नीले ड्रम हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा
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पति सौरभ की हत्या कर शव के टुकड़े ड्रम में भरकर सीमेंट से दबाए थे, 22 गवाहों की गवाही और साक्ष्यों के आधार पर फैसला
मेरठ, 14 अक्टूबर: मेरठ की जिला अदालत ने बहुचर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में बुधवार को मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा सुनाई। दोनों को मार्च 2025 में मुस्कान के पति सौरभ राजपूत की हत्या और साक्ष्य मिटाने के मामले में दोषी ठहराया गया था। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने सजा सुनाते हुए कहा कि दोनों ने सौरभ की नृशंस हत्या की है और ऐसे अपराध में माफी स्वीकार नहीं की जा सकती।
सजा सुनाए जाने से पहले जेल में बंद मुस्कान और साहिल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत से जोड़ा गया। न्यायाधीश ने मुस्कान से पूछा कि वह सजा के संबंध में क्या कहना चाहती है। इस पर मुस्कान ने अपनी बच्चियों का ध्यान रखने की बात कही। साहिल ने सवाल के जवाब में कुछ नहीं कहा। सजा का ऐलान होते ही दोनों रोने लगे।
शव के टुकड़े कर ड्रम में भरा था
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 3 मार्च 2025 को सौरभ राजपूत की हत्या के बाद उसके शव के टुकड़े किए गए और उन्हें नीले प्लास्टिक के ड्रम में भरकर सीमेंट का घोल डाल दिया गया, ताकि सबूत मिटाए जा सकें। मामले का खुलासा 18 मार्च 2025 को हुआ, जब सौरभ के परिजनों के घर पहुंचने पर घटना सामने आई और पुलिस ने जांच शुरू की।
22 गवाहों की गवाही बनी अहम आधार
मामले में अभियोजन पक्ष ने 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए। इनमें प्रत्यक्षदर्शी, सौरभ के परिजन, पुलिसकर्मी, चिकित्सक, होटल प्रबंधक और अन्य संबंधित व्यक्ति शामिल थे। अभियोजन के मुताबिक, हत्या में इस्तेमाल चाकू और उस्तरा आरोपियों की निशानदेही पर बरामद किए गए। हथियारों पर मानव रक्त मिलने, मोबाइल कॉल डिटेल, सोशल मीडिया चैट और होटल के सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों को भी अदालत के सामने रखा गया। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों को दोषी माना।
परिजनों ने फैसले पर जताया संतोष
सजा सुनाए जाने के बाद सौरभ की मां रेनू भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय मिल गया है। सौरभ के भाई बबलू ने भी फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि परिवार शुरू से ही दोषियों के लिए फांसी की मांग कर रहा था। वहीं, बचाव पक्ष ने मुस्कान की दो बेटियों और उसके पारिवारिक हालात का हवाला देते हुए कम सजा देने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने दोनों को मृत्युदंड सुनाया। अदालत के फैसले के बाद मेरठ कोर्ट परिसर में कुछ वकीलों ने मिठाई बांटकर प्रतिक्रिया व्यक्त की। मामले में दोषियों को सुनाई गई मृत्युदंड की सजा के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

