पितृ दिवस पर सजी ‘लफ़्ज़ों की महफ़िल’, वरिष्ठ शायर शकील अलाउद्दीन सम्मानित
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‘पिता’ विषयक डिजिटल पत्रिका का लोकार्पण, भावपूर्ण रचनाओं से गूंजा साहित्यिक मंच
उदयपुर, 15 जून : पितृ दिवस के अवसर पर शहर की साहित्यिक संस्था ‘लफ़्ज़ों की महफ़िल’ की ओर से आयोजित जून माह की मासिक काव्य गोष्ठी मधुश्री बैंक्वेट हॉल, अशोका पैलेस में साहित्यिक गरिमा और भावनात्मक माहौल के बीच संपन्न हुई। कार्यक्रम में शहर के प्रतिष्ठित कवियों, शायरों और साहित्य प्रेमियों ने ‘पिता’ विषय पर अपनी रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
संस्था के संस्थापक अध्यक्ष मुकेश माधवानी ने बताया कि गोष्ठी में कविता, ग़ज़ल, गीत, मुक्तक सहित विभिन्न साहित्यिक विधाओं की प्रस्तुतियां हुईं। रचनाकारों ने पिता के प्रेम, त्याग, संघर्ष और जीवन में उनके अमूल्य योगदान को संवेदनशील शब्दों में अभिव्यक्त किया।
इस अवसर पर संस्था द्वारा प्रकाशित ‘पिता’ विषयक विशेष डिजिटल पत्रिका का लोकार्पण भी किया गया। देशभर के रचनाकारों की कविताओं, ग़ज़लों और लेखों से सुसज्जित इस विशेषांक में पिता के प्रति सम्मान, प्रेम और कृतज्ञता के भावों को स्थान दिया गया है।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण वरिष्ठ शायर शकील अलाउद्दीन का सम्मान रहा। साहित्य और शायरी के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए संस्था ने उन्हें सम्मानित किया। उपस्थित साहित्यकारों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका अभिनंदन किया।
संस्था के सचिव एवं शायर शाद उदयपुरी ने कहा कि पिता केवल एक रिश्ता नहीं, बल्कि परिवार की वह मजबूत नींव हैं, जिनके संस्कार और संघर्ष जीवन को दिशा देते हैं। कार्यक्रम में डॉ. इकबाल सागर, आसमा बेगम, शाहिद हुसैन शैदा, इशाक फुरकत, प्रो. निर्मल गर्ग, विजय कुमार ‘नाकाम’, विनोद उपाध्याय, मनोहर डेम्बला, परवाना अजमेरी सहित अनेक रचनाकारों ने काव्य पाठ किया। कार्यक्रम का समापन साहित्यिक संवाद, आपसी सौहार्द और पितृ दिवस की शुभकामनाओं के साथ हुआ।
