उदयपुर स्थापना दिवस पर गूंजे महाराणा उदयसिंह अमर रहे के नारे, बजट अभाव में बड़े आयोजन रद्द
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उदयापोल स्थित प्रतिमा पर पुष्पांजलि देकर मनाया स्थापना दिवस; नगर निगम से बजट नहीं मिलने पर सांस्कृतिक संध्या और कवि सम्मेलन स्थगित
उदयपुर, 20 अप्रैल: उदयपुर शहर के स्थापना दिवस के अवसर पर सोमवार सुबह उदयापोल स्थित महाराणा उदयसिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर स्थापना दिवस मनाया गया। इस दौरान “महाराणा उदयसिंह अमर रहें” के नारों से वातावरण गूंज उठा। शहर के प्रबुद्धजनों और सामाजिक संगठनों ने महाराणा उदयसिंह को नमन करते हुए उनके योगदान को याद किया। हालांकि, नगर निगम से बजट नहीं मिलने के कारण इस बार स्थापना दिवस के बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए, जिससे आयोजन सीमित स्तर पर ही संपन्न हुए।
लोकजन सेवा संस्थान की ओर से आयोजित समारोह में प्रतिमा का पंचगव्य स्नान कराया गया और उपस्थित जनों ने पुष्पांजलि अर्पित की। संस्थान के अध्यक्ष प्रोफेसर विमल शर्मा ने बताया कि वक्ताओं ने महाराणा उदयसिंह के जीवन और उनके जल प्रबंधन कार्यों को याद किया। उन्होंने कहा कि उदयसिंह के समय शहर में करीब 3000 छोटे तालाब और तलैया थे, जो उनकी दूरदर्शिता और जल संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं।
संस्थान के महासचिव जय किशन चौबे ने बताया कि नगर निगम के आर्थिक सहयोग से हर वर्ष आयोजित होने वाली प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक संध्या और कवि सम्मेलन इस बार रद्द कर दिए गए। इसका कारण वर्ष 2023 में स्वीकृत पुरस्कार राशि और अन्य बकाया भुगतान अब तक नहीं होना है। उन्होंने कहा कि पुराने भुगतान लंबित रहने के कारण इस वर्ष बड़े आयोजनों को रोकने का निर्णय लिया गया।
दूसरी ओर, पाथेय संस्थान द्वारा अशोक नगर स्थित विज्ञान भवन में एक दिन पूर्व कवि सम्मेलन एवं पुस्तक विमोचन समारोह आयोजित किया गया। इसमें प्रदेशभर के कवियों ने काव्य पाठ प्रस्तुत किया और साहित्यकारों ने उदयपुर की सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डाला। स्थापना दिवस पर शहरवासियों ने महाराणा उदयसिंह को श्रद्धांजलि तो दी, लेकिन बजट अभाव के चलते इस बार उदयपुर स्थापना दिवस की सांस्कृतिक भव्यता फीकी नजर आई।
