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सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस फिर चर्चा में, हाईकोर्ट के फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी

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सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस फिर चर्चा में, हाईकोर्ट के फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी

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उदयपुर, 22 अगस्त: बहुचर्चित सोहराबुद्दीन शेख कथित फर्जी एनकाउंटर मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। 2005 में हुए इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा 22 आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले को बरकरार रखने के बाद अब सोहराबुद्दीन के भाई नयाबुद्दीन शेख की ओर से सुप्रीम कोर्ट का रुख किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इस याचिका की सुप्रीम कोर्ट में दाखिले की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल उपलब्ध सार्वजनिक रिकॉर्ड में नहीं मिली है।
7 मई को हाईकोर्ट ने खारिज की थी अपील
बॉम्बे हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम ए. अंखड़ की पीठ ने 7 मई 2026 को सोहराबुद्दीन के भाइयों रुबाबुद्दीन और नयाबुद्दीन की अपीलें खारिज कर दी थीं। दोनों ने दिसंबर 2018 में विशेष सीबीआई अदालत द्वारा 22 आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले को चुनौती दी थी। इनमें 21 पुलिसकर्मी शामिल थे।
हाईकोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष का मामला मुख्य रूप से परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित था, लेकिन घटनाओं की कड़ी पूरी तरह स्थापित नहीं हो सकी। अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि मुकदमे में अभियोजन ने 210 गवाह पेश किए, जिनमें से 92 गवाह अपने पूर्व बयानों से मुकर गए।
2005 से चली आ रही कानूनी लड़ाई
सोहराबुद्दीन शेख की 26 नवंबर 2005 को गुजरात में पुलिस मुठभेड़ में मौत हुई थी। उनकी पत्नी कौसर बी की भी हत्या का आरोप सामने आया था। इसके बाद 28 दिसंबर 2006 को तुलसीराम प्रजापति की गुजरात में पुलिस मुठभेड़ में मौत हुई। सीबीआई ने इन घटनाओं को कथित साजिश से जोड़ते हुए जांच की थी। मामले की जांच बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई को सौंपी गई और मुकदमा गुजरात से मुंबई स्थानांतरित किया गया। अब यदि नयाबुद्दीन शेख की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की जाती है और वह सुनवाई के लिए स्वीकार होती है, तो करीब दो दशक पुराने इस मामले में एक और महत्वपूर्ण कानूनी दौर शुरू हो सकता है।

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