जावर माइंस के टेलिंग बांध पहुंची सुप्रीम कोर्ट की हाई पावर कमेटी
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प्रभावित ग्रामीणों ने सुनवाई से बाहर रखने पर जताया आक्रोश, साधना मीणा ने टेलिंग से कानपुर गांव को होने वाले नुकसान बताए
खेरवाड़ा, 10 अगस्त (फूल शंकर डामोर: सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई पावर कमेटी ने सोमवार को हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की जावर माइंस के टेलिंग बांध का दौरा कर प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। इससे पहले उदयपुर जिला प्रशासन के तत्वावधान में जिला परिषद सभागार में हितधारक परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें उदयपुर संभाग के उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, राजसमंद और सिरोही से आए लोगों ने अरावली संरक्षण, खनन और इससे होने वाले प्रभावों को लेकर अपनी राय रखी।
समय बदले जाने और प्रवेश नहीं देने पर नाराजगी
ग्रामीण प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि जनसुनवाई का समय अचानक दोपहर 3 बजे से सुबह 10 बजे कर दिया गया, जिससे कई प्रभावित ग्रामीण पहुंच ही नहीं सके। जो लोग पहुंचे, उनमें कई को सभागार में प्रवेश नहीं दिया गया और कुछ को अपनी बात रखने का अवसर भी नहीं मिला। समय की पाबंदी के कारण भी लोग पूरी बात नहीं रख पाए। बाद में जावर माइंस में भी प्रवेश को लेकर नाराजगी सामने आई और मीडिया कर्मियों को भी अंदर जाने से रोका गया।
टेलिंग बांध पर बताई समस्याएं
पीपुल्स फॉर अरावली की संस्थापक सदस्य साधना मीणा, आदिवासी मजदूर किसान संगठन अध्यक्ष दुर्गा खराड़ी और एडवोकेट संगीता मीणा ने कमेटी के सदस्यों के साथ टेलिंग बांध का दौरा किया। साधना मीणा ने कानपुर गांव में टेलिंग से होने वाले कथित नुकसान, पशुओं में गंभीर बीमारियों और महिलाओं में बांझपन जैसी शिकायतों से कमेटी को अवगत कराया। इसके बाद कमेटी को टेलिंग बांध की अंतिम सीमा तक ले जाकर प्रभावित क्षेत्र की स्थिति दिखाई गई।

