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सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने पर गंभीरता से विचार की मांग

Rajasthan

सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने पर गंभीरता से विचार की मांग

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शिक्षक संघ और कर्मचारी महासंघ ने 16,690 कर्मचारियों के वित्तीय प्रभाव का आकलन कराने का आग्रह किया
उदयपुर, 16 सितम्बर:
राजस्थान शिक्षक संघ (एकीकृत) के प्रदेश मीडिया प्रभारी राव गोपाल सिंह आसोलिया एवं राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ के अरविंद सिंह राव ने मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री से शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करने की मांग की है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि निर्णय से पहले कर्मचारियों के हितों, सरकारी वित्तीय प्रभाव, पड़ोसी राज्यों में लागू व्यवस्थाओं और न्यायिक सेवा के प्रावधानों का तुलनात्मक अध्ययन किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रस्ताव में 16,690 कर्मचारियों और करीब 60 लाख रुपए की अनुमानित राशि का उल्लेख है। ऐसे में वित्त विभाग से वेतन, ग्रेच्युटी, पेंशन और अतिरिक्त सेवा अवधि सहित सभी वित्तीय घटकों के आधार पर वास्तविक प्रभाव का आकलन कराया जाना आवश्यक है। नेताओं ने कहा कि 16,690 कर्मचारियों से संबंधित आंकड़ों की प्रामाणिकता भी स्पष्ट की जाए।
उन्होंने पड़ोसी राज्यों की सेवानिवृत्ति आयु संबंधी व्यवस्थाओं तथा न्यायिक सेवा के प्रावधानों का अध्ययन कर पारदर्शी नीति बनाने की मांग की। साथ ही अनुभवी कर्मचारियों की सेवाओं का लाभ लेने और वित्तीय संतुलन बनाए रखने पर भी विचार करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री से प्रमुख मांगें

शिक्षक संघ (एकीकृत) एवं कर्मचारी महासंघ ने राज्य सरकार से मांग की है कि—

 * शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री स्तर पर उच्चस्तरीय विचार किया जाए।

 * 16,690 कर्मचारियों से संबंधित आंकड़ों एवं वास्तविक वित्तीय प्रभाव का प्रामाणिक आकलन वित्त विभाग से कराया जाए।

 * पड़ोसी राज्यों के सेवानिवृत्ति नियमों और मॉडल का व्यावहारिक व तुलनात्मक अध्ययन हो।

 * न्यायिक सेवा एवं अन्य विशेष सेवाओं के प्रावधानों को ध्यान में रखकर समग्र नीति तैयार की जाए।

 * अनुभवी कार्मिकों की कार्यक्षमता का लाभ उठाने तथा वित्तीय संतुलन बनाए रखने हेतु एक पारदर्शी व कर्मचारी-हितैषी नीति घोषित की जाए।

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