LOADING

Type to search

राजस्थान सौर ऊर्जा में अव्वल, 2030 तक 43% बिजली का लक्ष्य

Local

राजस्थान सौर ऊर्जा में अव्वल, 2030 तक 43% बिजली का लक्ष्य

Share

पीएम-कुसुम योजना से ग्रामीण क्षेत्र को बड़ा लाभ
उदयपुर, 1 मई (संदीप कुमावत):
राजस्थान देश में सौर ऊर्जा उत्पादन का अग्रणी राज्य बन चुका है और अब सरकार ने 2030 तक कुल बिजली आपूर्ति का 43 प्रतिशत सौर ऊर्जा से करने का लक्ष्य तय किया है। वर्तमान में प्रदेश को करीब 36 हजार मेगावाट बिजली सौर ऊर्जा से मिल रही है, जो राष्ट्रीय उत्पादन का लगभग 27 प्रतिशत है। लगातार बढ़ती क्षमता के साथ राजस्थान ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत राज्य में 1808 सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिनसे 4 हजार मेगावाट से अधिक उत्पादन हो रहा है। इस योजना से करीब 2.62 लाख किसानों को दिन में कृषि कार्य के लिए बिजली मिल रही है। केंद्र सरकार ने कुसुम के विभिन्न घटकों के तहत राजस्थान को 10.7 गीगावाट परियोजनाएं स्वीकृत की हैं, जिनके बिजली खरीद समझौते भी हो चुके हैं।
हर माह बढ़ेगी उत्पादन क्षमता
आगामी समय में प्रदेश में हर माह 500 मेगावाट से 1 गीगावाट तक नई सौर परियोजनाएं स्थापित होने की संभावना है। डिस्कॉम्स ने अक्टूबर 2026 तक 6,700 मेगावाट अतिरिक्त क्षमता जोड़ने का लक्ष्य रखा है। साथ ही 4830 मेगावाट क्षमता के सोलर पार्क भी विकसित किए जा रहे हैं।
5 लाख घरों पर सोलर प्लांट का लक्ष्य
पीएम सूर्यघर योजना के तहत 5 लाख घरों में सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य है। इससे उपभोक्ताओं को 150 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ मिलेगा। सरकार का उद्देश्य किसानों को 2027 तक दिन में बिजली उपलब्ध कराना भी है।
स्टोरेज और स्मार्ट ग्रिड पर फोकस
सौर ऊर्जा के बेहतर उपयोग के लिए राज्य में ट्रांसमिशन सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है। 220 केवी, 132 केवी और 33 केवी के नए जीएसएस बनाए जा रहे हैं। साथ ही 2030 तक 7,000 मिलियन यूनिट ऊर्जा स्टोरेज की जरूरत को देखते हुए बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम विकसित किया जा रहा है, जिससे पीक समय में बिजली आपूर्ति सुचारू रहेगी।

Tags:

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *