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उदयपुर में गूँजे आशा भोसले के सदाबहार नगमे

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उदयपुर में गूँजे आशा भोसले के सदाबहार नगमे

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सुरों की मंडली संस्था (वरिष्ठ विंग) ने दी भावपूर्ण सुरमई श्रद्धांजलि:
उदयपुर, 1 मई:
संगीत जगत की मशहूर गायिका आशा भोसले जी की याद में सुरों की मंडली संस्था (वरिष्ठ विंग) की ओर से एक भव्य और यादगार संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शोभागपुरा के अशोका पैलेस स्थित मधुश्री बैंक्वेट हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में आशा जी के गाए हुए शानदार गानों के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर राजेश जी भारद्वाज Retd. (Additional SP/ASP) और सोमनाथ मिश्रा Retd. (Commissioner – Excise Dept & Ex-Officio Prohibition) मौजूद रहे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आशा भोसले जी की आवाज भारतीय संगीत की पहचान है और उनके गाए गीत आज भी हर उम्र के लोगों को पसंद आते हैं।
संस्थापक अध्यक्ष मुकेश माधवानी ने बताया कि इस कार्यक्रम का मकसद आशा जी के संगीत को सम्मान देना और शहर के कलाकारों को एक साथ लाना है।
सचिव अरुण ने कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी और कोषाध्यक्ष योगेश उपाध्याय ने सभी का धन्यवाद किया। कार्यक्रम संयोजक हेमा जोशी, एच.काज़ी और राजकुमार बापना रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सदस्य गण शामिल हुए।
संगीतमयी शाम में कई कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से बांधा समां:
कार्यक्रम में हेमा जोशी ने कोई शहरी बाबू, एच. काजी ने हम लाख छुपाए प्यार मगर, राज कुमार बापना ने आगे भी जाने ना तू, सीपी जैन ने जब चली ठंडी हवा, निशा राठौड़ ने कजरा मोहब्बत वाला, एल. के. जैन ने उड़े जब-जब जुल्फें तेरी, मधु शर्मा ने कौन आया कि निगाहों में चमक जाग उठी, किशोर कुमार यादव ने ये मेरा दिल प्यार का दीवाना, राजलेश जिंगर ने संसार है एक नदिया, सुनील शर्मा ने ओ साथी रे, कमल कुमार जुनेजा ने इशारों इशारों में, दिव्या सारस्वत ने ओ मेरे सोना रे, सुषमा वर्मा ने जाइए आप कहां जाएंगे, सीएस सांखला ने आइए मेहरबान, पुष्पा जैन ने दो लफ्जों की है दिल की कहानी, एसके मेहता ने आओ हुजूर तुमको सितारों में ले चलूं, दिलीप गभरानी ने प्यार करने वाले प्यार करते हैं, गीता सिंह राठौड़ ने मुझे नौलखा मंगा दे रे, और विजय राजपूत ने और इस दिल में क्या रखा है, विश्व पंडिया ने और क्या अहदे वफ़ा, नलिनी बंधू ने तोरा मन दर्पण कहलाये, नारायण लाल लोहार ने कितना हंसी है ये जहाँ, डॉ. नरेश शर्मा ने ये रातें ये मौसम, अधक्ष मुकेश माधवानी जी ने चुरा लिया है, रंजना जी भाटी ने हम इन्तेज़ार करेंगे, ज्योति मोदियानी ने इन आँखों की मस्ती, महेंद्र चावला ने पिया तू अब तो आजा, हर्षा नेभनानी ने रोज़ रोज़ आँखों तले, मनोहर लाल मुखिया ने हुज्ज़ुरे वाला, योगेश उपाध्याय ने ये लड़का हाय अल्ला, अरुण चोबीसा ने अभी न जाओ छोड़कर जैसी शानदार प्रस्तुतिया देकर सबका मन मोह लिया!

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