उदयपुर की झीलों में बोटिंग के नए नियमों पर जनता देगी राय
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यूडीए ने तैयार किया ड्राफ्ट, 15 दिन में मांगे सुझाव व आपत्तियां; झीलों की क्षमता के अनुसार तय होगी नावों की संख्या
उदयपुर, 29 जुलाई: उदयपुर की झीलों के संरक्षण और नौकायन व्यवस्था को वैज्ञानिक एवं सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन और उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) ने नई ड्राफ्ट बोटिंग नीति तैयार की है। इस प्रस्तावित नीति पर आम नागरिकों, पर्यावरणविदों, पर्यटन व्यवसायियों और संबंधित संस्थाओं से 15 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं।
जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि अब झीलों में असीमित संख्या में नावों के संचालन की अनुमति नहीं होगी। जल संसाधन विभाग प्रत्येक झील की कैरिंग कैपेसिटी का अध्ययन कर रिपोर्ट देगा और उसी के आधार पर नौकायन की सीमा तय की जाएगी। इससे झीलों पर बढ़ते पर्यावरणीय दबाव और दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी।
नगर निगम आयुक्त एवं जिला झील संरक्षण एवं विकास समिति के सदस्य सचिव अभिषेक खन्ना ने बताया कि नई नीति में सुरक्षा मानकों, जेट्टी संचालन, नौकायन प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। डीजल और पेट्रोल चालित नौकाओं के स्थान पर सोलर और ई-बोट्स को बढ़ावा देने का भी प्रस्ताव है।
15 दिन में भेज सकेंगे सुझाव
ड्राफ्ट नीति पर सुझाव और आपत्तियां सार्वजनिक सूचना जारी होने की तिथि से 15 दिनों के भीतर ई-मेल commudr@gmail.com या जिला झील संरक्षण एवं विकास समिति, नगर निगम उदयपुर में लिखित रूप से भेजी जा सकती हैं। प्राप्त सुझावों के आधार पर संशोधित प्रारूप तैयार कर अंतिम मंजूरी के लिए राजस्थान झील विकास प्राधिकरण को भेजा जाएगा।
