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जयपुर बनेगा ‘स्वच्छता की नगरी’, स्वच्छ भारत मिशन को नई गति

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जयपुर बनेगा ‘स्वच्छता की नगरी’, स्वच्छ भारत मिशन को नई गति

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प्रदेश स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर के.के. गुप्ता ने नगर निगम जयपुर में समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
जयपुर, 23 अप्रैल : राजस्थान की राजधानी जयपुर को गुलाबी नगरी और पर्यटन नगरी के साथ अब “स्वच्छता की नगरी” के रूप में पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है। प्रदेश स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर के.के. गुप्ता ने गुरुवार को नगर निगम जयपुर में आयोजित समीक्षा बैठक में कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के स्वच्छ राजस्थान के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए प्रशासनिक दक्षता के साथ आमजन की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि जयपुर की ऐतिहासिक और पर्यटन पहचान के साथ अब स्वच्छता के क्षेत्र में भी नई मिसाल कायम की जाएगी।
बैठक में गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहरों और गांवों में सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। आधुनिक मशीनें, कचरा संग्रहण वाहन, सीवर सफाई उपकरण और अन्य संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है ताकि सफाई कार्य अधिक प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण हो सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं अभियान की प्रगति की निगरानी कर रहे हैं और स्वच्छता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जयपुर निगम के सफाई अभियान की सराहना
के.के. गुप्ता ने नगर निगम आयुक्त प्रकाश कसेरा के नेतृत्व में आयोजित “सफाई सेवा मैराथन 2026” की सराहना करते हुए इसे स्वच्छता के क्षेत्र में अभिनव पहल बताया। उन्होंने कहा कि जयपुर के सभी 13 जोन और 150 वार्डों में एक साथ चलाए गए 14 घंटे के इस महाअभियान में लगभग 6 हजार टन कचरे का निस्तारण किया गया, जो एक नया रिकॉर्ड है। उन्होंने अन्य नगर निकायों से भी ऐसे नवाचार अपनाने का आह्वान किया।
अधिकारियों को दिए पांच प्रमुख निर्देश
बैठक में स्वच्छता व्यवस्था सुधारने के लिए अधिकारियों को पांच प्रमुख बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। इनमें घर-घर कचरा संग्रहण, नाइट स्वीपिंग, सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई, प्लास्टिक थैली पर रोक, और खाली प्लॉटों की सफाई शामिल हैं। गुप्ता ने कहा कि सुबह 10 बजे तक शत-प्रतिशत कचरा संग्रहण सुनिश्चित किया जाए तथा गीले और सूखे कचरे को स्रोत स्तर पर अलग किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि वाणिज्यिक क्षेत्रों में रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक नियमित सफाई हो तथा सार्वजनिक शौचालयों की दिन में कम से कम तीन बार सफाई हो। प्लास्टिक थैलियों के उत्पादन और उपयोग पर कड़ी कार्रवाई के साथ खाली प्लॉटों को कचरा केंद्र बनने से रोकने के लिए प्लॉट मालिकों को जिम्मेदार बनाया जाए।
विकास और स्वच्छता साथ-साथ
गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित कर रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, जल, कृषि, उद्योग और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि योजनाबद्ध प्रयासों से राजस्थान आने वाले समय में स्वच्छ, सुंदर और समृद्ध राज्य के रूप में देशभर में नई पहचान बनाएगा।
बैठक के अंत में सफाई सेवा मैराथन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नगर निगम के तीन कर्मचारियों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त सहित सभी 13 जोन के उपायुक्त और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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