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इतिहासकारों ने गुजरात के प्राचीन स्थलों का किया अध्ययन

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इतिहासकारों ने गुजरात के प्राचीन स्थलों का किया अध्ययन

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वडनगर और मेवाड़ के बीच प्राचीन व्यापारिक संबंधों की संभावना पर इतिहासकारों ने जताई सहमति
उदयपुर, 17 अप्रैल:
ग्लोबल हिस्ट्री फोरम के संस्थापक महासचिव डॉ. अजात शत्रु सिंह शिवरती के नेतृत्व में इतिहासकारों के दल ने गुजरात के ऐतिहासिक एवं पौराणिक स्थलों वडनगर, ईडर, खेडब्रह्मा और हिम्मतनगर का भ्रमण कर वहां की सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक धरोहरों का अध्ययन किया। दल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विकसित वडनगर पुरातात्विक अनुभवात्मक संग्रहालय का अवलोकन करते हुए मेवाड़ और वडनगर के बीच प्राचीन आर्थिक एवं वाणिज्यिक संबंधों की संभावनाओं पर चर्चा की।
दल में शामिल इतिहासकारों डॉ. राजेंद्र नाथ पुरोहित, डॉ. जे.के. ओझा, डॉ. हरीश राव, डॉ. रामसिंह राठौड़ सहित अन्य विद्वानों ने कहा कि गुहिल राजा शिलादित्य के काल के सम्भोली ग्राम शिलालेख से मेवाड़ की आर्थिक समृद्धि स्पष्ट होती है। शिलालेख में उल्लेखित “वटनगर” को लेकर अब यह संभावना जताई गई है कि यह स्थान वर्तमान गुजरात का वडनगर हो सकता है, जहां के महाजनों के मेवाड़ के जावर खनन क्षेत्र से व्यापारिक संबंध रहे होंगे।
इतिहासकारों ने इस यात्रा के दौरान प्रेरणा स्कूल तथा ईडर राजपरिवार के सदस्यों से भी मुलाकात की। दल का मानना है कि यह अध्ययन मेवाड़ और गुजरात के ऐतिहासिक व्यापारिक संबंधों पर नए शोध के द्वार खोलेगा।

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