हरियाली अमावस्या पर सिटी पैलेस में हुआ हरियाली पूजन
Share
मेवाड़ की परंपरा में प्रकृति, आस्था और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम
उदयपुर, 13 अगस्त : हरियाली अमावस्या पर बुधवार को सिटी पैलेस में मेवाड़ की सदियों पुरानी हरियाली पूजन परंपरा जीवंत हो उठी। प्रकृति के श्रृंगार और शिव आराधना से जुड़े इस पर्व पर महिलाओं ने पारंपरिक विधि-विधान से पीपल वृक्ष और जल का पूजन कर प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। हरे लहरिये परिधानों में सजी महिलाओं की मौजूदगी ने आयोजन को मेवाड़ी लोक संस्कृति के रंगों से भर दिया।
मेवाड़ में सावन के प्रत्येक सोमवार को ‘सुखिया सोमवार’ के रूप में मनाने की परंपरा रही है। हरियाली अमावस्या पर मेवाड़ के अधिपति परमेश्वरांजी महाराज श्री एकलिंगनाथ जी को चांदनिया प्रिंट का हरा लहरिया धारण कराने की परंपरा भी इस पर्व की विशिष्ट पहचान है।
सिटी पैलेस के जनाना महल से महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में बैंड-बाजों और ढोल की धुन के बीच रामेश्वर घाट पहुंचीं। यहां पीपल वृक्ष एवं जल का पूजन किया गया। महिलाओं ने रामेश्वर घाट के पारंपरिक गीत गाते हुए प्रकृति और जल के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।
मेवाड़ के 77वें श्री एकलिंग दीवान डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता ने इस परंपरा को आधुनिक संदर्भ दिया है। ‘गो ग्रीन’ और ‘सेव वाटर’ जैसे अभियानों के माध्यम से जल संरक्षण और हरित पर्यावरण का संदेश दिया जा रहा है। हरियाली अमावस्या इस परंपरा के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का संकल्प भी दोहराती है।

