फसल बीमा और राहत भुगतान में देरी पर भड़के किसान,
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ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ कलेक्ट्रेट घेराव की चेतावनी?
बांसवाड़ा, 15 अप्रैल: बांसवाड़ा में खरीफ आपदा राहत और फसल बीमा राशि के समय पर भुगतान नहीं होने से किसानों में भारी आक्रोश है। बुधवार को भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसानों ने जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा।
किसान नेताओं ने कहा कि गढ़ी, घाटोल और गनोड़ा क्षेत्र के किसान बड़ी संख्या में एकत्र होकर आंदोलन करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो बांसवाड़ा कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा।
इस दौरान भारतीय किसान संघ के प्रांत उपाध्यक्ष रणछोड़ पाटीदार, जिला अध्यक्ष खोमजी पटेल और जिला मंत्री सहित कई किसान प्रतिनिधि मौजूद रहे। किसानों ने स्पष्ट किया कि समय पर भुगतान नहीं होने पर आंदोलन को तेज किया जाएगा।
संघ पदाधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री द्वारा 10 मार्च से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद शुरू करने की घोषणा के बावजूद किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस संबंध में पूर्व में भी दो बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन प्रशासन और सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
‘शून्य उत्पादन’ पर सवाल, फिर बीमा क्यों नहीं?
ज्ञापन में कई किसानों की पैदावार को ‘शून्य’ बताए जाने पर नाराजगी जताई गई। किसान नेताओं का कहना है कि जब प्रशासन उत्पादन शून्य मान रहा है, तो किसानों को आपदा राहत और फसल बीमा का भुगतान तुरंत किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि लंबित राशि शीघ्र जारी की जाए।
FCI और प्रशासन से प्रमुख मांगें
फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया सहित संबंधित एजेंसियों के समक्ष किसानों ने कई मांगें रखीं—
समर्थन मूल्य केंद्रों पर प्रति बीघा गेहूं खरीद की मात्रा बढ़ाई जाए।
खराब मौसम को देखते हुए गुणवत्ता मानकों में दी गई 15% छूट को और बढ़ाया जाए।
राजफेड द्वारा निर्धारित नए खरीद केंद्र जल्द शुरू किए जाएं।
गनोड़ा तहसील में भूमि पैमाइश से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाए।
