यूडीए और पुलिस समय पर कार्रवाई करती तो क्या टल सकता था ओस्तवाल नगर हत्याकांड?
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सेटबैक विवाद महीनों से सुलग रहा था, शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं होने पर खूनी संघर्ष में बदला मामला
उदयपुर, 30 जुलाई: प्रतापनगर थाना क्षेत्र के ओस्तवाल नगर में सेटबैक विवाद को लेकर फाइनेंसर सागरमल मेहता (68) की हत्या ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) और पुलिस ने समय रहते शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई की होती, तो क्या इस हत्याकांड को रोका जा सकता था? प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतक और पड़ोसी के बीच अवैध निर्माण और सेटबैक को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
परिजनों का आरोप है कि आरोपी अवैध निर्माण कर रहा था, जिसके खिलाफ कई बार शिकायतें की गईं। विवाद बढ़ता गया, लेकिन न तो निर्माण विवाद का समय पर समाधान हुआ और न ही तनाव को देखते हुए पर्याप्त पुलिस हस्तक्षेप हुआ। मंगलवार को यही विवाद हिंसक झड़प में बदल गया और सागरमल मेहता की कथित पिटाई के बाद उपचार के दौरान मौत हो गई।
घटना के बाद परिजनों और समाज के लोगों ने एमबी अस्पताल के बाहर प्रदर्शन कर आरोपियों की गिरफ्तारी और अवैध निर्माण हटाने की मांग की। विरोध के बाद यूडीए ने आरोपी के मकान के अवैध हिस्से पर बुलडोजर कार्रवाई की, जबकि पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी।

