राष्ट्रीय लेक्रोज फेडरेशन कप में राजस्थान का दमदार प्रदर्शन
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महिला एवं पुरुष दोनों वर्गों में रजत पदक जीत प्रदेश का बढ़ाया मान
उदयपुर, 15 मई: सुंदरनगर, हिमाचल प्रदेश में आयोजित तृतीय राष्ट्रीय लेक्रोज फेडरेशन कप प्रतियोगिता में राजस्थान की महिला एवं पुरुष दोनों टीमों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। प्रतियोगिता में राजस्थान टीम ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान बेहतरीन खेल, अनुशासन और संघर्ष का परिचय देते हुए लगातार जीत दर्ज कर फाइनल तक का सफर तय किया। फाइनल मुकाबलों में खिलाड़ियों ने अंतिम क्षण तक शानदार संघर्ष किया और राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान को नई पहचान दिलाई।
राजस्थान टीम में शामिल उदयपुर संभाग के जनजातीय क्षेत्र के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से सभी का ध्यान आकर्षित किया। महिला वर्ग में टीम की कप्तान सुनीता मीणा तथा पुरुष वर्ग में कप्तान मोहनलाल गमेती के नेतृत्व में खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में उत्कृष्ट तालमेल और खेल कौशल का प्रदर्शन किया। टीम की सफलता के पीछे प्रशिक्षक नीरज बत्रा का विशेष योगदान रहा, जिनके मार्गदर्शन और निरंतर प्रशिक्षण से खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रतियोगिता से उदयपुर पहुंचने पर राजस्थान टीम का संभागीय आयुक्त एवं लेक्रोज प्रवर्तक प्रज्ञा केवलरमानी, खेल प्रेमियों, सामाजिक संगठनों एवं शहरवासियों द्वारा भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। खिलाड़ियों का फूल-मालाओं, साफा एवं तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया गया। इस दौरान खिलाड़ियों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में खेल प्रेमियों ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद जनजातीय अंचल के खिलाड़ी आज राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान का नाम रोशन कर रहे हैं, जो पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है।
ओलंपिक खेल लेक्रोज में राजस्थान माइन्स एंड मिनिरल्स लिमिटेड (आरएसएमएमएल) द्वारा प्रायोजित राजस्थान टीम पिछले कई वर्षों से राष्ट्रीय स्तर पर निरंतर शानदार प्रदर्शन कर रही है। राजस्थान की महिला एवं पुरुष दोनों टीमें लगातार तीसरे वर्ष राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के फाइनल तक पहुंचकर प्रदेश में लेक्रोज खेल के बढ़ते स्तर को दर्शा रही हैं। खास बात यह रही कि टीम में अधिकांश खिलाड़ी उदयपुर एवं आसपास के जनजातीय क्षेत्रों से जुड़े हुए हैं, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में अभ्यास कर यह मुकाम हासिल किया है।
खिलाड़ियों की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर जनजाति विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा कि जनजातीय क्षेत्र की प्रतिभाएं आज पूरे देश में राजस्थान का नाम रोशन कर रही हैं और सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि इन खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणा है। वहीं उदयपुर ग्रामीण विधायक डॉ. फूल सिंह मीणा, गोगुंदा विधायक प्रताप गमेती एवं वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी ने भी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आने वाले समय में राजस्थान टीम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्णिम सफलता प्राप्त करेगी।
समाजसेवी गजपाल सिंह राठौड़, पुष्कर तेली, मनोज जोशी, कश्ती फाउंडेशन की श्रद्धा मुड़िया, राजस्थान लेक्रोज संघ के अध्यक्ष अशोक परनामी एवं संघ की सम्पूर्ण कार्यकारिणी ने भी खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि राजस्थान में लेक्रोज खेल तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में यह खेल प्रदेश के युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आएगा। जिला खेल अधिकारी डॉ. महेश पालीवाल ने खिलाड़ियों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर खेल जगत में नई पहचान बना रहे हैं।
एक भी भवन चिन्हिकरण से नहीं छूटे, शत-प्रतिशत स्वगणना आईडी का हो सत्यापन – श्री मल्लिक
जनगणना निदेशक ने ली बैठक
मकान सूचीकरण एवं मकान गणना के तहत फील्ड सर्वे 16 से
उदयपुर, 15 मई : भारत की जनगणना 2027 अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकान गणना के प्रथम चरण के तहत शनिवार से प्रगणकों द्वारा फील्ड सर्वे का कार्य प्रारंभ होगा। जनगणना निदेशक श्री बिष्णुचरण मल्लिक ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक ली। संभागीय आयुक्त सुश्री प्रज्ञा केवलरमानी तथा प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं कलक्टर गौरव अग्रवाल की उपस्थित में हुई बैठक में श्री मलिक ने 1 से 15 मई तक चली स्वगणना प्रक्रिया की समीक्षा की। 16 मई से प्रारंभ होने वाले मकान सूचीकरण एवं मकान गणना फील्ड सर्वे को लेकर तैयारियों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
बैठक के प्रारंभ में जिला जनगणना अधिकारी दीपेंद्रसिंह राठौड़ ने जिले में जनगणना को लेकर अब तक संचालित गतिविधियों और उपलब्धियों के बारे में पीपीटी के माध्यम से जानकारी दी। इसमें अवगत कराया कि उदयपुर जिले में स्वगणना के तहत लगभग 25 हजार लोगों ने पोर्टल के माध्यम से आॅनलाइन स्वगणना दर्ज की। फील्ड सर्वे के लिए जिले में कुल शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 22 चार्ज क्षेत्र तय किए गए हैं। इसमें कुल 3685 प्रगणक ब्लाॅक निर्धारित हैं। प्रगणक स्तर तक प्रशिक्षण आयोजित किए जा चुके हैं।
निदेशक श्री मल्लिक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनगणना कार्य के दौरान कोई भी भवन चिन्हिकरण से नहीं छूटना चाहिए। उन्होंने कहा कि चाहे भवन आवासीय हो, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, अस्पताल, विद्यालय अथवा अन्य किसी उपयोग का हो, सभी का शत-प्रतिशत सर्वे सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि 16 मई से 14 जून तक चलने वाले फील्ड सर्वे कार्य के लिए पर्याप्त समय निर्धारित किया गया है, इसलिए कार्मिक जल्दबाजी से बचते हुए पूरी सावधानी और गंभीरता के साथ सही जानकारी दर्ज करें। साथ ही स्वगणना के तहत प्राप्त प्रत्येक आईडी का अनिवार्य रूप से सत्यापन करने के निर्देश भी दिए।
भीषण गर्मी को लेकर विशेष सावधानी बरतने के निर्देश
बैठक के दौरान श्री मल्लिक ने वर्तमान भीषण गर्मी को देखते हुए प्रगणकों एवं सर्वे कार्मिकों की सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि अत्यधिक आवश्यकता नहीं होने पर दोपहर 2 बजे से 4 बजे के बीच तीक्ष्ण धूप और सर्वाधिक तापमान वाले समय में फील्ड सर्वे के लिए नहीं निकलें। यदि आवश्यक परिस्थितियों में जाना पड़े तो धूप और गर्मी से बचाव के लिए सभी जरूरी सावधानियां अपनाई जाएं। बैठक में नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना, गिर्वा एसडीएम अवुला सांईकृष्ण, उप जिला जनगणना अधिकारी पुनीत शर्मा सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
शत प्रतिशत उपलब्धि पर सम्मान
बैठक के दौरान स्वगणना कार्य के दौरान उल्लेखनीय उपलब्धि वाले मकान गणना ब्लाॅक की सराहना की गई। वहीं बड़गांव तहसील की प्रगणक प्रिया श्योराण को शत-प्रतिशत उपलब्धि पर निदेशक श्री मलिक, संभागीय आयुक्त सुश्री केवलरमानी तथा जिला कलक्टर श्री अग्रवाल ने प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर कन्वेंशन सेंटर में उदयपुर की प्रतिभाएं दिखाएगी हुनर
उदयपुर, 15 मई: जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित हो रहे ‘आरोहण’ नेशनल यूथ फेस्टिवल 2026 में इस बार उदयपुर संभाग की प्रतिभाएं राजस्थान का गौरव बढ़ाएंगी। केंद्र सरकार द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में कथक आश्रम, उदयपुर की छात्राएं राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुनी गई हैं।
इस राष्ट्रीय उत्सव में देश के चारों कोनों-उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम-से चुनी गई कुल 20 टीमें हिस्सा ले रही हैं। उदयपुर की इन छात्राओं ने अपनी कड़ी मेहनत और कथक व पारंपरिक नृत्यों में अपनी महारत के दम पर इस मंच तक जगह बनाई है। जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) माध्यमिक उदयपुर ने राजस्थान युवा बोर्ड एवं युवा मामले और खेल विभाग को सहमति पत्र भेजकर टीम की भागीदारी की पुष्टि की है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में उदयपुर संभाग की इस टीम ने सामूहिक कथक नृत्य प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त किया था, जिसके आधार पर इनका चयन राष्ट्रीय स्तर के लिए हुआ है।
इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीम में कोच चंद्रकला चौधरी, हीरा लाल चैधरी के साथ शुभांगी जैन, गिनिका सुहालका, प्रियांशी जोशी, सेजल सुहालका और पूजा चौबीसा शामिल हैं। कथक आश्रम की ये बेटियां अब कश्मीर की वादियों में राजस्थान की समृद्ध संस्कृति और कला का परचम लहराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
पशुओं को तापघात से बचाव हेतु एडवाइजरी जारी
उदयपुर 15 मई: भीषण गर्मी को देखते हुए पशुपालन विभाग ने पशुपालकों के लिए विशेष सतर्कता बरतने की एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने चेताया है कि तापमान में लगातार बढ़ोतरी और लू के असर से पशुधन के स्वास्थ्य के साथ दुग्ध उत्पादन क्षमता पर भी विपरीत असर पड़ सकता है।
अतिरिक्त निदेशक पशुपालन विभाग, उदयपुर डॉ. सुरेश कुमार जैन एवं राजकीय पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान उदयपुर के उपनिदेशक डॉ. द्वारकाप्रसाद गुप्ता के अनुसार तापमान में लगातार बढ़ोतरी एवं लू के असर से हालात बिगड़ने पर पशुओं में डिहाइड्रेशन, तापघात, तेज बुखार, दस्त और गर्भवती मादा पशुओं में र्भपात जैसी गंभीर स्थितिया बन सकती है। डॉ. सुरेश जैन ने बताया कि एडवाजरी के मुताबीक पशुओं को सुबह नौ बजे से शाम छः बजे तक सीधी धूप से बचाकर छायादार स्थानों, पेडों के नीचे या हवादार पशुबाड़ो में रखा जाए।
राजकीय पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान के उपनिदेशक डॉ. द्वारकाप्रसाद गुप्ता ने अवगत कराया कि भारवाहक पशुओं को यथासंभव प्रातः एवं सायंकाल में काम में लिया जाए तथा दोपहर के समय इन्हें आराम दिलाना चाहिए। वरिष्ठ पशुचिकित्साधिकारी डॉ. ओमप्रकाश साहू के अनुसार पशु चारा खाना बन्द करे अथवा सुस्त बीमार दिखाई देवें तो बिना देरी किये निकटतम पशु चिकित्सालय से संपर्क स्थापित कर परामर्शः एवं पर्याप्त उपचार प्राप्त करें। डॉ. जैन एवं डॉ. गुप्ता ने अवगत कराया कि एडवाजरी के अनुसार पशुओं के कल्याण के लिए कई विधिक प्रावधान हैं। इसमें पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 3 के अनुसार किसी जीव-जन्तु की देखभाल करने वाले या उसे रखने वाले प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह ऐसे जीव-जन्तु का कल्याण सुनिश्चित करनें के लिए तथा उसे अनावश्यक पीड़ा या यातना से बचाने के लिए सभी युक्तियुक्त उपाय करेगा। भार ढोने वाले और माल ढोने वाले पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण नियम, 1965 के नियम 6 (उपनियम ३) के अनुसार जिन क्षेत्रों में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहता हो वहां दोपहर 12 बजे से 3 बजे के मध्य पशुओं का उपयोग नहीं किया जाएगा और न करने दिया जाएगा।पशुओं के प्रति करता निवारण (पशुओं का पैदल परिवहन) नियम, 2001 के नियम 12 के अनुसार 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान पर किसी जानवर का पैदल परिवहन नहीं किया जाएगा।
वरिष्ठ पशुचिकित्साधिकारी डॉ. ममता सोनी एवं डॉ. सुरेश शर्मा के अनुसार पालतू श्वान एवं बिल्लियों का भी गर्मी से बचाव करना, पानी, छाया, सुबह 6 बजे से पहले एवं रात 8 बजे के बाद ही वॉक टाइम रखना सही है। कार में अकेला 5 मिनिट के लिए भी नहीं छोड़ें। मुर्गी पालको को भी गर्मी से बचाव हेतु सर्तकता बरतनी चाहिए। पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान के प्रशिक्षणार्थियों द्वारा गौशाला में जाकर उपरोक्त सबधित जानकारिया प्रदान की।
सम्मान के लिए आवेदन आमंत्रित
उदयपुर, 15 मई: जनजाति कार्यालय मंत्रालय भारत सरकार की ओर से 10 मई से 9 जून 2026 तक जनजाति गरिमा उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस उत्सव के कार्यक्रम की श्रृंखला में मंत्रालय द्वारा जनजाति वर्ग के ऐसे व्यक्तित्व/नायक जिन्होंने समाज सेवा, सामुदायिक नेतृत्व ,शिक्षा, संस्कृति, पारंपरिक ज्ञान, नावाचार, आधारभूत विकास इत्यादि क्षेत्रों में उल्लेखनीय व अद्वितीय योगदान प्रदान किया है के नामांकन 20 मई 2026 तक सम्मानित करने हेतु आमंत्रित हैं। उपायुक्त टीएडी निरमा बिश्नोई ने बताया कि उक्त श्रेणी के जनजाति व्यक्तित्व /नायक संपूर्ण विवरण (नाम,फोटो, कार्य क्षेत्र विवरण, शोर्ट वीडियो, एवं अन्य आवश्यक जानकारी) के साथ निर्धारित दिनांक 20 मई को शाम 5 बजे तक कार्यालय उपायुक्त जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग,टीआरआई परिसर ,अशोक नगर मैन रोड उदयपुर में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
ग्राम रथ यात्रा अभियान में किसानों को मिली योजनाओं की जानकारी
मल्टीक्रॉप थ्रेशर पर मिला 1.25 लाख का अनुदान
उदयपुर, 15 मई: राजस्थान सरकार की ग्रामीण एवं कृषि योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु चलाए जा रहे ग्राम रथ यात्रा अभियान के तहत मावली विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत ढूंढीया के ग्राम उदा खेड़ा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी दी गई।
अभियान के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ग्रामीणों को कृषि, पशुपालन एवं अन्य योजनाओं की विस्तृत जानकारी देकर लाभान्वित किया। एलईडी मोबाइल वैन के माध्यम से योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया गया।
कार्यक्रम में किसान भगवान लाल जाट एवं रामचंद्र जाट ने अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि कृषि विभाग द्वारा आधुनिक कृषि यंत्रों की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने ट्रैक्टर चालित मल्टीक्रॉप थ्रेशर खरीदने के लिए आवेदन किया। दस्तावेजों की जांच एवं स्वीकृति के बाद कृषि विभाग द्वारा उन्हें लगभग 1 लाख 25 हजार रुपये का अनुदान प्रदान किया गया।
किसानों ने कहा कि इस सहायता से खेती के कार्य में काफी सुविधा हुई है तथा उन्होंने कृषि विभाग एवं राजस्थान सरकार का आभार व्यक्त किया।
