पिपलांत्री में बेटियों ने पेड़ों को बांधी राखी
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दो दशक पुरानी परंपरा आज भी कायम, बेटियों ने पेड़ों की उम्रभर देखभाल का लिया संकल्प
राजसमंद, 23 अगस्त: रक्षाबंधन पर जहां बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं, वहीं राजसमंद के पिपलांत्री गांव में बेटियों ने पेड़ों को राखी बांधकर अनोखा संदेश दिया। पारंपरिक परिधान में नर्सरी पहुंचीं बेटियों ने पेड़ों को अपना भाई मानकर राखी बांधी और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। प्रकृति और बेटियों के रिश्ते को जोड़ने वाली करीब दो दशक पुरानी यह परंपरा इस बार भी उत्साह से निभाई गई।
बेटी के जन्म पर 111 पौधे लगाने से शुरू हुई पहल
पिपलांत्री में पूर्व सरपंच श्याम सुंदर पालीवाल ने करीब 20 वर्ष पहले बेटी के जन्म को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए 111 पौधे लगाने की शुरुआत की थी। उनका संदेश था कि बेटी के जन्म की खुशी के साथ प्रकृति के लिए भी कुछ संजोया जाए। धीरे-धीरे यह पहल पूरे गांव की पहचान बन गई।
42 बेटियों के जन्म पर लगाए पौधे
इस वर्ष पर्यावरण महोत्सव के तहत 42 नवजात बेटियों के जन्म की खुशी में पौधारोपण किया गया। उनकी माताएं बेटियों को लेकर नर्सरी पहुंचीं और पौधे लगाए। वहीं वर्षों पहले लगाए गए पौधे अब पेड़ बन चुके हैं। उन पेड़ों को उन्हीं बेटियों ने राखी बांधी, जिनके जन्म पर पौधे लगाए गए थे।
हरियाली के साथ जलस्तर में भी सुधार
ग्रामीणों के अनुसार इस परंपरा से गांव में हरियाली बढ़ी और जलस्तर में भी सुधार हुआ है। कार्यक्रम में कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा, एसपी हेमंत कलाल, सरपंच अनिता पालीवाल सहित ग्रामीण और पर्यटक मौजूद रहे।

