अक्षय तृतीया पर ‘अरविन्द सरोवरम्’ की स्थापना, जल संरक्षण का दिया संदेश
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शिकारबाड़ी परिसर में लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की उपस्थिति में श्रद्धा और प्रकृति संरक्षण का अनूठा संगम
उदयपुर, 23 अप्रैल : वैशाख मास की पावन अक्षय तृतीया पर मेवाड़ की जल-संरक्षण परंपरा को आगे बढ़ाते हुए शिकारबाड़ी परिसर में ‘अरविन्द सरोवरम्’ की स्थापना की गई। यह आयोजन मेवाड़ के 77वें श्री एकलिंग दीवान डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। मेवाड़नाथ प्रभु एकलिंगनाथ मंदिर के आशीर्वाद तथा विद्वान पंडितों के सान्निध्य में हुए इस अनुष्ठान ने श्रद्धा और जल संरक्षण के महत्व को एक साथ स्थापित किया।
यह सरोवर स्वर्गीय अरविन्द सिंह मेवाड़ की पुण्य स्मृति को चिरस्थायी बनाने के उद्देश्य से निर्मित किया गया है। प्रकृति और पंचतत्वों पर आधारित इस विशेष श्रद्धानुष्ठान के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश भी दिया गया। ‘अरविन्द सरोवरम्’ श्रद्धा, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक बनकर उभरा है।
मेवाड़ की ऐतिहासिक परंपरा में सरोवर, बावड़ियां, कुण्ड और कूप केवल जलस्रोत नहीं रहे, बल्कि जनजीवन और संस्कृति के आधार स्तंभ रहे हैं। महाराणाओं ने जल-संचय और संरक्षण की परंपरा को सदैव बढ़ावा दिया।
‘अरविन्द सरोवरम्’ इसी विरासत का आधुनिक विस्तार है, जो आने वाली पीढ़ियों को जल संरक्षण और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देगा। यह पहल मेवाड़ की सांस्कृतिक धरोहर के साथ पर्यावरणीय चेतना का भी सशक्त उदाहरण बनी है।
