छात्रावास निर्माण में लापरवाही पर सख्त मंत्री: होगी उच्च स्तरीय जांच
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66 लाख के भवन में दरारें आने पर बोले—बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
जुगल कलाल
डूंगरपुर, 10 अप्रैल: जिले के ओबरी में नवनिर्मित बालक छात्रावास भवन में सामने आई गंभीर खामियों के मामले ने तूल पकड़ लिया है। महज कुछ महीनों पहले 66 लाख रुपये की लागत से बने भवन में दरारें आने पर प्रदेश के जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने सख्त रुख अपनाते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
मंत्री खराड़ी ने अपने दौरे के दौरान कहा कि बच्चों की सुरक्षा और भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में निर्माण कार्य गुणवत्ताहीन पाया गया तो संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों से रिकवरी की जाएगी और कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।

लीपापोती से छिपाई गई खामियां
जानकारी के अनुसार राजस्थान स्टेट कृषि विपणन बोर्ड के माध्यम से श्री विनायक कंस्ट्रक्शन द्वारा छात्रावास का निर्माण कराया गया था। निर्माण के कुछ ही समय बाद भवन के चार कमरों में गहरी दरारें आ गईं। आरोप है कि सुधार के बजाय ठेकेदार से लीपापोती कर खामियों को छिपाने की कोशिश की गई।

जवाबदेही पर उठे सवाल
स्थानीय स्तर पर शिकायत प्रक्रिया स्पष्ट नहीं होने से आमजन को जानकारी नहीं मिल पाती, जिसका फायदा उठाकर जिम्मेदार अधिकारी जवाबदेही से बचते रहे। पंजाब केसरी के मामला उजागर होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है और अब जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की तैयारी है।
