सावधान : कबूतरों से फैल सकती है फेंफड़ों की बीमारी
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आईएलडी और हाइपरसेंसिटिव न्यूमोनाइटिस पर जागरूकता व्याख्यान, 360 लोगों ने लिया स्वास्थ्य परामर्श
उदयपुर, 10 मई : चित्रांश कायस्थ सभा संस्था और Rotary Club Uday के संयुक्त तत्वावधान में हिरण मगरी सेक्टर-4 स्थित महेश सेवा समिति परिसर में विशाल रक्तदान एवं निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। स्व. निशा माथुर की स्मृति में आयोजित शिविर में 51 यूनिट रक्तदान हुआ, जबकि करीब 360 लोगों ने विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लिया। सभी रक्तदाताओं को “चित्रांश रक्तवीर” सम्मान से नवाजा गया।
टीबी एवं श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. अतुल लुहाडिया ने “फेफड़ों को स्वस्थ रखने के उपाय” विषय पर जागरूकता व्याख्यान देते हुए कहा कि कबूतरों की बीट, पंखों की धूल, सीलन और फफूंद जैसी चीजें गंभीर फेफड़ों की बीमारियों का कारण बन सकती हैं। उन्होंने बताया कि इंटरस्टिशियल लंग डिजीज (आईएलडी) से देश में हर वर्ष करीब 45 हजार मौतें और डेढ़ लाख नए मरीज सामने आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आईएलडी और हाइपरसेंसिटिव न्यूमोनाइटिस जैसी बीमारियां धीरे-धीरे फेफड़ों को नुकसान पहुंचाती हैं। लगातार सूखी खांसी, सांस फूलना और थकान इसके प्रमुख लक्षण हैं। डॉ. लुहाडिया ने घरों में कबूतरों को बैठने से रोकने, सीलन खत्म करने और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने की सलाह दी।
