भागवत कथा में धूमधाम से मनाया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
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कृष्ण जन्म प्रसंग सुन झूम उठा कथा पांडाल, श्रद्धालुओं ने लगाए जयकारेत्र
उदयपुर, 13 जून: बेदला ग्राम स्थित लाल बोट चौराहा सामुदायिक केंद्र में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चतुर्थ दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। कथा वाचक आचार्य साध्वी अनुराग ज्योति शास्त्री (पुष्कर) ने भगवान के विभिन्न अवतारों का वर्णन करते हुए कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म और आसुरी शक्तियां बढ़ीं, तब-तब भगवान ने अवतार लेकर धर्म की स्थापना की।
उन्होंने वामन अवतार, ध्रुव-प्रह्लाद चरित्र तथा भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि भागवत कथा का श्रवण दुर्लभ सौभाग्य है और इसकी शिक्षाओं को जीवन में उतारना ही वास्तविक भक्ति है। कृष्ण जन्म प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन होते ही पूरा कथा पांडाल जय श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति भाव में झूम उठे।
कथा में बताया गया कि मथुरा में कंस के अत्याचारों से व्यथित पृथ्वी की पुकार पर भगवान विष्णु ने देवकी के अष्टम पुत्र के रूप में श्रीकृष्ण अवतार लिया और धर्म की रक्षा की। कथा के अंत में आरती कर प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, श्रद्धालु एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।
