उदयपुर में 200 करोड़ रुपए के गांजे की अवैध खेती नष्ट
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कोटड़ा के मांडवा में 57 हेक्टेयर में मिले 1.33 लाख पौधे, 56 खसरा नंबरों पर फैली थी खेती
उदयपुर, 14 अक्टूबर: मादक पदार्थों की अवैध खेती के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन गांजगवेषणा के तहत नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) जोधपुर, एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) राजस्थान और राजस्थान पुलिस की संयुक्त टीम ने उदयपुर जिले की कोटड़ा तहसील के मांडवा गांव में बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजे के करीब 1.33 लाख अवैध पौधे नष्ट किए। करीब 57 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली इस खेती से संभावित रूप से 39,900 किलोग्राम गांजा मिलने का अनुमान लगाया गया है, जिसका बाजार मूल्य करीब 199.50 करोड़ रुपए आंका गया है।
एनसीबी जोधपुर को एएनटीएफ राजस्थान से मांडवा गांव में अवैध गांजे की खेती होने की सूचना मिली थी। इसके आधार पर संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। स्थानीय उप पुलिस अधीक्षक और पटवारी को भी मौके पर बुलाया गया। पटवारी ने भूमि का सत्यापन कर बताया कि खेती मांडवा गांव के 56 खसरा नंबरों में फैली हुई थी।
जमीन की सघन तलाशी के दौरान गांजे के करीब 1.33 लाख पौधे मिले। इनसे संभावित उपज 39,900 किलोग्राम आंकी गई। प्रति किलोग्राम 50 हजार रुपए की अनुमानित दर के अनुसार इसकी कीमत 199.50 करोड़ रुपए बताई गई है।
पौधों को नष्ट करने की कार्रवाई में एनसीबी, एएनटीएफ और राजस्थान पुलिस के करीब 70 कार्मिकों के साथ 10 श्रमिकों ने भाग लिया। कार्रवाई में तीन ट्रैक्टरों की मदद ली गई। पूरी प्रक्रिया उप पुलिस अधीक्षक, पटवारी, संयुक्त टीम और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में संपन्न हुई।
इस मामले में एनसीबी जोधपुर में अपराध संख्या 08/2026 दर्ज की गई है। प्रकरण की आगे जांच की जा रही है।
एनसीबी के अनुसार ऑपरेशन गांजगवेषणा मादक पदार्थ नियंत्रण संबंधी विजन डॉक्यूमेंट 2026-29 के अनुरूप चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य अवैध खेती पर स्रोत स्तर पर कार्रवाई कर मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करना और केंद्र तथा राज्य की एजेंसियों के समन्वय से नशे के खिलाफ अभियान को प्रभावी बनाना है।

