पद्मावती के जौहर को कायरता कहना चित्तौड़ की मातृशक्ति का अपमान : सीपी जोशी
Share
विवादित बयान पर माफी की मांग, बोले- अपनी संस्कृति और इतिहास को अपमानित करना ‘दिमागी नक्सली सोच’
उदयपुर/चित्तौड़गढ़, 3 सितंबर: रानी पद्मावती और चित्तौड़ के जौहर को लेकर दिए गए विवादित बयान पर भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि अपनी ही संस्कृति, परंपराओं और गौरवशाली इतिहास को अपमानित करने वाली मानसिकता ‘दिमागी नक्सली सोच’ का परिचायक है। उन्होंने कहा कि रानी पद्मावती के जौहर को कायरता कहना चित्तौड़ की वीरभूमि और मातृशक्ति का अपमान है।
चित्तौड़ मेरी जन्मभूमि और कर्मभूमि
जोशी ने कहा कि जिस चित्तौड़ की मिट्टी में उन्होंने जन्म लिया और जहां के पत्थर इतिहास की गवाही देते हैं, उसके बारे में एयर कंडीशनर कमरों में बैठकर आपत्तिजनक टिप्पणी करना उचित नहीं है। रानी पद्मावती और रावल रतन सिंह की गाथा उनके लिए केवल किताब का विषय नहीं, बल्कि जीवंत इतिहास है।
जौहर को आज के नजरिए से न देखें
सांसद ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन चित्तौड़ की गौरवशाली परंपराओं पर सवाल उठाने का अधिकार किसी को नहीं। उस दौर की परिस्थितियों को आज के नजरिए से देखकर जौहर को कायरता कहना इतिहास की समझ का अभाव है। उन्होंने कहा कि चित्तौड़ दुर्ग रानी पद्मावती, रानी कर्णावती और रानी फूल कंवर सहित तीन जौहर की गाथाओं का साक्षी रहा है। उन्होंने विवादित बयान देने वाले से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।

