एमपीयूएटी में होगा सभी जल स्रोतों का सर्वे
Share
कुलपति बोले- वर्षा जल का होगा बेहतर उपयोग, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की भी होगी जांच
उदयपुर, 27 जुलाई: महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी) परिसर में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सभी जल स्रोतों का व्यापक सर्वे कराया जाएगा। कुलपति प्रो. डॉ. प्रताप सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में स्थित कुएं, बावड़ियां, हैंडपंप, ट्यूबवेल सहित सभी जल स्रोतों का सर्वे कर उनकी वर्तमान स्थिति का आकलन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सर्वे के दौरान प्रत्येक जल स्रोत में उपलब्ध पानी की मात्रा, जल की गुणवत्ता, रेन वाटर हार्वेस्टिंग से जुड़े स्रोतों की स्थिति तथा हार्वेस्टिंग सिस्टम के सुचारु रूप से कार्य करने की जांच की जाएगी।
इस संबंध में वरिष्ठ जल मित्र डॉ. पी.सी. जैन ने कुलपति से मुलाकात कर वर्षा जल संरक्षण को लेकर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय की जिन इमारतों की छतों से वर्षा जल व्यर्थ बह रहा है, उसे पाइपलाइन के माध्यम से निकटवर्ती कुओं, बावड़ियों या अन्य जल स्रोतों में पहुंचाया जाए, ताकि भूजल स्तर बढ़ाने और जल संरक्षण को मजबूती मिल सके। कुलपति ने इस दिशा में शीघ्र सर्वे शुरू कराने और प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
