स्मार्ट सिटी में पैदल यात्री सबसे उपेक्षित
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उदयपुर में फुटपाथ के हालात, केवल नाम के फुटपाथ
गोपाल लोहार
उदयपुर, 20 जून: झीलों की नगरी उदयपुर पर्यटन और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के लिए देशभर में पहचान रखती है, लेकिन शहर में पैदल चलने वालों की स्थिति आज भी चिंताजनक बनी हुई है। शहर के अधिकांश प्रमुख मार्गों पर फुटपाथ या तो अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुके हैं या फिर पार्किंग और अस्थायी व्यवसायों के कब्जे में हैं।
एक पूर्व अध्ययन के अनुसार उदयपुर के सड़क नेटवर्क का मात्र लगभग 4 प्रतिशत हिस्सा ही फुटपाथ से युक्त था, जबकि शहर में लगभग 48 प्रतिशत यात्राएं पैदल की जाती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान में यह स्थिति और खराब हुई है।
अतिक्रमण और पार्किंग की समस्या
अशोक नगर, चेतक सर्किल, सूरजपोल, हाथीपोल, सेक्टर क्षेत्र और कई व्यावसायिक इलाकों में फुटपाथों पर वाहन पार्किंग, ठेले और दुकानों के विस्तार देखे जा सकते हैं। परिणामस्वरूप पैदल यात्रियों को सड़क पर चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल
शहर के कई फुटपाथ ऊंचाई में असमान, टूटे हुए और दिव्यांगजन-अनुकूल नहीं हैं। कई स्थानों पर सड़क और फुटपाथ के बीच सुगम ढलान नहीं होने से बुजुर्गों, बच्चों और व्हीलचेयर उपयोगकर्ताओं को परेशानी होती है। पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था का अभाव भी सुरक्षा संबंधी चिंता पैदा करता है।
नागरिकों की बढ़ती नाराजगी
हाल के वर्षों में स्थानीय नागरिकों ने सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर सड़कों, फुटपाथों और यातायात व्यवस्था को लेकर असंतोष व्यक्त किया है। कई नागरिकों का कहना है कि स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के बावजूद पैदल यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं तथा कई क्षेत्रों में फुटपाथों पर अतिक्रमण लगातार बढ़ रहा है।
नगर निगम के पास शिकायत की व्यवस्था
उदयपुर नगर निगम नागरिकों को सड़क, सफाई और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराने के लिए ऑनलाइन और मोबाइल एप सुविधा उपलब्ध कराता है।
क्या होना चाहिए?
प्रमुख मार्गों पर निरंतर और बाधारहित फुटपाथ।
फुटपाथों से अतिक्रमण और पार्किंग हटाने का अभियान।
दिव्यांगजन-अनुकूल डिजाइन।
पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था।
पैदल यात्रियों के लिए ज़ेब्रा क्रॉसिंग और सुरक्षित क्रॉसिंग पॉइंट।
