किडनी के मरीजों को अब बड़े शहरों की दौड़ से मिलेगी राहत, आरएनटी में ट्रांसप्लांट की तैयारी
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एक करोड़ के उपकरणों से सजेगी सुविधा, निजी अस्पतालों में 5 से 18 लाख रुपए तक आता है खर्च; उदयपुर संभाग के 100 से अधिक मरीज डोनर के इंतजार में
उदयपुर, 26 अक्टूबर: किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए इलाज की चुनौती केवल बीमारी तक सीमित नहीं है। प्रत्यारोपण की सुविधा, उपयुक्त डोनर और लाखों रुपए के खर्च की व्यवस्था करना भी उनके सामने बड़ी समस्या है। ऐसे में उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज में किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा शुरू करने की तैयारी दक्षिण राजस्थान के मरीजों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इससे मरीजों को प्रत्यारोपण के लिए दूसरे शहरों में जाने की मजबूरी कम करने में मदद मिलेगी।
आरएनटी में इस सुविधा के लिए करीब एक करोड़ रुपए के उपकरण लगाए जाने की तैयारी है। इसके साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की तैनाती भी प्रस्तावित है। इसमें यूरोलॉजिस्ट, नेफ्रोलॉजिस्ट, सर्जन, फिजिशियन और नर्सिंगकर्मी शामिल होंगे। हालांकि, सुविधा शुरू होने की अंतिम स्थिति और मरीजों के ऑपरेशन की शुरुआत अधिकृत अनुमति तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी होने पर निर्भर करेगी।
निजी अस्पतालों में लाखों का खर्च
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, निजी अस्पतालों में किडनी ट्रांसप्लांट का खर्च करीब 5 से 18 लाख रुपए तक हो सकता है। ऐसे में सरकारी अस्पताल में यह सुविधा शुरू होने से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, वास्तविक खर्च और सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली सहायता की जानकारी अस्पताल प्रशासन से स्पष्ट होगी। राजस्थान के राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (एसओटीटीओ) की उपलब्ध जानकारी और प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार सरकारी क्षेत्र में किडनी प्रत्यारोपण की स्थापित सुविधा के प्रमुख केन्द्रों में एसएमएस अस्पताल के अलावा जोधपुर के एम्स में है। एसओटीटीओ की सूची में उदयपुर का आरएनटी मेडिकल कॉलेज अभी तक अंग प्राप्ति केंद्र के रूप में भी दर्ज है।
डोनर की उपलब्धता भी बड़ी चुनौती
उदयपुर संभाग में 100 से अधिक मरीजों के कैडेवर डोनर यानी ब्रेन-डेड व्यक्ति से प्राप्त किडनी के इंतजार में होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में नई सुविधा के साथ अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना, डोनर की पहचान और प्रत्यारोपण की पूरी प्रक्रिया को मजबूत करना भी जरूरी होगा।

