केंद्रीय OBC सूची में सभी उपवर्गों को शामिल करने की उठी मांग
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सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने केंद्रीय मंत्री से की मुलाकात, कलाल समाज के युवाओं को केंद्र की योजनाओं का लाभ दिलाने की अपील
उदयपुर, 6 अगस्त: मेवाड़ के कलाल समाज को केंद्रीय ओबीसी प्रमाण पत्र का लाभ दिलाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र सिंह से मुलाकात कर कलाल समाज के सभी उपवर्गों को केंद्रीय अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सूची में शामिल करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था के कारण समाज के हजारों युवा केंद्र सरकार की नौकरियों, उच्च शिक्षण संस्थानों में आरक्षण और विभिन्न केंद्रीय योजनाओं से वंचित रह रहे हैं।
सांसद ने मंत्री को सौंपे ज्ञापन में बताया कि भारत सरकार की 20 अक्टूबर 1994 की अधिसूचना में केंद्रीय ओबीसी सूची में केवल ‘कलाल (टांक)’ उपवर्ग शामिल है। इसके चलते अन्य उपवर्गों के लोगों को केंद्रीय ओबीसी प्रमाण पत्र जारी नहीं हो पाता। जबकि राजस्थान सरकार की 24 जून 2002 की अधिसूचना में कलाल, कलाल (टांक), मेवाड़ा, सुवालका, जायसवाल, अहलूवालिया और पटेल सहित सभी उपवर्ग ओबीसी सूची में शामिल हैं और राज्य स्तर पर उन्हें सभी लाभ मिल रहे हैं।
डॉ. रावत ने केंद्र सरकार से राजस्थान की तर्ज पर केंद्रीय सूची में संशोधन कर सभी उपवर्गों को शामिल करने की मांग की है, ताकि मेवाड़ सहित देशभर के पात्र युवाओं को समान अवसर और उनका वैधानिक अधिकार मिल सके।

