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नल में पानी नहीं, फिर भी दौड़ रहे मीटर: हवा का भी बिल भरने को मजबूर उदयपुर के उपभोक्ता

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नल में पानी नहीं, फिर भी दौड़ रहे मीटर: हवा का भी बिल भरने को मजबूर उदयपुर के उपभोक्ता

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शहर की कई कॉलोनियों में पानी की जगह निकल रही हवा, मीटर दर्ज कर रहे खपत; रावजी का हाटा में पांच दिन से संकट, लोग हैंडपंप, टैंकर और बारिश के पानी पर निर्भर


उदयपुर, 2 अगस्त:
उदयपुर में पेयजल संकट अब केवल अनियमित जलापूर्ति तक सीमित नहीं रह गया है। शहर के कई इलाकों में उपभोक्ताओं का आरोप है कि नलों से पानी की बजाय लंबे समय तक केवल हवा निकल रही है, लेकिन जल मीटर लगातार रीडिंग दर्ज कर रहे हैं। यानी लोगों को उस पानी का भी बिल चुकाना पड़ रहा है, जो उन्हें मिला ही नहीं।
सबसे गंभीर स्थिति रावजी का हाटा क्षेत्र में है, जहां पिछले पांच दिनों से नियमित जलापूर्ति ठप है। स्थानीय लोगों के अनुसार दिन में केवल 30 से 45 मिनट कम दबाव से सप्लाई हो रही है। अधिकांश घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा, जिससे लोगों को हैंडपंप, निजी टैंकर और बारिश के पानी का सहारा लेना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे।
इसी तरह हिरण मगरी सेक्टर-4, सेक्टर-5, सेक्टर-11, भुवाणा, प्रतापनगर, गोवर्धन विलास, सविना, अंबामाता, बेदला, सुखेर, टेकरी, देबारी और न्यू भूपालपुरा सहित अनेक क्षेत्रों से भी कम दबाव और अनियमित जलापूर्ति की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि नल खोलने पर पहले कई मिनट तक केवल हवा निकलती है, लेकिन इस दौरान भी मीटर की रीडिंग बढ़ जाती है।
इस बीच समोर बाग क्षेत्र में स्मार्ट सिटी के कर्मचारी पिछले पांच-छह दिनों से पाइपलाइन की सफाई और मरम्मत में जुटे हैं। सड़क खोदकर पाइपलाइन की सफाई की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मरम्मत कार्य के बावजूद जलापूर्ति सामान्य नहीं हो सकी है।
जल विशेषज्ञों के अनुसार पाइपलाइन में हवा भरना, बार-बार सप्लाई बाधित होना या नकारात्मक दबाव बनने जैसी परिस्थितियों में कुछ प्रकार के यांत्रिक जल मीटर हवा के प्रवाह को भी दर्ज कर सकते हैं। ऐसे मामलों में मीटर का परीक्षण और कैलिब्रेशन आवश्यक होता है।
जलदाय विभाग का कहना है कि यदि किसी उपभोक्ता को मीटर की रीडिंग पर संदेह है तो वह लिखित शिकायत देकर मीटर की जांच करा सकता है। जांच में तकनीकी खराबी मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि उपभोक्ताओं का कहना है कि शिकायतों का निस्तारण समय पर नहीं होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

इन सवालों के जवाब चाहता है शहर
किन क्षेत्रों में जल मीटर हवा के दौरान भी रीडिंग दर्ज कर रहे हैं?
ऐसे कितने उपभोक्ताओं ने बिलों पर आपत्ति दर्ज कराई है?
अब तक कितने मीटरों की तकनीकी जांच और बदलाव किया गया?
पाइपलाइन में हवा भरने की समस्या का स्थायी समाधान कब होगा?
जिन उपभोक्ताओं को बिना पानी मिले बिल आया, उन्हें राहत कैसे मिलेगी?
फैक्ट फाइल
प्रमुख प्रभावित क्षेत्र: रावजी का हाटा, हिरण मगरी सेक्टर-4, 5, 11, भुवाणा, प्रतापनगर, गोवर्धन विलास, सविना, अंबामाता, बेदला, सुखेर, टेकरी, देबारी, न्यू भूपालपुरा।
रावजी का हाटा: 5 दिन से नियमित जलापूर्ति बाधित।
वर्तमान सप्लाई: केवल 30–45 मिनट, वह भी कम दबाव से।
वैकल्पिक व्यवस्था: हैंडपंप, टैंकर और वर्षा जल पर निर्भरता।
समोर बाग: पाइपलाइन सफाई और मरम्मत कार्य पिछले 5–6 दिनों से जारी।

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