँ भाजपा के नरेश सोनी और कांग्रेस के बद्री लाल टेलर के बीच मुकाबला बराबरी पर आकर रुक गया। दोनों प्रत्याशियों को बराबर मत मिले। मतों की बराबरी के बाद निर्वाचन अधिकारी ने नियमानुसार गोटी (लॉटरी) के जरिए विजेता का फैसला करने का निर्णय लिया। जब पर्ची खींची गई, तो किस्मत भाजपा के पक्ष में चमकी। गोटी भाजपा के नरेश सोनी के नाम की निकली और उन्हें विजेता घोषित किया गया। यह एक सीट भाजपा को 12 के आंकड़े तक पहुंचाने में सबसे निर्णायक साबित हुई।
प्रतापगढ़ में निर्दलीयों के हाथ सभापति की चाबी
कांग्रेस 20 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी, भाजपा 17 और निर्दलीय 3
प्रतापगढ़, 14 सितंबर: प्रतापगढ़ नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़े दल के रूप में उभरी, लेकिन बहुमत के आंकड़े से दूर रह गई। 40 वार्डों में कांग्रेस ने 20 सीटें जीतीं, भाजपा के 17 प्रत्याशी विजयी रहे और तीन वार्डों में निर्दलीयों ने जीत दर्ज की। बहुमत के लिए 21 पार्षदों की जरूरत है, इसलिए कांग्रेस को बोर्ड बनाने के लिए कम से कम एक समर्थन जुटाना होगा। दूसरी ओर भाजपा के पास 17 सीटें हैं और उसके लिए भी निर्दलीय निर्णायक होंगे। ऐसे में तीन निर्दलीय पार्षदों की भूमिका सबसे अहम हो गई है। परिणामों में कुछ मुकाबले बेहद करीबी रहे। वार्ड 39 में निर्दलीय आनंद गुर्जर महज चार वोटों से जीते, जबकि वार्ड 26 में कांग्रेस के राजदीप सिंह सात वोटों से विजयी हुए। वार्ड 25 में भाजपा के अर्जुन ने 442 वोटों से बड़ी जीत दर्ज की। सभापति पद सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित है।
अरनोद में भाजपा का बोर्ड तय
20 में भाजपा 14, कांग्रेस 4 और निर्दलीय 2 वार्डों में विजयी
अरनोद, 14 सितंबर: प्रतापगढ़ जिले की अरनोद नगरपालिका में भाजपा ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर बोर्ड गठन का रास्ता साफ कर लिया है। कुल 20 वार्डों में भाजपा के 14 प्रत्याशी विजयी रहे, जबकि कांग्रेस को चार सीटों पर जीत मिली। दो वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। भाजपा ने बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े से काफी अधिक सीटें हासिल कर स्थानीय निकाय में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। कांग्रेस चार सीटों तक सीमित रही, जबकि निर्दलीयों की संख्या दो रही। परिणामों से साफ है कि यहां बोर्ड गठन के लिए भाजपा को किसी अन्य दल या निर्दलीय के समर्थन की आवश्यकता नहीं होगी। चुनाव परिणाम सामने आने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह है। अब पार्टी के सामने अगली चुनौती अध्यक्ष पद के लिए उपयुक्त चेहरे के चयन की होगी। अरनोद का परिणाम जिले में भाजपा के पक्ष में आए प्रमुख परिणामों में शामिल रहा।

