मेवाड़ में 17 जून को मनाई जाएगी महाराणा प्रताप जयंती
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राजपरिवार ने तिथि आधारित परंपरा निभाने की अपील की, मोतीमगरी पर होंगे मुख्य आयोजन
उदयपुर, 9 मई: भले ही देश में शनिवार को महाराणा प्रताप जयंती मनाई जा रही है लेकिन उदयपुर सहित पूरे मेवाड़ में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती इस वर्ष 17 जून 2026 को पारंपरिक रूप से ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि पर मनाई जाएगी। मेवाड़ में वर्षों से महाराणा प्रताप जयंती अंग्रेजी कैलेंडर की तारीख के बजाय हिन्दू पंचांग की तिथि के अनुसार मनाने की परंपरा चली आ रही है। राजपरिवार ने भी इस परंपरा को बनाए रखने की अपील की है।
डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने जारी किया संदेश
मेवाड़ राजपरिवार के पूर्व सदस्य डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो संदेश जारी कर कहा कि सनातन संस्कृति के सभी पर्व, शुभ अवसर, महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथियां भारतीय कालगणना और विक्रम संवत की तिथियों के अनुसार ही मनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह गौरव का विषय है कि पिछले कुछ वर्षों में देश के कई महत्वपूर्ण उत्सवों को भी विक्रम संवत तिथियों के आधार पर आधिकारिक मान्यता मिलने लगी है। ऐसे में महाराणा प्रताप जयंती भी परंपरागत तिथि पर ही मनाई जानी चाहिए।
17 जून को होंगे परंपरागत आयोजन
राजपरिवार की ओर से जारी अपील में कहा गया कि इस वर्ष बुधवार, 17 जून को पूरे मेवाड़ में श्रद्धा, सम्मान और गौरव के साथ महाराणा प्रताप जयंती मनाई जाएगी। उदयपुर में महाराणा प्रताप स्मारक मोतीमगरी पर मुख्य आयोजन होंगे। यहां प्रताप को पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी। इसके अलावा शहर में शोभायात्रा, अश्व पूजन, महाआरती और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। प्रताप जयंती पर बड़ी संख्या में समाज संगठन, युवा मंडल और विभिन्न संस्थाएं भाग लेंगी।
सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी परंपरा
डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने कहा कि जब समाज सामूहिक रूप से अपनी पारंपरिक कालगणना और संस्कृति का सम्मान करता है, तब सांस्कृतिक पहचान और विरासत और अधिक मजबूत होती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि महाराणा प्रताप जयंती को केवल उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्र स्वाभिमान और सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक के रूप में मनाएं।
