छात्रावास पर क्षत्रिय समाज का अधिकार वैध: कोर्ट
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एडीजे के फैसले का पूर्व राजपरिवार ने किया स्वागत, बोले- समाज और विद्यार्थियों के हित में होगा संचालन
डूंगरपुर, 23 जुलाई: डूंगरपुर शहर स्थित श्री लक्ष्मण राजपूत छात्रावास को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद में एडीजे कोर्ट के निर्णय के बाद क्षत्रिय समाज और पूर्व राजपरिवार ने खुशी जताई है। पूर्व राज्यसभा सांसद एवं डूंगरपुर के पूर्व महारावल हर्षवर्धन सिंह ने न्यायालय के फैसले को सत्य और न्याय की जीत बताते हुए कहा कि छात्रावास हमेशा से क्षत्रिय समाज की संपत्ति रहा है और भविष्य में भी समाज के हित में ही संचालित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने समाज को भ्रमित कर छात्रावास पर अवैध अधिकार जमाने का प्रयास किया था, लेकिन अदालत ने सभी दस्तावेजों और तथ्यों की गहन जांच के बाद समाज के पक्ष में फैसला सुनाया। इससे यह स्पष्ट हो गया कि छात्रावास पर क्षत्रिय समाज का अधिकार पूरी तरह वैध है।
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष करणीराज सिंह चौहान ने भी निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि अब छात्रावास का संचालन पूरी पारदर्शिता के साथ विद्यार्थियों और समाज के हित में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय जरूरतमंद विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य और समाज की एकता के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। इस अवसर पर समाज के अनेक लोग मौजूद रहे।
