यौम-ए-आशूरा पर निकला मातमी जुलूस, इमाम हुसैन की शहादत को किया याद
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बोहरा समाज ने गम और अकीदत के साथ मनाया आशूरा, ‘या हुसैन’ की सदाओं से गूंजा शहर
उदयपुर, 24 जून: दाऊदी बोहरा समुदाय ने बुधवार को यौम-ए-आशूरा श्रद्धा, अकीदत और गम के साथ मनाया। इस अवसर पर इस्लाम के पैगम्बर हजरत मुहम्मद साहब (स.अ.व.) के नवासे हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) और कर्बला में शहीद हुए उनके 72 साथियों को याद करते हुए मातमी जुलूस निकाला गया।
दाऊदी बोहरा जमात के प्रवक्ता मंसूर अली ओड़ावाला ने बताया कि दोपहर 2 बजे बोहरवाड़ी स्थित मोहियदपुरा मस्जिद से वजीहपुरा मस्जिद तक मातमी जुलूस निकाला गया। जुलूस में हजरत अब्बास अलमबरदार के अलम शामिल रहे तथा नौहाख्वानों ने मातमी नौहे पेश कर कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। महिलाओं ने नम आंखों से गम का इजहार किया, वहीं युवाओं और बच्चों ने भी ‘या हुसैन’ के नारों के साथ मातम किया।
जुलूस के समापन के बाद वजीहपुरा मस्जिद में इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत का मकतल पढ़ा गया। इससे पूर्व रात में आयोजित मजलिस में कर्बला के घटनाक्रम पर तकरीरें और मातमी नौहे प्रस्तुत किए गए।
आशूरा के समापन पर वजीहपुरा मस्जिद में शाम-ए-गरीबां की मजलिस आयोजित हुई। अंधेरे में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में कर्बला के बाद इमाम हुसैन के परिवार की महिलाओं और बच्चों पर हुए अत्याचारों का मार्मिक वर्णन किया गया। इसी के साथ मोहर्रम के दस दिनों तक चले धार्मिक कार्यक्रमों का समापन हुआ।
