मुखर्जी चौक में अतिक्रमण हटाने पर विवाद
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फल-सब्जी विक्रेताओं ने छोड़ी जगह से हटने से इनकार
पार्किंग विकसित करने के लिए निगम की कार्रवाई का विरोध, 35 से अधिक महिला विक्रेताओं की आजीविका पर संकट; मौके पर पुलिस जाब्ता तैनात
उदयपुर, 2 जुलाई: शहर के व्यस्त मुखर्जी चौक स्थित सब्जी मार्केट के बाहर फल-सब्जी बेचने वाली महिला विक्रेताओं को हटाने की नगर निगम की कार्रवाई बुधवार को विवाद का कारण बन गई। निगम यहां पार्किंग व्यवस्था विकसित करने के लिए अस्थायी विक्रेताओं को मंडी परिसर के भीतर स्थानांतरित करना चाहता है, लेकिन वर्षों से सड़क किनारे कारोबार कर रही महिलाएं अपनी जगह छोड़ने को तैयार नहीं हैं। विरोध के चलते मौके पर सूरजपोल और धानमंडी थाना पुलिस के साथ डीएसपी स्तर के अधिकारी भी तैनात रहे।
सुबह नगर निगम की टीम कार्रवाई के लिए पहुंची तो महिला विक्रेताओं ने विरोध शुरू कर दिया। निगम कर्मचारियों ने सड़क किनारे रखे पत्थर और अन्य सामान हटाकर ट्रैक्टर में भरवाए, जबकि अधिकारियों ने महिलाओं से शांतिपूर्वक मंडी परिसर में स्थानांतरित होने की समझाइश की।

महिलाओं का कहना है कि वे पिछले करीब 40 वर्षों से यहां फल और सब्जियां बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। उनका आरोप है कि पार्किंग के नाम पर 35 से अधिक गरीब महिला विक्रेताओं का रोजगार छीना जा रहा है।
विरोध के समर्थन में कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष फतेह सिंह राठौड़ और पूर्व पार्षद नजमा मेवाफरोश भी मौके पर पहुंचे। राठौड़ ने कहा कि बिना प्रभावी पुनर्वास व्यवस्था के छोटे व्यापारियों को हटाना उनकी आजीविका पर सीधा प्रहार है। वहीं, नजमा मेवाफरोश ने आरोप लगाया कि अधिकांश विक्रेता आर्थिक रूप से कमजोर महिलाएं हैं और उनकी रोजी-रोटी प्रभावित होगी। उन्होंने कार्रवाई के तरीके पर भी सवाल उठाए।
आयुक्त बोले, व्यवस्थित रूप से मंडी में किया गया शिफ्ट
इधर, नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने कहा कि मुखर्जी चौक शहर का अत्यंत व्यस्त और संवेदनशील क्षेत्र है। मुख्य सड़क पर लगने वाले अस्थायी बाजार के कारण लंबे समय से यातायात बाधित होता रहा है और सुरक्षा संबंधी समस्याएं भी सामने आती रही हैं। उन्होंने बताया कि इसी कारण विक्रेताओं को हटाया नहीं जा रहा, बल्कि व्यवस्थित रूप से मंडी परिसर के भीतर स्थानांतरित किया जा रहा है, ताकि यातायात सुचारु रहे और व्यापार भी प्रभावित न हो।
