बाल संरक्षण पर सवाल : उदयपुर में 15 बाल गृह बंद, 603 बच्चे लापता
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उदयपुर, 24 मार्च: उदयपुर जिले में बाल संरक्षण व्यवस्था को लेकर चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पिछले एक वर्ष में संचालित 18 निराश्रित बाल गृहों में से 15 बंद हो चुके हैं, जिनमें रह रहे 603 बच्चे लापता बताए जा रहे हैं। इस गंभीर स्थिति को लेकर मानव तस्करी और बाल श्रम में धकेले जाने की आशंका जताई जा रही है।
जिला परिषद कार्यालय में आयोजित राजस्थान चाइल्ड एडवाइजर कमेटी (आर कैग) की बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। बैठक की अध्यक्षता डॉ. चंद्रगुप्त सिंह चौहान ने की। आर कैग महासचिव डॉ. शैलेंद्र पंड्या ने बताया कि पहले जिले में निराश्रित, अनाथ और असहाय बच्चों के लिए 18 बाल संरक्षण गृह संचालित थे, लेकिन पिछले एक साल में इनमें से 15 बंद हो गए। बंद हुए इन केंद्रों में रह रहे 603 बच्चों का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं है, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने आशंका जताई कि लापता बच्चों को मानव तस्करी या बाल श्रम में झोंका जा सकता है। इस पर सभी ने चिंता व्यक्त करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। बैठक के बाद आर कैग की टीम ने जिला कलेक्टर नमित मेहता को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मांग की गई कि लापता बच्चों की तुरंत खोजबीन कर उन्हें सुरक्षित वापस लाया जाए और बंद पड़े बाल गृहों को पुनः शुरू किया जाए। कलेक्टर नमित मेहता ने मामले को गंभीरता से लेते हुए समाज कल्याण विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी से फोन पर बात कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए और शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। इस पूरे मामले ने जिले में बाल संरक्षण व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
