परमात्मा के एहसास से जागृत हो मानव मन
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79वें निरंकारी संत समागम का शुभारंभ, प्रेम और विश्वबंधुत्व का दिया संदेश
उदयपुर, 24 अक्टूबर: परमात्मा की उपस्थिति का एहसास और जीवन में आध्यात्मिकता को अपनाना ही वास्तविक जागृति है। यह संदेश सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने हरियाणा के समालखा स्थित निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर आयोजित 79वें वार्षिक निरंकारी संत समागम के प्रथम दिवस दिया।
संत निरंकारी मंडल उदयपुर शाखा के मुखी जीतसिंह ने बताया कि 23 से 26 अक्टूबर तक आयोजित चार दिवसीय समागम का शुभारंभ सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज और निरंकारी राजपिता रमित जी की छत्रछाया में हुआ। इसमें उदयपुर सहित देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।
‘मानवता के नाम संदेश’ में सतगुरु माता जी ने कहा कि समागम का उद्देश्य मानव मन में आध्यात्मिक चेतना बनाए रखना है। उन्होंने घर, परिवार, समाज और देश के प्रति जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने तथा जाति, भाषा और क्षेत्र के भेद से ऊपर उठकर सभी को प्रेम और सम्मान देने का आह्वान किया।
समागम स्थल पर सतगुरु माता जी और निरंकारी राजपिता का पुष्पगुच्छ व मालाओं से स्वागत किया गया। इसके बाद पुष्पों से सुसज्जित खुली पालकी में उन्हें मुख्य मंच तक लाया गया। निरंकारी इंस्टीट्यूट ऑफ म्यूजिक एंड आर्ट्स के 600 से अधिक विद्यार्थियों ने भरतनाट्यम और स्वागत गीत प्रस्तुत किए।

