पोषण की कमी से बढ़ रहा बच्चों में हड्डियों और मांसपेशियों के विकार
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एमबी अस्पताल में हर सप्ताह 30 से अधिक बच्चे चाल संबंधी परेशानी लेकर पहुंच रहे, बार-बार गिरने और लड़खड़ाने को न करें नजरअंदाज
उदयपुर, 25 अक्टूबर: पोषण की कमी और बच्चों के शारीरिक विकास से जुड़ी समस्याएं हड्डियों तथा मांसपेशियों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं। बच्चों में चलते समय लड़खड़ाना, बार-बार गिरना, पैर तिरछा रखकर चलना और एक पैर पर कम वजन डालना ऐसे लक्षण हैं, जिन पर अभिभावकों को ध्यान देने की जरूरत है। उदयपुर के एमबी अस्पताल में हर सप्ताह 30 से अधिक बच्चे चाल संबंधी परेशानियों के साथ पहुंच रहे हैं। हालांकि, इन मामलों में पोषण की कमी कितनी बड़ी वजह है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकता है।
विटामिन-डी और कैल्शियम की कमी से प्रभावित हो सकती हैं हड्डियां
विटामिन-डी और कैल्शियम की गंभीर कमी से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं। बच्चों में रिकेट्स होने पर पैरों का टेढ़ापन, हड्डियों में दर्द और चलने में परेशानी हो सकती है। वहीं, पर्याप्त प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व नहीं मिलने से मांसपेशियों के विकास पर असर पड़ सकता है। हालांकि, जन्मजात बनावट, जोड़ों की परेशानी और तंत्रिका तंत्र से जुड़े विकार भी चाल में बदलाव के कारण हो सकते हैं।
लक्षण दिखें तो कराएं जांच
एमबी अस्पताल के अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. एमपी जैन के अनुसार, बच्चे के लगातार लड़खड़ाने, बार-बार गिरने, दर्द होने या पैरों की बनावट में बदलाव दिखने पर चिकित्सकीय जांच जरूरी है। संतुलित भोजन, नियमित खेलकूद और समय पर पहचान से बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल में मदद मिल सकती है। उपचार समस्या के वास्तविक कारण के अनुसार तय किया जाना चाहिए।

