उपखंड मुख्यालयों पर दमकल नहीं, आग लगने पर राख हो रही संपत्ति
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गोगुंदा और खेरवाड़ा की घटनाओं ने खोली व्यवस्थाओं की पोल, ग्रामीण बोले—तहसील स्तर तक हो अग्निशमन सुविधा
उदयपुर, 23 अप्रैल : उदयपुर संभाग के जिला मुख्यालयों पर अग्निशमन सेवाएं उपलब्ध होने के बावजूद अधिकांश उपखंड मुख्यालय आज भी इस बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। नतीजतन आग लगने की घटनाओं में समय पर राहत नहीं मिल पाती और लाखों रुपये की संपत्ति देखते ही देखते जलकर राख हो जाती है। बुधवार रात गोगुंदा और गुरुवार सुबह खेरवाड़ा में हुई आगजनी की घटनाओं ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में दमकल व्यवस्था की गंभीर कमी उजागर कर दी।
गोगुंदा में निकुंज वाटिका के पीछे स्थित प्लास्टिक पाइप के गोदाम में बुधवार देर रात भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि सिंचाई कार्य में उपयोग आने वाला पूरा सामान जलकर राख हो गया। गोदाम के पास की दो दुकानें भी इसकी चपेट में आ गईं। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने की भरसक कोशिश की, लेकिन दमकल के पहुंचने से पहले सब कुछ स्वाहा हो चुका था।
इसी तरह गुरुवार सुबह खेरवाड़ा में एक बंद पड़ी दुकान और उसके पीछे बने मकान में आग लग गई। उदयपुर और निजी उद्योगों से दमकल वाहन मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था।
गोगुंदा निवासी महेन्द्र सिंह राजपूत ने बताया, “यदि उपखंड मुख्यालय पर दमकल होती तो नुकसान काफी कम हो सकता था। दूर से वाहन आने में बहुत देर हो जाती है।” वहीं खेरवाड़ा के रमेश मीणा ने कहा, “गर्मी के दिनों में आग की घटनाएं बढ़ जाती हैं, इसलिए तहसील स्तर तक अग्निशमन सेवा उपलब्ध होनी चाहिए।”
अप्रैल के दूसरे सप्ताह से क्षेत्र में भीषण गर्मी का असर बढ़ गया है और आग लगने की घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में ग्रामीणों की मांग है कि उपखंड ही नहीं, तहसील मुख्यालयों पर भी दमकल वाहनों की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि समय रहते आग पर काबू पाया जा सके और जन-धन की हानि रोकी जा सके।
