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80 से अधिक सिटी बस स्टॉप, करोड़ों खर्च के बावजूद उपयोग शून्य

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80 से अधिक सिटी बस स्टॉप, करोड़ों खर्च के बावजूद उपयोग शून्य

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कई बस स्टॉप ऐसे मार्गों पर बनाए, जहां सिटी बस रूट नहीं
उदयपुर, 8 दिसंबर:
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में करीब 80 से अधिक बस स्टॉप करोड़ों रुपए खर्च कर बनाए गए, लेकिन ये पिछले तीन साल से पूरी तरह अनुपयोगी पड़े हैं। इनमें कई बस स्टॉप ऐसे मार्गों पर बनाए गए जहां न सिटी बसें चलती हैं न टेम्पो रुकते हैं। कई जगह यह ढांचे अवैध कब्जों और नशेड़ियों के अड्डे बन गए हैं।
करीब चार साल पहले शहर के मुख्य मार्गों 100 फीट रोड, यूनिवर्सिटी रोड, केशव नगर आदि पर आधुनिक तकनीक से आकर्षक बस स्टॉप बनाए गए। प्रत्येक बस स्टॉप पर डिजिटल डिस्प्ले प्लेट और शेड लगाने पर लगभग 4 लाख रुपए प्रति स्टॉप खर्च हुए। लेकिन बस स्टॉप बनते समय शहर में सिटी बसों का संचालन ही नहीं था।
बसें नहीं, ना रूट तय
तीन साल तक शहर को ट्रांसपोर्टेशन के लिए बसें नहीं मिलीं। बाद में जो बसें आईं, वे भी सीमित रूटों तक सिमटी रहीं। नतीजतन जहां बस स्टॉप बने, वहां बसें नहीं रुकतीं और जहां बसें रुकती हैं, वहां बस स्टॉप ही नहीं बने। हाथ देखकर बस रोकने की आदत के कारण सड़क दुर्घटनाओं के मामले भी सामने आए हैं। कई प्रमुख मार्ग ऐसे हैं जहां परिवहन विभाग ने आज तक न तो रूट घोषित किया और न ही संचालन शुरू किया, फिर भी वहां लाखों रुपए खर्च कर बस स्टॉप बना दिए गए। आज ये ढांचे या तो बेकार पड़े हैं या असामाजिक तत्वों के जमावड़े का कारण बन रहे हैं। यहां सेलिब्रेशन मॉल के समीप तो एक घूमंतु परिवार बस स्टॉप पर कब्जा जमाए है और कपड़े लगाकर उसमें रहने लगा रहा है। जबकि फतहपुरा के आगे चुंगी नाका पर बना सिटी बस स्टॉप पशुओं को चारा खिलाने के लिए उपयोग में लिया जा रहा। बड़गांव में बने सिटी बस स्टॉप का कुछ हिस्सा से चोरी हो गया।
बसें आएंगी तब शुरू होगा उपयोग
नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना का कहना है कि नई बसें जल्द आने की उम्मीद है। पहले यह दिसंबर तक मिलनी थीं, लेकिन देरी हो गई। बस संचालन शुरू होते ही बस स्टॉप उपयोग में आ जाएंगे।

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