पीएमसीएच के डॉ. आमिर शौकत को मिली, उदयपुर एवं आसपास की खबरें भी एक साथ
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पिस्टल के साथ आरोपी गिरफ्तार, दो हथियार सप्लायर भी पकड़े
इंटरवेन्शनल पल्मोनोलॉजी में प्रतिष्ठित फेलोशिप
उदयपुर,26 अगस्त। उदयपुर के पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल चेस्ट एवं टीबी रोग विभाग के पल्मोनरी, क्रिटिकल केयर एवं स्लीप मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ.आमिर शौकत ने चिकित्सा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मेट्रो सेंटर ऑफ रेस्पिरेटरी डिजीज(एमसीआरडी), नई दिल्ली द्वारा इंटरवेन्शनल पल्मोनोलॉजी में प्रतिष्ठित फेलोशिप से सम्मानित किया गया है।
यह फेलोशिप नई दिल्ली के एयरोसिटी स्थित होटल अंदाज़ में आयोजित पीएसीएस- 2026 सम्मेलन के दौरान प्रदान की गई। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश के 1,000 से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टरों ने भाग लिया। डॉ. शौकत ने यह प्रशिक्षण प्रख्यात पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. दीपक तलवार के मार्गदर्शन में पूरा किया है।
एमसीआरडी भारत में उन्नत श्वसन रोगों और इंटरवेन्शनल प्रक्रियाओं के लिए अग्रणी संस्थानों में से एक माना जाता है। इस फेलोशिप के दौरान डॉ. आमिर शौकत ने गंभीर अस्थमा, जटिल फेफड़ों की बीमारियों और आधुनिक डायग्नोस्टिक एवं थेराप्यूटिक पल्मोनरी तकनीकों में व्यापक विशेषज्ञता हासिल की है। डॉ. आमिर शौकत की इस उपलब्धि पीएमसीएच मैनेजमेन्ट,चिकित्सकों एवं शुभचिंतकों ने शुभकामनाएं प्रेषित की।
राजसमंद, 26 अगस्त: देवगढ़ थाना पुलिस ने अवैध देशी पिस्टल के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार कर हथियार सप्लाई करने वाले दो आरोपियों को भी पकड़ा है। पुलिस अब तीनों से अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त और नेटवर्क के संबंध में पूछताछ कर रही है। एसपी हेमंत कलाल के निर्देश पर थानाधिकारी मुकेश चौधरी के नेतृत्व में टीम ने रीको एरिया की सर्विस रोड के पास संदिग्ध पारसमल गुर्जर (29) निवासी मोखमपुरा, आसींद की तलाशी ली। उसकी जेब से देशी पिस्टल बरामद हुई। पूछताछ में उसने पिस्टल राजेश सिंह से खरीदना बताया। राजेश सिंह ने हथियार शेरसिंह से लेना स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस ने दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
कार की टक्कर से ऑटो पलटा, पांच घायल
बांसवाड़ा, 26 अगस्त: कलिंजरा थाना क्षेत्र के बिलेड़ी गांव में बुधवार दोपहर तेज रफ्तार कार ने ऑटो को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ऑटो सवार पांच लोग घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने घायलों को ऑटो से बाहर निकाला और एम्बुलेंस की मदद से कलिंजरा अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को महात्मा गांधी जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घायलों में प्रकाश, सीमा, निकेश और रोहित सहित पांच लोग शामिल हैं। सभी बिलेड़ी के निवासी बताए गए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार सभी ऑटो से किसी काम के लिए बाजार जा रहे थे। इसी दौरान कार ने ऑटो को टक्कर मार दी।
मोटुल इंडिया ने उदयपुर में लगाया हेल्थ कैंप

उदयपुर, 26 अगस्त: ऑटो मैकेनिकों और उनके परिवारों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से मोटुल इंडिया ने ‘सेहत की समृद्धि’ अभियान के तहत उदयपुर में हेल्थ कैंप आयोजित किया। अभियान के तहत देश के 27 जिलों में 108 हेल्थ कैंप लगाए जा रहे हैं। कैंप में डॉक्टरों से परामर्श के साथ ब्लड शुगर और हीमोग्लोबिन की जांच, जरूरी दवाइयां तथा फर्स्ट-एड किट उपलब्ध कराई गई। मोटुल इंडिया के स्थानीय कर्मचारियों और डिस्ट्रीब्यूटरों ने पंजीकरण व संचालन में सहयोग किया। कंपनी के अनुसार अभियान के जरिए 21 हजार से अधिक लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य है। मोटुल इंडिया एवं साउथ एशिया के सीईओ नागेंद्र पई ने कहा कि ऑटोमोटिव क्षेत्र को आगे बढ़ाने वाले लोगों तक निवारक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना अभियान का उद्देश्य है। कंपनी 2024 से अब तक 18,300 से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा चुकी है।
आईआईटी दिल्ली से स्नेहराज गौड़ को पीएचडी

उदयपुर, 26 अगस्त: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में स्नेहराज गौड़ को रसायन विज्ञान में पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। उनका शोध 2D नैनोमैटेरियल आधारित सेंसरों से वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों की पहचान और विश्लेषण पर केंद्रित रहा। प्रो. रितु गुप्ता के मार्गदर्शन में किए गए शोध को Foundation for Innovation and Technology Transfer ने Best Industry Relevant PhD Thesis से सम्मानित किया। शोध की वैज्ञानिक उपयोगिता के साथ इसका औद्योगिक महत्व भी सामने आया है। स्नेहराज को पीएचडी के दौरान कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिले। दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि और केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी विशिष्ट अतिथि रहे। स्नेहराज ने उपलब्धियों का श्रेय स्वर्गीय दादाजी एडवोकेट वीरेंद्र सिंह गौड़, माता-पिता और गुरुजनों को दिया।
सुनना सीखने से व्यक्ति तरता है : प्रशांत अग्रवाल

उदयपुर, 26 अगस्त: नारायण सेवा संस्थान में चल रही ‘भोलेनाथ के चरणों में अपनों से अपनी बात’ कथा में संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने श्रवण की महिमा बताई। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति अपनी बात कहना चाहता है, लेकिन दूसरों को सुनने के लिए तैयार नहीं है। इससे असहमति और विवाद बढ़ते हैं। अग्रवाल ने राजा परीक्षित का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि शाप मिलने के बाद परीक्षित ने राज्य पुत्र को सौंप दिया और गंगा तट पर मृत्यु की प्रतीक्षा करने लगे। वहां शुकदेव ने उन्हें भगवान की लीलाओं का श्रवण करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जीवन में केवल बोलना ही नहीं, सही बात को सुनना भी जरूरी है। श्रवण व्यक्ति को ज्ञान, विवेक और आत्मबोध की ओर ले जाता है। कथा में दिव्यांगजन और उनके परिजन भी मौजूद रहे।
शिक्षा सुविधाओं का विस्तार, 500 विद्यार्थियों को मिली नई कक्षाओं की सौगात
उदयपुर। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालय में अब विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकेंगी। राउंड टेबल इंडिया के ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के तहत तैयार की गई 9 नवनिर्मित कक्षाओं का उदयपुर यूनाईटेड राउण्ड टेबल द्वारा समारोहपूर्वक उद्घाटन किया गया। परियोजना में कक्षाओं के अलावा ओपन क्लासरूम, हॉल, वॉशरूम सहित अन्य जरूरी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।
टेबल चेयरमैन राजेन्द्र मेनारिया ने बताया कि नई सुविधाओं से विद्यालय में अध्ययनरत करीब 500 विद्यार्थियों को सीधे लाभ मिलेगा। अतिरिक्त कक्षाएं उपलब्ध होने से विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई का बेहतर वातावरण तैयार हुआ है और विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन के लिए भी पर्याप्त स्थान मिल सकेगा। उद्घाटन समारोह में ग्रामीणों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। बड़ी संख्या में ग्रामीणजन कार्यक्रम में पहुंचे और विद्यार्थियों के हित में किए गए इस कार्य के लिए राउंड टेबल इंडिया की सराहना की।
समारोह में एरिया 12 चेयरमैन अनिश चौधरी, एरिया 12 एपीसी कुणाल बागरेचा, यूयूआरटी 234 चेयरमैन राजेंद्र मेनारिया, सरपंच महेंद्र सिंह राणावत, पूर्व विधायक दलिचंद डांगी एवं मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रेरणा नौसरिया सहित अन्य गणमान्यजन मौजूद रहे।
ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के माध्यम से विद्यालय में विकसित आधारभूत सुविधाएं ग्रामीण विद्यार्थियों की शिक्षा को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। कक्षाओं के उद्घाटन के साथ विद्यार्थियों को सुविधाजनक एवं व्यवस्थित शैक्षणिक माहौल मिलने की उम्मीद है।
अग्रसेन जयंती महोत्सव 2026 की तैयारियां तेज, 13 सितंबर से होगा कार्यक्रमों का आगाज
650 अग्रवाल परिवारों तक घर-घर पहुंचेगा निमंत्रण, 10 अक्टूबर को होगा मुख्य समारोह
उदयपुर। प्रवासी अग्रवाल समाज समिति उदयपुर की ओर से आयोजित होने वाले भगवान अग्रसेन जयंती महोत्सव-2026 की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक मंगलवार शाम समाज अध्यक्ष शशिकांत खेतान के कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक में जयंती महोत्सव के विभिन्न आयोजनों की रूपरेखा तय करने के साथ समाज के सभी परिवारों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर चर्चा की गई।
समाज अध्यक्ष शशिकांत खेतान ने सभी अग्रवाल परिवारों से एकजुट होकर जयंती महोत्सव को भव्य एवं यादगार बनाने का आह्वान किया। अग्रसेन जयंती के मुख्य संयोजक कैलाश चंद्र गोयल ने बताया कि महोत्सव का आगाज 13 सितंबर से खेलकूद प्रतियोगिताओं के साथ होगा। इसके बाद 20 सितंबर को कालिका रिसोर्ट, उमरड़ा में वन विहार एवं पिकनिक का आयोजन किया जाएगा। 4 अक्टूबर को साहित्यिक, हाउजी, सांस्कृतिक एवं क्विज प्रतियोगिताओं सहित विविध कार्यक्रम होंगे।
जयंती महोत्सव का मुख्य समारोह 10 अक्टूबर को अटल सभागार, हिरण मगरी सेक्टर-4 में आयोजित किया जाएगा, जिसमें समाज के परिवार बड़ी संख्या में भाग लेंगे।
समाज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता आर.के. अग्रवाल ने बताया कि प्रवासी अग्रवाल समाज की ओर से सर्वसुविधायुक्त विशाल समाज भवन का निर्माण भी प्रगति पर है। बैठक में भवन निर्माण समिति अध्यक्ष के.एम. जिंदल ने निर्माण कार्य की प्रगति एवं इससे जुड़ी विस्तृत जानकारी दी।
23 जोन बनाकर घर-घर पहुंचेंगे पीले चावल
जयंती महोत्सव में प्रत्येक परिवार की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उदयपुर शहर के समाज के 650 परिवारों को 23 जोन में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी एक प्रभारी को सौंपी गई है। जोन प्रभारी घर-घर जाकर पीले चावल वितरित कर अग्रसेन जयंती महोत्सव का निमंत्रण देंगे।
जोनल व्यवस्था के कार्यक्रम संयोजक आर.के. अग्रवाल ने बताया कि प्रत्येक परिवार से जयंती महोत्सव के लिए यथोचित सहयोग राशि के साथ वर्ष 2026-27 के लिए 2100 रुपये की सहयोग राशि भी जोन प्रभारियों द्वारा एकत्रित की जाएगी।
बैठक में सहसचिव ओमप्रकाश गुप्ता, सांस्कृतिक सचिव अजय गुप्ता, युवा मंडल अध्यक्ष शक्ति केडिया तथा कार्यकारिणी सदस्य भजनलाल गोयल, विपिन गोयल, एन.के. नेवटिया, ओमप्रकाश अग्रवाल और उमेश अग्रवाल सहित समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
पदार्थ नहीं, आत्मचिंतन से मिलता है जीवन का सच्चा सुख
उदयपुर। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में आयोजित प्रवचन में डॉ सुरेंद्र मुनि ने कहा कि संसार के पदार्थों के प्रति मोह ही मनुष्य के सुख-दुख का प्रमुख कारण बनता है। मनुष्य बाहरी वस्तुओं में सुख तलाशता है, जबकि वास्तविक शांति आत्मचिंतन और संयमित जीवन से प्राप्त होती है।
उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में प्राप्त पदार्थों का सदुपयोग करना चाहिए। जो वस्तुएं आज हमारे पास हैं, वे हमेशा हमारे साथ नहीं रहेंगी। इसलिए भौतिक वस्तुओं के प्रति अत्यधिक आसक्ति रखने के बजाय मन को धर्म और आत्मकल्याण की ओर लगाना चाहिए।
प्रवचन में प्रवर्तक डॉ राजेन्द्र मुनि ने भगवान महावीर के सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि जीवों के प्रति दया, करुणा और संयम का भाव ही जीवन को सार्थक बनाता है। व्यक्ति को अपने जीवन में धर्म साधना को महत्व देते हुए मोह-माया से ऊपर उठने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शरीर नश्वर है, लेकिन आत्मा का कल्याण ही मनुष्य जीवन का वास्तविक उद्देश्य है। धर्म, संयम और आत्मचिंतन के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन को सार्थक बना सकता है।
विनय जीवन का आभूषण, बिना झुके कुछ नहीं मिलताःसाध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी
वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में आध्यात्मिक प्रवचन, परिवार में शांति के लिए अहंकार त्यागने का संदेश
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में आयोजित आध्यात्मिक प्रवचन में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने कहा कि जीवन में विनय का होना बेहद जरूरी है। विनय के बिना कुछ भी प्राप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार वीवीआईपी से मिलने के लिए प्रोटोकॉल होता है, उसी प्रकार मंदिर में प्रवेश का भी एक आध्यात्मिक प्रोटोकॉल होता है। मंदिर में प्रवेश करते ही चौत्यवंदन, द्रव्य पूजा और भाव पूजा के माध्यम से परमात्मा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि श्रावक को त्रिकाल पूजा के साथ अखंड संयम का भाव रखना चाहिए। गृहस्थ जीवन में रहते हुए व्यक्ति सांसारिक जिम्मेदारियां निभाए, लेकिन सांसारिकता में डूबे नहीं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जहाज पानी में रहने तक सुरक्षित रहता है, लेकिन उसमें छेद हो जाए और पानी अंदर आने लगे तो उसकी सुरक्षा मुश्किल हो जाती है। इसी प्रकार संसार में रहते हुए भी मोह-माया को अपने भीतर प्रवेश नहीं करने देना चाहिए।
साध्वी श्रीजी ने कहा कि परमात्मा से मांगना है तो विनय के साथ मांगना चाहिए। बिना झुके कुछ नहीं मिलता। खाली बाल्टी को भी पानी लेने के लिए कुएं में झुकना पड़ता है। उन्होंने कहा कि झुकना जीवंतता की निशानी है, जबकि अकड़ मुर्दों की पहचान है।
परिवार में अहंकार नहीं, समझौते से आती है शांति
उन्होंने कहा कि शांति का पहला अनुभव व्यक्ति को अपने परिवार में ही होता है। शास्त्रों में भी परिवार में सामंजस्य बनाए रखने के लिए आवश्यक होने पर समझौता करने की बात कही गई है। परिवार में अकड़ और अहंकार के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। यदि व्यक्ति घर में भी अपने स्टेटस का लबादा ओढ़कर रहेगा तो परि सच्ची खुशी और शांति कायम नहीं रह सकती।
साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी ने भगवान महावीर के जीवन का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि उनसे विनय की प्रेरणा मिलती है। राजकुमार वर्धमान महावीर 28 वर्ष की आयु में अपने बड़े भाई नंदीवर्धन के पास पहुंचे और सबसे पहले झुककर उनका अभिवादन किया। तीन ज्ञान के स्वामी होने के बावजूद उन्होंने बड़े भाई के प्रति विनय भाव रखा और संयम ग्रहण करने की अनुमति मांगी। नंदीवर्धन ने भी उन्हें उठाकर गले लगा लिया। इस अवसर पर साध्वी प्रज्ञानजना श्रीजी, साध्वी नमन रुचि श्रीजी, साध्वी योगरुचि श्रीजी एवं साध्वी तन्मय रुचि श्रीजी ने भावपूर्ण गीत प्रस्तुत किए।
आज होगा विशेष अवॉर्ड समारोह, टूरिज्म क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों को करेंगे सम्मानित
उदयपुर। बीसीआई टूरिज्म की ओर से अर्बन स्क्वेयर मॉल के एसोसिएशन में आयोजित तीन दिवसीय बीसीआई बाजार एग्जीबिशन के दूसरे दिन बुधवार को किड्स फैशन शो का आयोजन किया गया। शाम 5 बजे से आयोजित इस फैशन शो में शहर के बच्चों ने रैंप पर अपनी प्रतिभा, स्टाइल और कॉन्फिडेंस का शानदार प्रदर्शन किया। बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया और पूरे आयोजन के दौरान उत्साह का माहौल बना रहा।
बीसीआई के फाउंडर एंड चैयरमेन मुकेश माधवानी ने बताया कि किड्स फैशन शो में मुख्य अतिथि के रूप में मंजू गांधी, मीरा मजूमदार एवं डॉ. बलदीप शर्मा मौजूद रहे। अतिथियों ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया और उनके आत्मविश्वास की सराहना की। फैशन शो में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को बीसीआई टूरिज्म की ओर से सर्टिफिकेट प्रदान कर सम्मानित किया गया।
बीसीआई टूरिज्म प्रेसीडेंट डॉ. श्रद्धा गट्टानी ने बताया कि फैशन शो के दौरान बच्चों ने अलग-अलग फैशन स्टाइल और आकर्षक आउटफिट्स के साथ रैंप वॉक किया। बच्चों के कॉन्फिडेंस और उनकी शानदार प्रस्तुति को देखकर अभिभावकों एवं दर्शकों ने तालियों के साथ उनका उत्साह बढ़ाया। आयोजन स्थल पर बच्चों के साथ उनके परिवारों की भी बड़ी संख्या में मौजूदगी रही।
शॉपिंग के लिए भी उमड़ी भीड़
अर्बन स्क्वेयर मॉल के मैनेजर लवदीप शर्मा ने बताया कि बीसीआई बाजार एग्जीबिशन के दूसरे दिन अर्बन स्क्वेयर मॉल में शहरवासियों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली। किड्स फैशन शो के साथ ही विजिटर्स ने एग्जीबिशन में लगी विभिन्न स्टॉल्स पर जमकर शॉपिंग की। फैशन, ज्वेलरी, लाइफस्टाइल, परफ्यूम, ब्यूटी एवं अन्य कैटेगरी के प्रोडक्ट्स विजिटर्स के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
बीसीआई टूरिज्म जनरल सेक्रेटरी गौरव भंडारी ने बताया कि एग्जीबिशन स्टॉल्स पर उपलब्ध आकर्षक ऑफर्स और स्पेशल डील्स का लोगों ने जमकर लाभ उठाया। फैमिली के साथ पहुंचे विजिटर्स ने शॉपिंग के साथ एग्जीबिशन में चल रही एक्टिविटीज का भी आनंद लिया। दूसरे दिन भी एग्जीबिशन को शहरवासियों का शानदार रिस्पॉन्स मिला।
बीसीआई टूरिज्म ट्रेजरर स्वाति सरूपरिया ने बताया कि बीसीआई टूरिज्म की ओर से आयोजित इस एग्जीबिशन में शॉपिंग के साथ फैशन और एंटरटेनमेंट का खास कॉम्बिनेशन देखने को मिल रहा है। 25 से 27 अगस्त तक चलने वाला बीसीआई बाजार एग्जीबिशन सुबह 11 बजे से शाम 8 बजे तक अर्बन स्क्वेयर मॉल में जारी है।
आज होगा विशेष अवॉर्ड समारोह
भूमि त्रिवेदी और एंकर नितिन दशोरा ने बताया कि एग्जीबिशन के अंतिम दिन 27 अगस्त की शाम को विशेष अवॉर्ड समारोह आयोजित किया जाएगा। इस दौरान उदयपुर के पर्यटन क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रमुख व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही एग्जीबिशन में विजिटर्स के लिए अन्य आकर्षक गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।
इस अवसर पर बीसीआई के फाउंडर एंड चैयरमेन मुकेश माधवानी, बीसीआई टूरिज्म प्रेसीडेंट डॉ. श्रद्धा गट्टानी, बीसीआई टूरिज्म जनरल सेक्रेटरी गौरव भंडारी, बीसीआई टूरिज्म ट्रेजरर स्वाति सरूपरिया, लवदीप शर्मा, अनुराधा ओझा, प्रियांक चौहान, एंकर नितिन दशोरा, भूमि त्रिवेदी सहित बड़ी संख्या में बीसीआई मेम्बर्स उपस्थित रहे।
बीसीआई बाजार एग्जीबिशन के दूसरे दिन किड्स फैशन शो ने बिखेरा जलवा, बच्चों ने रैंप पर दिखाया कॉन्फिडेंस
महावीर जैन परिषद के नेतृत्व में भाजपा-कांग्रेस जिलाध्यक्ष व विधायकों को सौंपा ज्ञापन, प्रत्याशियों की सूची भी दी
निकाय चुनाव में 25 वार्डों से जैन समाज के प्रत्याशियों को टिकट देने की मांग
उदयपुर, 26 अगस्त। सकल जैन समाज की प्रतिनिधि संस्था महावीर जैन परिषद के तत्वावधान में बुधवार को सकल जैन समाज की ओर से आगामी निकाय चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी एवं कांग्रेस के जिलाध्यक्षों तथा विधायकों को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान दोनों दलों के समक्ष जैन समाज के संभावित प्रत्याशियों की सूची भी प्रस्तुत की गई। इस संबंध में उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ को ज्ञापन सौंपा गया। प्रतिनिधिमंडल में राजकुमार फत्तावत, नरेंद्र सिंघवी, श्याम नागौरी, शांतिलाल वेलावत, कुलदीप नाहर आदि मौजूद रहे।
सकल जैन समाज के अध्यक्ष राजकुमार फत्तावत ने बताया कि उदयपुर नगर निगम क्षेत्र में जैन समाज के करीब 70 हजार मतदाता हैं। समाज की संख्या एवं सामाजिक सहभागिता को देखते हुए भाजपा एवं कांग्रेस से 80 वार्डों में से कम से कम 25 वार्डों में जैन समाज के प्रतिनिधियों को पार्षद प्रत्याशी के रूप में टिकट देने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि जैन समाज सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक एवं जनसेवा के कार्यों में सदैव अग्रणी रहा है। इसी आधार पर दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों से समाज को उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने का आग्रह किया गया है।
शरीर छाछ समान, आत्मा घी के समान, आत्मा को बचाना ही जीवन का लक्ष्य : आचार्य मुक्तिसागर सूरीश्वर
आयड़ तीर्थ में अशुचि भावना पर प्रवचन, कहा शरीर की असलियत जानकर आत्मस्वरूप को प्रकट करें
उदयपुर, 26 अगस्त। तपागच्छ की उद्गम स्थली आयड़ जैन तीर्थ में मालव मार्तंड आचार्य भगवंत मुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज, आचार्य अचल मुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज सहित ठाणा-4 के सान्निध्य में चातुर्मास महोत्सव श्रद्धा, भक्ति एवं धार्मिक उल्लास के साथ जारी है। प्रतिदिन आयोजित धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं धर्मलाभ ले रहे हैं।
महासभा महामंत्री कुलदीप नाहर ने बताया कि शांत सुधारस ग्रंथ की छठी अशुचि भावना की व्याख्या करते हुए आचार्य मुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज ने कहा कि सुंदरतम शरीर भी रक्त, मांस, चर्बी, हड्डी, वीर्य, मल-मूत्र आदि अशुचिमय एवं दुर्गंधयुक्त पदार्थों का समूह है, जिसे केवल सुंदर चमड़ी ने ढक रखा है। यह गंदे पदार्थों से भरे उकरड़े के समान है, जो बाहर से ढका हुआ दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि अनादिकाल से जड़ और चेतन का संयोग रहा है। कर्म जड़ शरीर के माध्यम से होते हैं, लेकिन चेतनमयी आत्मा के कारण उनका परिणाम आत्मा को ही भुगतना पड़ता है। इसलिए हमें शरीर की वास्तविकता को समझकर आत्मा के स्वरूप को प्रकट करने का प्रयास करना चाहिए। आचार्यश्री ने शरीर को छाछ और आत्मा को घी की उपमा देते हुए कहा कि यदि दोनों हाथों में एक-एक पात्र लेकर जा रहे हों और रास्ते में ठोकर लगने से किसी एक पात्र को ही बचाने की स्थिति आए तो हम निश्चित रूप से घी के पात्र को बचाएंगे और छाछ को गिरने देंगे। इसी प्रकार शरीर छाछ के समान और आत्मा घी के समान है। हमें शरीर की अपेक्षा चैतन्यमयी आत्मा को महत्व देते हुए आत्मकल्याण का प्रयास करना चाहिए।
चातुर्मास के दौरान आयड़ जैन तीर्थ में प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में महासभा महामंत्री कुलदीप नाहर, भोपाल सिंह नाहर, अशोक जैन, राजेंद्र जावरिया, प्रकाश नागौरी, हेमंत सिंघवी, राजेश जावरिया, दिनेश बापना, भोपाल सिंह परमार, अभय नलवाया, कैलाश मुर्डिया, चतर सिंह पामेच, सतीश कच्छारा, दिनेश भंडारी, चिमनलाल गांधी, प्रद्योत महात्मा, रमेश सिरोया, कुलदीप मेहता सहित बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे।
जनविश्वास और संगठन शक्ति से नगर निकाय चुनाव में भाजपा की जीत तय : विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी
राजसमंद। भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन एवं युवा संवाद कार्यक्रम में विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने कहा कि यह सम्मेलन संगठन शक्ति, जनविश्वास और आगामी नगर निकाय चुनाव में विजय के संकल्प का प्रतीक है। युवाओं की ऊर्जा और कार्यकर्ताओं की प्रतिबद्धता पार्टी की बड़ी ताकत है।
विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा कि जब-जब राजसमंद नगर परिषद में भाजपा का बोर्ड बना, तब शहर में विकास कार्यों को नई गति मिली और विकास के नए कीर्तिमान स्थापित हुए। केंद्र एवं प्रदेश में भाजपा सरकार होने से राजसमंद के विकास को व्यापक सहयोग मिल रहा है। आने वाले समय में सड़क, पेयजल, स्वच्छता, आधारभूत सुविधाओं और जनसुविधाओं के क्षेत्र में राजसमंद विकास का नया इतिहास रचेगा।
उन्होंने कहा कि विकास, सुशासन, पारदर्शिता और संवेदनशील प्रशासन भाजपा की पहचान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार जनहित को केंद्र में रखकर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और युवाओं से सरकार की उपलब्धियां जन-जन तक पहुंचाने तथा संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति भ्रष्टाचार, परिवारवाद और सनातन विरोध की सोच से प्रभावित रही है। जनता अब नकारात्मक राजनीति नहीं, बल्कि विकास और सुशासन चाहती है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनविश्वास, संगठन शक्ति और भाजपा सरकार के विकास कार्यों के बल पर आगामी नगर निकाय चुनाव में पार्टी को निर्णायक जनसमर्थन मिलेगा।
जीतो उदयपुर चैप्टर को मिला ‘सर्वश्रेष्ठ स्थापित चैप्टर अवार्ड’
सामाजिक, शैक्षणिक एवं व्यावसायिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान
उदयपुर, 26 अगस्त। जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (जीतो) उदयपुर चैप्टर को राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट कार्यों एवं समाजहित में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘सर्वश्रेष्ठ स्थापित चैप्टर अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान जीतो राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय भंडारी, मुख्य सचिव ललित डांगी, बॉलीवुड अभिनेत्री ट्विंकल खन्ना एवं राष्ट्रीय सचिव महावीर चपलोत ने प्रदान किया। चैप्टर की ओर से उपाध्यक्ष श्याम नागौरी एवं सचिव सुधीर चित्तौड़ा ने पुरस्कार ग्रहण किया।
जीतो चेयरमैन यशवन्त आंचलिया ने बताया कि वर्ष 2024-26 के दौरान उदयपुर चैप्टर द्वारा किए गए निरंतर एवं प्रभावी कार्यों के आधार पर यह सम्मान मिला। इस अवधि में चैप्टर ने सामाजिक, शैक्षणिक, व्यावसायिक एवं सेवा क्षेत्र में अनेक उल्लेखनीय गतिविधियों और परियोजनाओं का सफल आयोजन किया। चैप्टर की ओर से समाज के बच्चों के लिए जीतो हॉस्टल की घोषणा, विभिन्न प्रकल्पों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जीतो हाउस का निर्माण, विश्व नवकार महामंत्र दिवस का हजारों लोगों की उपस्थिति में विशाल प्रांगण एवं स्कूलों में आयोजन, शिक्षा संवर्धन तथा व्यवसायिक एवं सामाजिक गतिविधियों सहित अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। सदस्यों के लिए भी ज्ञानवर्धक, व्यावसायिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
मुख्य सचिव अभिषेक संचेती ने बताया कि पिछले दो वर्षों में जीतो उदयपुर की सदस्यता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई। सदस्यों की संख्या 470 से बढक़र 661, यूथ विंग की सदस्य संख्या 238 से बढक़र 314 तथा लेडीज विंग की सदस्य संख्या 200 से बढक़र 342 हो गई। उन्होंने इसे चैप्टर की सक्रियता, प्रभावी नेतृत्व एवं सदस्यों के बढ़ते विश्वास का परिणाम बताया। इस उपलब्धि पर कोषाध्यक्ष प्रतीक हिंगड़, लेडीज विंग अध्यक्षा अंजलि सुराणा, सचिव ऋतु मारू, यूथ विंग अध्यक्ष दिव्यद दोशी, सचिव विनय कोठारी सहित पदाधिकारियों, बोर्ड सदस्यों, यूथ विंग, लेडीज विंग एवं समस्त जीतो सदस्यों ने प्रसन्नता व्यक्त की। सभी ने इसे पूरे चैप्टर की सामूहिक उपलब्धि बताया।
जीतो एडवाइजर शांति लाल मारू, राजकुमार फत्तावत, राज सुराणा एवं नरेंद्र सिंघवी ने कहा कि यह सम्मान जीतो उदयपुर के प्रत्येक सदस्य की मेहनत, सहभागिता एवं टीम भावना का परिणाम है। उन्होंने कहा कि भविष्य में सेवा, शिक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण एवं सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में जीतो उदयपुर को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए निरंतर कार्य किया जाएगा।
सुंदरेश्वर महादेव मंदिर में भव्य धार्मिक आयोजन, यज्ञ-हवन में दी आहुतियां
उदयपुर। श्रावण मास के पावन अवसर पर सुंदरेश्वर महादेव मंदिर में भव्य धार्मिक आयोजन किया गया। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना कर धर्मलाभ लिया।
आचार्य भेरूलाल व्यास के निर्देशन में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ एवं हवन का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने यज्ञ में विधिवत आहुतियां अर्पित कर क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि एवं सर्वजन कल्याण की मंगलकामना की। यज्ञ-हवन के दौरान मंदिर परिसर वैदिक मंत्रों एवं धार्मिक जयघोष से गूंज उठा।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा भजन-कीर्तन भी किया गया, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आयोजन में सहभागिता कर भगवान सुंदरेश्वर महादेव के दर्शन एवं पूजा-अर्चना की।
मुख्य मीडिया प्रभारी राव गोपाल सिंह आसोलिया ने बताया कि श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना, यज्ञ-हवन एवं भजन-कीर्तन का विशेष महत्व है। ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में आध्यात्मिक चेतना, आपसी सद्भाव एवं सनातन संस्कारों को बढ़ावा मिलता है।
धर्म कर्मकांड नहीं, आत्मपरिवर्तन की साधना : मुनि अरहसागर महाराज
जो पाना है उसे खोने में लगे हैं, जो खोना है उसे पाने में लगे हैं : मुनि अरहसागर महाराज
अशोक नगर में चातुर्मासिक धर्मसभा में उमड़ रहा है सकल दिगम्बर जैन समाज
मुनिश्री का पाद प्रक्षालन व शास्त्र भेंट सहित हुए विविध धार्मिक अनुष्ठान
उदयपुर, 26 अगस्त। श्री दिगंबर जैन धर्म प्रभावना समिति एवं वर्षायोग समिति के तत्वावधान में श्री पाŸवनाथ दिगंबर जैन मंदिर, उदासीन आश्रम, अशोक नगर में मुनि अरहसागर महाराज एवं मुनि सुहित सागर महाराज के सान्निध्य में चातुर्मास के तहत विभिन्न धार्मिक आयोजन श्रद्धा एवं भक्ति के साथ जारी हैं। चातुर्मासिक धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने धर्मलाभ लिया।
चातुर्मास समिति अध्यक्ष महेंद्र टाया ने बताया कि रोड नंबर 10 मंदिर, मनवाखेड़ा सहित विभिन्न क्षेत्रों से भक्त मंदिर पहुंचे और मुनिश्री को श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। 28 अगस्त को मुनि संघ के सान्निध्य में अभिषेक एवं शांतिधारा के बाद श्रेयांसनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक महामहोत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर विष्णुकुमार मुनिराज, अकंपाचार्य सहित 700 मुनियों की पूजा-अर्चना कर 700 अघ्र्य चढ़ाए जाएंगे। इसके बाद रक्षाबंधन पर्व के उपलक्ष्य में मुनिश्री के विशेष प्रवचन होंगे।
पंडित भुवनेश शास्त्री ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ अभिषेक एवं शांतिधारा से हुआ। इसके बाद आचार्य श्री के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्ज्वलन किया गया। श्रद्धालुओं ने मुनिश्री का पाद-प्रक्षालन कर श्रीफल एवं शास्त्र भेंट किए। आहारचर्या भी सानंद संपन्न हुई। चातुर्मास के दौरान नित्य नियम पूजन, जलाभिषेक सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं।
धर्म प्रभावना समिति अध्यक्ष कुंथु कुमार जैन एवं मीडिया प्रभारी रमेश वैद ने बताया कि धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि अरहसागर महाराज ने कहा कि “जो पाना है, उसे खोने में लगे हैं और जो खोना है, उसे पाने में लगे हैं।” उन्होंने कहा कि धर्म केवल कर्मकांड नहीं, बल्कि आत्मपरिवर्तन की साधना है। कर्म भाग्य नहीं, बल्कि हमारे भावों और पुरुषार्थ का परिणाम है। जैन दर्शन के अनुसार जीव अपने कर्मों का स्वयं कर्ता और फल का भोक्ता है। मुनिश्री ने कहा कि मन में जैसे भाव उत्पन्न होते हैं, उसी के अनुरूप कर्मों का बंध होता है। पूजा, अभिषेक, जिनवाणी श्रवण और मंदिर जाना धर्म के साधन हैं, लेकिन इनका वास्तविक फल तभी मिलता है, जब जीवन में क्रोध कम हो, मान झुके, माया छूटे और लोभ कम हो। सच्चा धर्म वही है जो मनुष्य को भीतर से बदल दे। सुख-दु:ख के लिए संसार को दोष देने के बजाय व्यक्ति को अपने भावों का निरीक्षण करना चाहिए। क्रोध आए तो क्षमा, मान आए तो विनय, माया आए तो सरलता और लोभ आए तो त्याग को अपनाना चाहिए। यही आत्मशुद्धि और कर्मों से मुक्ति का मार्ग है। इसके लिए सम्यक्दर्शन, सम्यक्ज्ञान और सम्यक्चारित्र को जीवन में अपनाना आवश्यक है।
शाम 6.30 बजे गुरु भक्ति का आयोजन हुआ। इसके बाद छहढाला जी का प्रवचन एवं आरती संपन्न हुई। कार्यक्रम में धर्म प्रभावना समिति अध्यक्ष कुंथु कुमार गणपतोत, चातुर्मास समिति अध्यक्ष महेंद्र टाया, प्रकाश अखावत, राजेंद्र अखावत, रमेश वैद, शशिकांत शाह, कैलाश गंगवाल, नरेंद्र टाया, जगदीश जैन, मनोज कमावत, पारस शाह, हेमंत बोहरा, मनीष गोदावत, अशोक डवारा, दिनेश सोनी, अर्चना पटवारी, सर्वेश जैन, प्रभा टाया, इंदिरा डवारा, कल्पना गागांवत, निर्मला वेद, मंजू शाह, सरोज बोहरा, संगीता डवारा सहित बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे।
हलवाई व्यापार कल्याण संस्था (रजिस्टर्ड) की कार्यकारिणी गठित, हलवाई समाज के हितों के लिए करेगी कार्य
हरिश कुमार भट्ट संस्थापक अध्यक्ष, मुकेश माधवानी महासचिव, राकेश दया कोषाध्यक्ष और देवसिंह सिसोदिया होंगे उपाध्यक्ष
उदयपुर। हलवाई व्यापार कल्याण संस्था (रजिस्टर्ड) उदयपुर राजस्थान की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया है। नई कार्यकारिणी में संस्थापक अध्यक्ष के रूप में हरिश कुमार भट्ट, महासचिव मुकेश माधवानी, कोषाध्यक्ष राकेश दया, उपाध्यक्ष देवसिंह सिसोदिया सहित सदस्य के रूप में प्रकाश भट्ट, रतनदास एवं बालाजी अन्ना को जिम्मेदारी दी गई है।
संस्थापक अध्यक्ष हरिश कुमार भट्ट ने बताया कि संस्था का मुख्य उद्देश्य हलवाई व्यापार से जुड़े व्यवसायियों के हितों के लिए कार्य करना और उन्हें एकजुट कर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करना है। संस्था द्वारा व्यापारियों के कल्याण के साथ-साथ समाजहित में भी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
महासचिव मुकेश माधवानी ने बताया कि संस्था आने वाले समय में लोगों को शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में भी जागरूकता और आवश्यक प्रयास करेगी। हलवाई व्यापार से जुड़े व्यवसायियों को स्वच्छता, गुणवत्ता और बेहतर खाद्य सामग्री के प्रति जागरूक करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कोषाध्यक्ष राकेश दया ने बताया कि आगामी दिनों में संस्था की ओर से पौधारोपण सहित विभिन्न सामाजिक एवं जनहित के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उपाध्यक्ष देवसिंह सिसोदिया ने बताया कि संस्था व्यापारिक हितों के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए समाज और शहर के लिए सकारात्मक कार्य करने का प्रयास करेगी।
उदयपुर में खुला शहर का पहला कराओके म्यूजिक आधारित रेस्टोरेंट ‘गाओसा’, स्वाद के साथ गाने का भी मिलेगा मौका
उदयपुर। शहर के शोभागपुरा स्थित 100 फीट रोड पर अशोका पैलेस में आज एक अनोखे कॉन्सेप्ट के साथ ‘गाओसा – ए कराओके रेस्टोरेंट’ प्योर वेज का भव्य शुभारंभ हुआ। रेस्टोरेंट का उद्घाटन समारोह उत्साह और संगीत के माहौल के बीच आयोजित किया गया, जिसमें शहर के गणमान्य लोगों, व्यवसायियों एवं संगीत प्रेमियों ने हिस्सा लिया। दिलीप जैन के माताजी केसर बाई, भाई कालूलाल जैन, पावन सोनी, वैशाली सोनी एवं परिवारजनों द्वारा रेस्टोरेंट का शुभारंभ किया गया।
रेस्टोरेंट के संस्थापक दिलीप जैन एवं अजीत सोनी ने बताया कि ‘गाओसा’ उदयपुर का पहला ऐसा कराओके म्यूजिक आधारित रेस्टोरेंट है, जहां लोग स्वादिष्ट भोजन का आनंद लेने के साथ-साथ खुद भी अपनी पसंद के गाने गा सकेंगे। यहां कराओके के माध्यम से लोग अपने पसंदीदा गीत प्रस्तुत कर सकते हैं और परिवार एवं दोस्तों के साथ संगीत और भोजन का आनंद उठा सकते हैं।
‘गाओसा’ को इस तरह तैयार किया गया है कि यह केवल रेस्टोरेंट न होकर लोगों के लिए मनोरंजन और संगीत का एक खास अनुभव बने। यहां जन्मदिन पार्टी, किटी पार्टी, गेट-टुगेदर, म्यूजिकल हाउस, म्यूजिकल प्रोग्राम सहित विभिन्न आयोजनों के लिए भी विशेष व्यवस्था उपलब्ध रहेगी।
रेस्टोरेंट में पंजाबी फूड, फास्ट फूड, फिक्स थाली सहित विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का स्वाद लिया जा सकता है। आकर्षक माहौल, लाइव म्यूजिक, कराओके और स्वादिष्ट भोजन के संयोजन के कारण ‘गाओसा’ शहरवासियों के लिए मनोरंजन और खान-पान का नया ठिकाना बनने की उम्मीद है।
उदयपुर में संगीत और खान-पान दोनों का अपना खास आकर्षण है। इसी को ध्यान में रखते हुए ‘गाओसा’ की शुरुआत की गई है, ताकि लोग एक ही जगह पर खाना खाने के साथ अपनी पसंद का गाना गा सकें और परिवार व दोस्तों के साथ यादगार समय बिता सकें।
इस अवसर पर मुकेश माधवानी, दिलीप वर्मा, ईश्वर जैन, सीपी गन्धर्व जी, वीनू वैष्णव, प्रीति माथूर, सुरेन्द्र व्यास, बृजेश कुमार मिश्रा, रमेश दतवानी, नूतन वेदी, पार्थ मजूमदार हिम्मत सिंह सिसोदिया आदि उपस्थित थे।
निःशुल्क होमियोपैथी जाँच एवं चिकित्सा शिविर आयोजित
उदयपुर: प्रार्थना मानव सेवा संस्थान के अध्यक्ष हेमन्त चोपड़ा ने बताया कि संस्थान कार्यालय पर 26 अगस्त को सुबह 9 से 1 बजे तक निःशुल्क होमियोपैथी जाँच एवं चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया, डॉ अनन्तप्रकाश गुप्ता द्वारा शिविर में सेवाएँ दी गई। जिसमें मधुमेह, हृदय रोग, चर्म रोग, श्वास रोग, एलर्जी, सफेद दाग, आदि रोगों का उपचार किया गया एवं अनिन्द्रा हेतु क्या बदलाव अपने खान पान में लाना है इस बात कि जानकारी भी दी गई। संस्थान सचिव विनय जैन ने बताया कि शिविर में पहुचे 38 रोगियों को पूर्णतया निःशुल्क जांच, परामर्श एवं दवाई वितरण का लाभ मिला।
दूसरों को सुख देंगे तो जीवन में लौटकर आएगा सुख, कुदरत के यहां देर हो सकती है, अंधेर नहीं : आचार्य प्रशमेशप्रभ सूरीश्वर
आराधना भवन में निरंतर चल रही सिद्धि तप आराधना, प्रवचनों में उमड़ रहे श्रद्धालु
उदयपुर, 26 अगस्त। श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक श्रीसंघ के मालदास स्ट्रीट स्थित आराधना भवन में आचार्यदेव श्रीमद् विजय प्रशमेशप्रभ सूरीश्वर महाराज, मुनिराज नीतिप्रभ विजयजी महाराज एवं साध्वी श्रुतवर्धना श्रीजी महाराज आदि ठाणा की पावन निश्रा में 45 दिवसीय सिद्धि तप आराधना श्रद्धा एवं भक्ति के साथ जारी है। प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान एवं प्रवचन हो रहे हैं। बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं सहभागी बन रहे हैं।
श्रीसंघ के कोषाध्यक्ष राजेश जावरिया ने बताया कि धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्यदेव श्रीमद् विजय प्रशमेशप्रभ सूरीश्वर महाराज ने कहा कि संसार का प्रत्येक जीव सुख चाहता है और दुख से दूर रहना चाहता है। जीवन में मिलने वाले सुख-दुख के पीछे प्रकृति का अटल नियम है कि हम दूसरों को जो देते हैं, वही लौटकर हमें प्राप्त होता है। किसान खेत में जैसा बीज बोता है, उसे वैसी ही फसल प्राप्त होती है। आम बोने पर आम और बबूल बोने पर कांटे ही मिलते हैं। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार यदि हम अन्य जीवों को सुख, शांति और प्रसन्नता देते हैं तो हमारे जीवन में भी खुशहाली आती है। वहीं दूसरों को दुख, तकलीफ और अशांति देने पर जीवन में दुखों का सामना करना पड़ता है। वर्तमान में किसी के जीवन में सुख या दुख दिखाई दे सकता है, लेकिन यह पूर्व जन्मों के कर्मों का परिणाम भी हो सकता है। कर्मों का फल समय के साथ बदलता है। कुदरत के आगे किसी का नहीं चलता, कुदरत के यहां देर हो सकती है, लेकिन अंधेर नहीं होती। आचार्यश्री ने कहा कि दुनिया के सभी धर्मों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन एक सिद्धांत सभी में समान है कि व्यक्ति ने दूसरों के साथ जैसा व्यवहार किया है, उसे कालांतर में वैसा ही फल प्राप्त होता है। यदि किसी के दुख और पीड़ा को देखकर उसे दूर करने की इच्छा, हमदर्दी और करुणा का भाव पैदा होता है तो सुख पाने से कोई नहीं रोक सकता। इसके विपरीत दूसरों के दुख को देखकर आनंद की अनुभूति होती है तो उस दुख से कोई बचा नहीं सकता।
धर्मसभा में डॉ. शैलेन्द्र हिरण, राजकुमार बापना, नरेंद्र सिंघवी, भोपाल सिंह सिंघवी, मनीष दोशी, अभिषेक हुमड़, अशोक सेठ, प्रकाश गांधी, राकेश चेलावत, अशोक जैन, राजेंद्र कोठारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
बीसीआई चित्तौड़गढ़ के प्रेसिडेंट कमलेश सोमानी को मिला ग्लोबल आइकॉन अवॉर्ड
वित्तीय साक्षरता एवं निवेशक जागरुकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित
उदयपुर। बिजनेस सर्कल इंटरनेशनल (बीसीआई) चित्तौड़गढ़ चैप्टर के प्रेसिडेंट कमलेश सोमानी को वित्तीय साक्षरता एवं निवेशक जागरुकता के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के लिए नई दिल्ली में आयोजित ग्लोबल आइकॉन अवॉर्ड्स 2026 में सम्मानित किया गया। उन्हें “एक्सीलेंस इन फाइनेंशियल लिटरेसी एंड इन्वेस्टर अवेयरनेस” श्रेणी में ग्लोबल आइकॉन अवॉर्ड प्रदान किया गया।
बीसीआई के फाउंडर एंड चैयरमेन मुकेश माधवानी ने बताया कि 22 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में कमलेश सोमानी को यह सम्मान पूर्व केंद्रीय विदेश मंत्री एवं वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद के हाथों प्रदान किया गया। समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से आए अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को उनके योगदान एवं उपलब्धियों के लिए विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया।
कमलेश सोमानी ने बताया कि वे पिछले करीब 23 वर्षों से वित्तीय क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। उन्होंने बीमा, बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य किया है। पिछले कई वर्षों से वे म्यूचुअल फंड वितरण के क्षेत्र में कार्यरत हैं। वित्तीय साक्षरता एवं निवेशक जागरूकता के माध्यम से लोगों तक वित्तीय विषयों की जानकारी सरल भाषा में पहुंचाना उनके कार्य का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।
बीसीआई के चित्तौड़गढ़ चैप्टर का प्रेसिडेंट है कमलेश सोमानी
हाल ही में कमलेश सोमानी को बिजनेस सर्कल इंटरनेशनल (बीसीआई) के चित्तौड़गढ़ चैप्टर का प्रेसिडेंट नियुक्त किया गया है। बीसीआई एक प्रतिष्ठित एवं वैश्विक दृष्टिकोण वाला व्यापारिक नेटवर्किंग संगठन है। इसका उद्देश्य उद्यमियों, स्टार्टअप्स एवं प्रोफेशनल्स को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है, जहां आपसी सहयोग, नेटवर्किंग एवं व्यापारिक अवसरों के माध्यम से व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके।
बीसीआई चित्तौड़गढ़ चैप्टर की नई जिम्मेदारी के तहत कमलेश सोमानी बिजनेस कम्युनिटी के बीच बेहतर नेटवर्किंग, प्रोफेशनल सहयोग एवं व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य करेंगे।
बीसीआई क्या है?
बिजनेस सर्कल इंटरनेशनल (बीसीआई) एक प्रतिष्ठित एवं वैश्विक दृष्टिकोण वाला व्यापारिक नेटवर्किंग संगठन है। इसका मुख्य उद्देश्य उद्यमियों, स्टार्टअप्स और प्रोफेशनल्स को एक ऐसा साझा मंच प्रदान करना है, जहां वे आपसी सहयोग, नेटवर्किंग और व्यावसायिक संबंधों के माध्यम से अपने व्यापार को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकें।
बीसीआई के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े व्यवसायियों को एक-दूसरे से जुड़ने, अपने अनुभव एवं विचार साझा करने और नए व्यावसायिक अवसर तलाशने का अवसर मिलता है। संगठन नियमित बैठकों, वर्कप्लेस विजिट्स, बिजनेस नेटवर्किंग गतिविधियों एवं विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से मजबूत व्यावसायिक समुदाय के निर्माण की दिशा में कार्य करता है। अगर आप बीसीआई चित्तौड़गढ़ के सदस्य बनना चाहते हैं तो कमलेश सोमानी से 98284 49993 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
श्रम विभाग के अधिकारियों ने उद्योगों एवं व्यवसायिक प्रतिनिधियों को दी विस्तृत जानकारी
उदयपुर, 26 अगस्त। “लेबर सेस अधिनियम राजस्थान में वर्ष 2009 से लागू है तथा भवन एवं अन्य सन्निर्माण श्रमिक कल्याण मंडल के माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के कल्याण हेतु विभिन्न योजनाओं के संचालन के लिए उपकर राशि का उपयोग किया जाता है।“
उपरोक्त जानकारी सहायक श्रम आयुक्त श्री महेन्द्र सिंह राठौड़ ने यूसीसीआई में दी।
उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री द्वारा राज्य सरकार के श्रम विभाग के संयुक्त तत्वावधान में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण उपकर अधिनियम, 1996 (बिल्डिंग एण्ड अदर कन्सट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर सेस एक्ट 1996) के संबंध में एक जागरूकता सत्र का आयोजन यूसीसीआई भवन के पायरोटेक टेम्पसन्स सभागार में किया गया।
यूसीसीआई अध्यक्ष श्री संदीप बापना ने श्रम विभाग के अधिकारियों एवं कार्यक्रम में उपस्थित सदस्य प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने यूसीसीआई की विभिन्न गतिविधियों का संक्षिप्त परिचय देते हुए इस कार्यक्रम के आयोजन के उद्देश्य एवं उद्योग जगत के लिए इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
सत्र के दौरान सहायक श्रम आयुक्त श्री महेन्द्र सिंह राठौड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि असंगठित क्षेत्र में कार्यरत सिविल कंस्ट्रक्शन श्रमिकों तथा प्लम्बर, इलेक्ट्रीशियन, कारपेंटर, फ्लोरिंग, कलर एवं पेंट आदि से जुड़े श्रमिकों के कल्याण के उद्देश्य से भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण उपकर व्यवस्था लागू की गई है। राजस्थान में भवन एवं अन्य सन्निर्माण श्रमिक कल्याण मंडल का गठन 27 जुलाई 2009 को किया गया तथा इसी तिथि से उपकर के संग्रहण लागू होने की कट-ऑफ डेट निर्धारित की गई। निर्माण कार्य पर उपकर की देयता समयबाधित होने का कोई प्रावधान नहीं है।
श्री महेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि अधिनियम की धारा 3 के अंतर्गत निर्माण लागत पर 1 प्रतिशत की दर से उपकर देय है। यह उन नियोक्ताओं द्वारा किए जाने वाले भवन एवं अन्य सन्निर्माण कार्यों पर लागू होता है, जिनमें 10 या उससे अधिक निर्माण श्रमिक नियोजित होते हैं।
उपकर की गणना के संबंध में श्री राठौड ने बताया गया कि निर्माण कार्य की कुल लागत में भूमि की कीमत तथा म्उचसवलममे’ ब्वउचमदेंजपवद ।बज, 1923 के अंतर्गत श्रमिक अथवा आश्रितों को भुगतान की गई क्षतिपूर्ति शामिल नहीं होती। साथ ही, ₹10 लाख तक की लागत वाले निजी आवास निर्माण कार्य पर उपकर देय नहीं है। प्रत्येक नियोक्ता के लिए निर्माण कार्य की सूचना प्रपत्र-1 में उपकर निर्धारण अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना आवश्यक है।
कार्यक्रम में उपकर के निर्धारण, भुगतान प्रक्रिया, वैधानिक प्रावधानों, रिटर्न एवं ऑनलाइन अनुपालन, विलंबित भुगतान पर ब्याज, गैर-भुगतान की स्थिति में दण्ड तथा अपील प्रक्रिया पर भी विस्तृत जानकारी दी गई। प्रस्तुति के अनुसार विलंबित भुगतान पर 2 प्रतिशत प्रतिमाह ब्याज देय है तथा गैर-भुगतान की स्थिति में उपकर की राशि तक दण्ड लगाया जा सकता है। निर्धारित आदेश के विरुद्ध अपील श्रम आयुक्त, जयपुर के समक्ष तीन माह के भीतर की जा सकती है।
उपकर नियमों के अंतर्गत भुगतान की समयसीमा के बारे में श्री राठौड ने बताया कि उपकर सामान्यतः निर्माण कार्य पूर्ण होने अथवा अंतिम निर्धारण के 30 दिनों के भीतर जमा किया जाना है। एक वर्ष से अधिक अवधि वाले प्रोजेक्ट्स के लिए वार्षिक भुगतान का प्रावधान है तथा निर्माण अनुमति के समय अग्रिम उपकर भुगतान की भी व्यवस्था है।
श्रम निरीक्षक श्री गवरेश दवे ने बताया गया कि प्रत्येक नियोक्ता का दायित्व है कि निर्माण कार्य प्रारंभ होने के 30 दिनों के भीतर प्रपत्र-1 प्रस्तुत करे तथा किसी परिवर्तन / संशोधन की सूचना भी 30 दिनों के भीतर दी जाए। श्रम विभाग के अधिकारी निर्माण स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक दस्तावेजों एवं रजिस्टरों का सत्यापन कर सकते हैं तथा आवश्यकतानुसार माप एवं फोटोग्राफ भी ले सकते हैं।
श्रम निरीक्षक श्री हेमन्त शुक्ला ने उपकर की प्रयोज्यता, उपकर की गणना एवं भुगतान प्रक्रिया, नियमों एवं वैधानिक प्रावधानों, देय तिथियों एवं ऑनलाइन अनुपालन, विलंबित अथवा गैर-भुगतान के दुष्परिणाम तथा बेहतर अनुपालन के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री अंशुल मोगरा ने श्रम कानूनों के प्रभावी अनुपालन के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए। पूर्वाध्यक्ष श्री मनीष गलुण्डिया ने भी विचार रखे।
कार्यक्रम के प्रश्नोत्तर सत्र में सहायक श्रम आयुक्त श्री महेन्द्र सिंह राठौड़, श्रम निरीक्षक श्री हेमंत शुक्ला एवं श्री गवरेश दवे ने प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का समाधान किया। इस अवसर पूर्वाध्यक्ष पर भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में बडी संख्या में उद्योगों, बिल्डर्स, कॉन्ट्रैक्टर्स, डेवलपर्स एवं अन्य व्यावसायिक हितधारकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन मानद महासचिव श्री आशीष छाबड़ा द्वारा किया गया।
लेबर सेस पर यूसीसीआई में जागरूकता सत्र का आयोजन\
संस्कृत सप्ताह से संस्कृति चेतना तक—सात दिनों तक गूंजेगी संस्कृत की स्वर-लहरी
28 अगस्त से 3 सितंबर तक होंगे विविध आयोजन, 3 सितंबर को निकलेगी संस्कृति चेतना यात्रा
12 सितंबर को संस्कृत सम्मेलन में होगा प्रतिभाओं एवं प्रतियोगिता विजेताओं का सम्मान
पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़, जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी सहित जनप्रतिनिधियों ने किया संस्कृत सप्ताह एवं सम्मेलन के पत्रक का विमोचन
उदयपुर। संस्कृत भारती की ओर से उदयपुर में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक संस्कृत सप्ताह का आयोजन किया जाएगा। संस्कृत भाषा, भारतीय संस्कृति एवं जीवन-मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से सात दिनों तक विभिन्न विद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर रचनात्मक, सांस्कृतिक एवं जनसहभागिता आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संस्कृत सप्ताह के अंतर्गत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों तथा 12 सितंबर को प्रस्तावित संस्कृत सम्मेलन से संबंधित पत्रक का विमोचन जनप्रतिनिधियों एवं संस्कृत भारती के पदाधिकारियों की उपस्थिति में किया गया।
पत्रक विमोचन के अवसर पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व राजस्थान कैबिनेट चिकित्सा मंत्री श्री राजेंद्र राठौड़, राजस्थान सरकार के जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी, पूर्व ग्रामीण अध्यक्ष श्री चंद्रगुप्त सिंह चौहान सहित संस्कृत भारती से डॉ. यज्ञ आमेटा, दुष्यंत नागदा, श्रीयांश कंसारा, सत्यप्रिय, चैन शंकर दशोरा, मंगल जैन आदि उपस्थित रहे।
संस्कृत सप्ताह का उद्देश्य संस्कृत को केवल एक भाषा के रूप में नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान, संस्कृति एवं जीवन-दृष्टि से जोड़ते हुए समाज के सामान्य जनजीवन, विद्यार्थियों और युवाओं तक पहुंचाना है। सप्ताहभर चलने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से संस्कृत के प्रति रुचि, सहभागिता एवं गौरवबोध का वातावरण निर्मित किया जाएगा।
सात दिनों में होंगे विविध कार्यक्रम
28 अगस्त – संस्कृति रक्षण एवं रक्षा-सूत्र कार्यक्रम
जगदीश मंदिर परिसर में संस्कृति रक्षण एवं रक्षा-सूत्र कार्यक्रम के साथ संस्कृत सप्ताह का शुभारंभ होगा।
29 अगस्त – पौधारोपण कार्यक्रम
डीपीएस स्कूल में पौधारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण एवं भारतीय संस्कृति में प्रकृति के महत्व का संदेश दिया जाएगा।
30 अगस्त – पत्राचार द्वारा संस्कृत अभियान
समाज के विभिन्न वर्गों तक संस्कृत के प्रचार-प्रसार एवं जनजागरण के लिए पत्राचार अभियान चलाया जाएगा।
31 अगस्त – श्लोक प्रतियोगिता
महाराणा मेवाड़ पब्लिक स्कूल में विद्यार्थियों के लिए श्लोक प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
1 सितंबर – संस्कृत समूह गीत प्रतियोगिता
आलोक विद्यालय, हिरण मगरी में संस्कृत समूह गीत प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को संस्कृत की रचनात्मक अभिव्यक्ति से जोड़ा जाएगा।
2 सितंबर – श्लोक आधारित चित्रकला प्रतियोगिता
रॉकवुड्स हाई स्कूल में संस्कृत श्लोकों एवं भारतीय संस्कृति की भावभूमि पर आधारित चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित होगी।
3 सितंबर – संस्कृति चेतना यात्रा एवं शोभायात्रा
संस्कृत सप्ताह के समापन अवसर पर निंबार्क महाविद्यालय से संस्कृति चेतना यात्रा एवं भव्य शोभायात्रा प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गों से निकाली जाएगी। यात्रा के माध्यम से संस्कृत, संस्कृति एवं भारतीय जीवन-मूल्यों के प्रति जनजागरण का संदेश दिया जाएगा।
12 सितंबर को होगा संस्कृत सम्मेलन एवं प्रतिभा सम्मान
संस्कृत सप्ताह के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने के लिए 12 सितंबर को संस्कृत सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में पुरस्कार वितरण एवं प्रतिभा सम्मान समारोह भी होगा। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं के साथ संस्कृत एवं संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया जाएगा।
संस्कृत भारती की ओर से संस्कृत सप्ताह एवं संस्कृत सम्मेलन के सभी कार्यक्रमों में विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, संस्कृतप्रेमियों एवं समाज के विभिन्न वर्गों से अधिकाधिक सहभागिता का आह्वान किया गया है।
संस्कृति रक्षण से संस्कृति चेतना तक—सात दिवसीय संस्कृत सप्ताह उदयपुर में संस्कृत भाषा, भारतीय संस्कृति और संस्कारों के प्रति जनजागरण का व्यापक अभियान बनेगा तथा 12 सितंबर का संस्कृत सम्मेलन इस अभियान को सम्मान एवं उत्सव के रूप में आगे बढ़ाएगा।

